हायर सेकेंडरी स्कूल सांकरा (ज)में ग्रामीण 8 नवम्बर को करेंगे तालाबंदी
हायर सेकेंडरी स्कूल भरदा कला में स्कूल भवन व शिक्षकों की मांग को लेकर ग्रामीण करेंगे धरना प्रदर्शन और आमरण अनशन
पूर्व में दोनों स्कूलों को दिया गया था आश्वासन, पर नहीं हुआ पूरा
हरिवंश देशमुख, बालोद। बालोद जिले के दो पुराने हायर सेकेंडरी स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था इन दिनों चरमराई हुई है। भवन व शिक्षकों की कमी को लेकर पालक, बालक व शिक्षण समिति पूर्व में शासन प्रशासन का ध्यान खींच चुके हैं, आश्वासन भी मिला था पर अभी तक जिला शिक्षा विभाग की लापरवाही से यह आश्वासन सिर्फ अश्वासन ही होकर रह गया है। व्यवस्था को लेकर विभाग द्वारा लगातार नजरअंदाज करने के कारण अब ग्रामीण पूरी तरह से आंदोलन के मूड में आ गए हैं। भरदाकला हायर सेकेंडरी स्कूल की समस्या को लेकर ग्रामीण जहां आज से धरना प्रदर्शन कर रहें हैं।

वहीं सांकरा हायर सेकेंडरी स्कूल में 8 नवंबर को तालाबंदी की जाएगी। गुंडरदेही ब्लाक के सबसे पुराने स्कूल शासकिय उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय भरदाकला कई समस्याओं से जूझ रहा है। खास तौर पर यहां स्कूल भवान ही नहीं है। पुराना भवन पूरी तरह से जर्जर हो गया है। बच्चे प्राइमरी व मिडिल स्कूल के भवन में बैठते हैं। बीते साल यहां स्कूल भवन के लिए 47 लाख रुपए की स्वीकृति दी गई थी, लेकिन उसका भी उपयोग नहीं हुआ। इसके अलावा यहां शिक्षकों की कमी भी लगातार बनी हुई है। पूरे क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण इस स्कूल की समस्याओ को लेकर जिला शिक्षा विभाग द्वारा लगातार अवहेलना की जा रही है। इसे लेकर ग्रामीणों में आक्रोश पनप रहा है। लगभग एक माह पूर्व यहां की समस्याओं को लेकर चक्का जाम किया गया था तब जल्द से जल्द यहां व्यवस्था की बात शिक्षा विभाग के अफसरों ने कही थी, पर वे अपना वादा नहीं निभा सके। इसके बाद अब आज से ग्रामीण धरना प्रदर्शन व आमरण अनशन पर बैठ रहे हैं।
वादे से मुकर गया शिक्षा विभाग

भरदा कला के ग्रामीणों का कहना है कि दिनांक 20 अगस्त 2024 पूर्व सूचना के आधर पर स्थानीय विधायक एवं ग्रामवासी, पालको के द्वारा स्कूल भवन के लिए स्वीकृति राशि 48 लाख के निरस्त होने एवं शिक्षकों की कमी को लेकर चक्का जाम किया गया था, लेकिन आज दिनांक तक न तो भवन के लिए राशि स्वीकृति प्रदान की गई और न ही शिक्षक की व्यवस्था की गई है, जबकि 20 अगस्त को प्रशासन के द्वारा लिखित में दिया गया था कि 6 सितम्बर 2024 को यदि शासन स्तर से स्वीकृति नहीं मिलती है तो जिला स्तर पर सीएसआर/डीएमएफ मद से स्वीकृत कर कार्य प्रारम्भ कर दिया जायेगा। ग्रामीणों का स्पष्ट रूप से कहना है कि स्कूल की समस्या की ओर ध्यान नहीं दिये जाने के कारण छात्र छात्राओं का भविष्य अंधकारमय हो रहा है। कमरों की कमी एवं शिक्षकों की कमी के कारण अध्यापन व्यवस्था चौपट हो रही है। इन्ही समस्याओं को लेकर आमरण अनशन करने बाध्य हुए हैं।ग्रामीण क्रांति भूषण साहू, नागेश देवांगन, भूपेंद्र साहू,भोपेन्द्र कुमार साहू,चन्द्रकांत साहू, कामता प्रसाद धन कर, पुरेन्द्र कुमार , लोकेश कुमार , आदि ग्रामवासियो ने प्रदर्शन करने की बात कही और गुरुवार से अनशन पर बैठ गए हैं।
सांकरा ज में 8 नवंबर को करेंगे तालाबंदी
वहीं शा.उ.मा.वि. सांकरा (ज) से स्थानांतरित किए शिक्षक विवेक धुर्वे को वापस पदस्थापना की मांग को लेकर सांकरा ज स्कूल में 8 नवंबर को तालाबंदी की जाएगी। स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष भूपत बघेल ने जानकारी देते हुए बताया कि कलेक्टर जनदर्शन में आवेदन दिए हैं जिसमें सांकरा (ज) में पदस्थ शिक्षक विवेक धुर्वे (वाणिज्य शिक्षक) को जिला शिक्षा अधिकारी बालोद के द्वारा अनावश्यक रूप से शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला पीपरछेड़ी व्यवस्थापन के रूप में पदस्थ कर दिया गया है। जबकि उक्त शाला में पूर्व से वाणिज्य के दो शिक्षक पदस्थ हैं। ऐसे में हमारी शाला सांकरा (ज) से पीपरछेड़ी व्यवस्थापन करना हम सभी छात्र/छात्राओं के साथ अन्याय है। जिससे हमारी पढाई बाधित हो रही है। चूंकि कुछ दिनों बाद अर्धवार्षिक परीक्षा एवं दो महिने बाद वार्षिक परीक्षा होने वाली है। इसके लिए अनुविभागीय अधिकारी एवं तहसीलदार एवं जिला शिक्षा अधिकारी बालोद द्वारा शाला प्रबंधन समिति की बैठक कर शिक्षक विवेक धुर्वे के संबंध में उचित पहल कर तत्काल शिक्षक व्यवस्था करने की बात कही गई थी। लेकिन करीब 15 दिन बीत जाने के बाद भी कोई व्यवस्था नहीं की गई।
शिक्षा विभाग कर रहा सभी को गुमराह
सांकरा के ग्रामीणों ने बताया कि समस्त छात्र/छात्राओं एवं प्रबंधन समिति को शिक्षा विभाग द्वारा गुमराह किया जा रहा है। हमारी शाला में जो शिक्षक विवेक धुर्वे (वाणिज्य) जो पीपरछेड़ी स्कुल भेजा गया है उसे तुरंत सांकरा (ज) स्कल भेजा जाये। अन्यथा सभी छात्र/छात्राएं अपने पालकों के साथ शुक्रवार 8 नवंबर को शाला बहिष्कार एवं तालाबंदी करेंगे।
