बालोद.। कृष्ण कुमार सूर्यवंशी, विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) बालोद (छ.ग.) के द्वारा आरोपी मो० असलम खान आ० अलाउद्दीन, उम्र-27 वर्ष, साकिन-नौलखा, पोस्ट-बरथारी बजारा, थाना-सहरसा, जिला-बनगांव (बिहार) को भारतीय दण्ड संहिता की धारा 363 के आरोप में पांच वर्ष का सश्रम कारावास व 1000/- रू० अर्थदण्ड, भा.द.वि. की धारा 366 के आरोप में सात वर्ष का सश्रम कारावास व 1000/- रू० अर्थदण्ड लैंगिक अपराध की धारा 6 के आरोप में 20 वर्ष का सश्रम कारावास व 1000/- रू० अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। व्यतिक्रम पर छः-छः-छः माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास से दण्डित किया गया।प्रकरण का संक्षिप्त विवरण बसंत कुमार देशमुख, विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो) के अनुसार-दिनांक 01-03-2023 को प्रार्थिया / पीड़िता थाना-बालोद में उपस्थित होकर आरोपी के विरूद्ध लिखित शिकायत रिपोर्ट दर्ज करायी कि आरोपी उसके गांव टंकी बनाने आया था, जो दिनांक 12-01-2023 को तुमसे प्यार करता हूँ बोलते हुए अपना मोबाईल नंबर दिया था, जिसके बाद उसकी आरोपी से मोबाईल से बातचीत होती थी। दिनांक 15-01-2023 को रात्रि 11:00 बजे जब वह बाथरूम जाने के लिए घर के बाहर निकली तो आरोपी उसे प्यार करता हूँ, शादी करूंगा बोलकर छोटू खान के घर के पास ले जाकर उसके साथ जबरदस्ती गलत काम किया और उसके बाद वह अपने किराये के मकान में किसी न किसी बहाने से उसे बुलाकर शादी का प्रलोभन देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाता था। बाद में पीड़िता को आरोपी द्वारा यह बताया कि वह शादीशुदा है, उसके तीन बच्चे भी है। तब पीड़िता आरोपी मो० असलम खान के विरूद्ध थाना बालोद में लिखित शिकायत दर्ज करायी। थाना बालोद द्वारा अपराध क्रमांक 98/2023 अंतर्गत संहिता की धारा 363, 366, 376 (2) (एन) एवं संरक्षण अधिनियम 2012 की धारा 4, 5 (एल), 6 का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। सम्पूर्ण विवेचना पश्चात् अभियोग पत्र दिनांक 13.04.2023 को प्रस्तुत किया गया। प्रकरण की विवेचना निरीक्षक नवीन बोरकर व म.प्र.आ.174 देवकुमारी साहू के द्वारा किया गया। न्यायालय द्वारा प्रकरण में आये साक्ष्य के आधार पर आरोपी को उक्त दण्ड से दण्डित किया गया
असलम ने शादीशुदा और तीन बच्चों का पिता होने की बात छिपाई, प्रेम जाल फैलाकर नाबालिग को फंसाया , किया शादी का प्रलोभन देकर दुष्कर्म, मिला अब 20 वर्ष का कारावास
