अब भुगतान नहीं तो काम नहीं: पीएचई के ठेकेदारों ने लंबित समस्या को लेकर सौंपा ज्ञापन
बालोद। राज्यपाल छत्तीसगढ़ शासन, रायपुर के नाम से पी.एच.ई. ठेकेदारों ने भुगतान के समस्या के संबंध में अधिकारी को ज्ञापन सौंपा है। जिसमें ठेकेदारों ने कहा है कि पी.एच.ई. विभाग के जल जीवन मिशन अंतर्गत कराये जा रहे कार्यों का करीब 8 माह पूर्व तक की स्थिति में लगभग 90 सेपी 95% कार्य बालोद जिले के प्रायः सभी ठेकेदारों के द्वारा पूर्ण कर लिया गया है। लेकिन उसके बावजूद विभाग के द्वारा आज दिनांक तक ठेकेदारों का भुगतान नहीं किया गया है। जिसके चलते हम सभी ठेकेदारों को आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। यही नहीं भुगतान नहीं होने से ठेकेदार कर्ज तले दब चुके हैं। जिसके चलते आगे कार्य के लिए मजदूरी भुगतान एवं अन्य सामग्रियों के भुगतान के लिए भी राशि की समस्या होने से आगे कार्य करने में कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है। विभाग द्वारा पूर्व में जारी आदेशानुसार तथा शासन के द्वारा जारी गाईडलाईन के मुताबिक ठेकेदारों के द्वारा कई गांवों में कार्य पूर्णता के बाद क्लोरिनेटर मशीन स्थापित की गई थी लेकिन मशीन स्थापना के करीब 06 माह बाद पुनः क्लोरिनेटर मशीन को निकालने का आदेश जारी किया जा रहा है। ऐसे में ठेकेदारों द्वारा मशीन के लिए लाखों रुपए की राशि का भुगतान भी लंबित कर दिया गया है जबकि ठेकेदार विभाग के मापदंड एवं उनके मानकों एक अनुरुप मशीन का क्रय अग्रिम भुगतान के साथ कर चुके हैं। पूर्व में ठेकेदारों के द्वारा उपरोक्त मशीन का सिपेट रिपोर्ट सहित समस्त दस्तावेज कार्यालय में प्रस्तुत किया जा चुका है। यही नहीं जिले के बहुत से ठेकेदारों के द्वारा वर्ष 2022 में ही कार्य पूर्ण कर लिया गया है उसका बिल भी आज दिनांक तक विभाग से अप्राप्त है एवं कार्य पूर्णता के 02 वर्ष बाद तक फाइनल बिल भी नहीं बनाए जाने से पोर्टल में कार्य भी अपूर्ण दिया जा रहा है। जिससे ठेकेदार और विभाग की छवि धूमिल हो रही है। उपरोक्त मामले में जिले में कार्यरत ठेकेदारों द्वारा विभाग के उच्चाधिकारियों के समक्ष बार-बार निवेदन किया जा चुका है कि कार्य का फाइनल बिलिंग एवं भुगतान नहीं होने के कारण कार्य की प्रगति दिखाई नहीं दे रही है लेकिन इसके बाद भी विभागीय अधिकारी पूर्ण हो चुके कार्यों को भी आज तक पूर्ण न दिखाते हुए ठेकेदारों का भुगतान रोककर रखे हुए हैं। ठेकेदारों का जो 30% पेमेंट रोका गया है उसे अतिशीघ्र दिलाया जाए। ठेकेदारों ने कहा हमारे काम की प्रगति अफसरों द्वारा देखा जा सकता है जब तक हम लोगों का पेमेंट प्राप्त नहीं होगा तो हम लोग कार्य करने में असमर्थ हैं।

अनुबंध के अनुसार ठेकेदारों के द्वारा कार्य किया गया । जितना भी नियम लगाया जा रहा है अनुबंध के अनुरुप नहीं है, उच्च अधिकारियों के द्वारा जो नियम लगाया गया है उस नियम को हटाकर सरलीकरण नहीं किया जाता है तो समस्त ठेकेदारों द्वारा 28 अगस्त 2024 से बालोद जिले के समस्त ठेकेदार द्वारा कार्य बंद करने का आह्वान करते हैं। जिसकी संपूर्ण जवाबदारी शासन एवं प्रशासन की होगी। ये भी बात आई है कि ठेकेदारों द्वारा कई ग्रामों में कार्य पूर्ण कर लिया गया है उस गांव में पानी का स्रोत नहीं होने के कारण कार्य विलंब हो रहा है। मांगपत्र ज्ञापन देने के लिए दाऊद खान, रफीक ख़ान, उमा मंत्री, शंकर चैनानी, मोहन शर्मा, रवि जायसवाल, विशाल जैन,केश कुमार साहू पहुंचे थे।
