DAILY BALOD NEWS

EDITOR IN CHIEF – DEEPAK YADAV.9755235270

Advertisement

मनरेगा काम के दौरान रास नहीं आया पानी पिलाने वाले को मोबाइल में पंडवानी सुनना, कर दिया गैंती से हमला, अब मिला 5 वर्ष का सश्रम कारावास

बालोद। प्रधान विशेष / सत्र न्यायाधीश अंतर्गत अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम, एस.एल. नवरत्न, बालोद, जिला बालोद (छ.ग.) के द्वारा आरोपी सुरेन्द्र कुमार साहू उम्र-46 वर्ष, निवासी खैरकट्टा थाना-मंगचुवा, जिला-बालोद (छ.ग.) को भा.द.सं. की धारा 307 के अपराध में 05 वर्ष का सश्रम कारावास व 1,000/- रूपये अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।
प्रकरण की पैरवी शासन की ओर से भगवती प्रसाद साहू, विशेष लोक अभियोजक (एट्रोसिटी) बालोद (छ.ग.) के द्वारा किया गया जिसके अनुसार घटना की संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि प्रार्थी लोकेश कुमार मलिया ने दिनांक 07 मार्च 2019 को थाना मंगचुवा में इस आशय की सूचना दी कि, दिनांक 07. मार्च 2019 ग्राम खैरकट्टा में सत्तर राम हल्बा के खेत पर मनरेगा कार्य के तहत् भूमि सुधार कार्य चल रहा था। समय लगभग 1 बजे दोपहर को मन्नु लाल मलिया सागौन पेड़ के नीचे गांव के गोपी राम, चैन सिंह, जगदीश भंडारी, लोकेश कुमार आदि के साथ मिट्टी खोदकर आराम करते बैठे थे। मन्नू अपने मोबाईल से पंडवानी सुन रहा था कि कुछ दूर में पानी पिलाने का काम कर रहे आरोपी सुरेन्द्र कुमार साहू आकर पंडवानी सुनने से मना किया, जो मन्नु लाल द्वारा मोबाईल में पंडवानी गाना बंद नहीं करने पर सुरेन्द्र कुमार साहू द्वारा क्रोधित होकर मन्नु लाल मलिया को पास में रखे लोकेश कुमार के गैती से मन्नू के सिर में हत्या करने की नियत से प्राण घातक वार किया, इस बीच साथ में बैठे अन्य लोग बीच-बचाव किये । थाना डौण्डीलोहारा में अपराध दर्ज होने के पश्चात् नंबरी कायमी थाना मंगयुवा में किया गया। प्रार्थी के उक्त शिकायत के आधार पर आरोपी के विरूद्ध थाना मंगचुवा के उप निरीक्षक योगेन्द्र कुमार वर्मा के द्वारा भा.द.वि. की धारा 294, 506 (बी), 323 के अधीन अभियुक्त के विरूद्ध प्रथम सूचना पत्र क्र0 05/2019 पंजीबद्ध कर प्रकरण को विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान आहत् आदिवासी होने से उनके द्वारा जाति प्रमाण पत्र पेश करने पर 3(2) (V) एस.सी/एस.टी. एक्ट जोडी गयी। प्रकरण की अग्रीम विवेचना उप पुलिस अधीक्षक डॉ० अनुराग झा के द्वारा किया गया। प्रकरण में धारा 307 भा.द.वि. व 3(2) (V) एस.सी/एस.टी.एक्ट दर्ज किया जाकर माननीय न्यायालय में अभियोग पत्र पेश किया गया। प्रकरण में आये साक्ष्य के आधार पर अभियुक्त को उक्त दण्ड से दण्डित किया गया।

You cannot copy content of this page