परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण-2024 परीक्षा से चार दिसंबर को परखा जाएगा बच्चों का शैक्षणिक स्तर
बालोद। डौण्डी लोहारा विकास खण्ड आदिवासी वनांचल ग्राम मड़ियाकट्टा के शासकीय पूर्व माध्यमिक एवं प्राथमिक विद्यालय में परख परीक्षा तैयारी के लिए पांच मूल्यांकन लिया जा चूका है। राज्यपाल पुरुस्कृत प्रधान पाठक दयालूराम पिकेश्वर ने बताया कि तैयारी से बच्चों में सीखने की क्षमता और ओ.एम.आर.शीट भरने तरीका जांचना, इसका मुख्य उद्देश्य है। स्कूलों में परख परीक्षा मूल्यांकन तीसरी छठवीं 9वीं के बच्चें 4 दिसंबर को राष्ट्रीय सर्वेक्षण परीक्षा होगा। राज्यपाल पुरुस्कृत प्रधान पाठक दयालूराम पिकेश्वर ने जानकारी दिया परख राष्ट्रीय शिक्षा नीति (N E P )2020 के कार्यान्वयन के भाग के रुप में लाँच किया गया है। जिसमें नए मूल्यांकन पैटर्न और नवीनतम शोध के बारे में स्कूलों यह एक नया राष्ट्रीय मूल्यांकन केन्द्र है जिसे N E P के तहत एक मानक निर्धारण निकाय के रूप में स्थापित किया गया। परख की स्थापना का उद्देश्य भारत में सम्पूर्ण मूल्यांकन प्रणाली को बढ़ाना है।
परख के लाभ: रटने वाली शिक्षा को खत्म किया जाएगा
यह नीति बच्चों की शिक्षा में सुधार लाएगी और उन्हें वास्तविक स्थिति को समझने में मदद करेगी।पाठ्यक्रम पूरा करने बजाय यह सीखने सिद्धांतों को स्थापित करने छात्रों की समझ को बहत्तर बनाने में मदद करेगी।
व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करना और बढ़ावा देना
परख छात्रों को कंप्यूटर प्रयोगशाला ओं ,विज्ञान, प्रयोगशालाओं वनस्पति विज्ञान प्राणी विज्ञान प्रयोग शाला ओं आदि की जानकारी व्यवहारिक रूप से सीखने का अवसर प्रदान करता है। इसके माध्यम से छात्र सिद्धांत ज्ञान पर निर्भर महसूस नहीं करेगें।
छात्रों पर बोझ कम होता है
परीक्षा में बोझ के कारण छात्र उदास हो जाते है और चिंतित महसूस करने लगते है।यह नीति छात्र मूल्यांकन प्रक्रिया का सही ढ़ंग से पालन करके छात्रों पर बोझ कम करने में मदद करती है।
उद्योग शिक्षा भी मिलेगी
इस तरह की शिक्षा प्रदान की जाती है कि छात्रों को व्यवसाय से संबंधित विषय जैसे गणित भौतिक विज्ञान और अन्य तकनीकी विषय पढ़ाई जाते है। पाठ्यक्रम न केवल स्कूल के लिए बल्कि कालेजों और नौकरियों के लिए भी उपयोगी हैं।
