DAILY BALOD NEWS

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जन्माष्टमी पर हुआ ब्रह्माकुमारी आत्मज्ञान भवन में चैतन्य झांकी का आयोजन

बालोद।प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय आत्मज्ञान भवन आमापारा बालोद में प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर दो दिवसीय चैतन्य झांकी का आयोजन किया गया है।
चैतन्य झांकी का उद्घाटन बालोद एस.पी. भ्राता एस.आर. भगत जी, ए.एस.पी. भ्राता अशोक जोशी जी ब्रह्माकुमारीज बालोद की मुख्य संचालिका बी.के. विजयलक्ष्मी दीदी के कर कमलों से दीप प्रज्वलन करके किया गया। इस आध्यात्मिक झांकी में श्री कृष्ण के विभिन्न लीलाओं का चित्रण जैसे कि वासुदेव जी के द्वारा यमुना पार कर श्री कृष्ण जी को गोकुल पहुंचाना, कृष्ण जी का बाल-ग्वाल के संग माखन चुराना, यशोदा मैय्या द्वारा कृष्ण को डांटना, कृष्ण जी का शेष नाग को फांसना एवं राधा व गोपियों संग रास रचाना आदि को दर्शाया गया है।

इन सभी का आध्यात्मिक रहस्य बी.के. सरिता दीदी के द्वारा विस्तार पूर्वक समझाया गया।इस अवसर पर बालोद एस.पी. श्री एस. आर. भगत ने कहा कि आज पूरे संसार को आत्मज्ञान की तलाश है जो कि हमें ब्रह्माकुमारीज सेन्टर पर आने से पूर्ण हो जाती है। ए.एस.पी. श्री अशोक जोशी ने कहा कि जन्माष्टमी के अवसर पर श्री कृष्ण जी की विभिन्न लीलाओें के माध्यम से हम इस दुनिया में क्यों आएं है इन सब बातों को जानने का अवसर प्राप्त हुआ।

बी.के. विजयलक्ष्मी दीदी ने कहा कि जन्माष्टमी के दिन श्री कृष्ण के भक्त उनके चरित्र के आधार पर झांकियां तैयार करते और रथ आदि सजाकर उन झांकियों को पूरे नगर में घूमाते है, परंतु यह नहीं सोचते कि श्री कृष्ण का जीवन झांकियों के योग्य बना किस आधार पर? झांकियों को देखने के बाद हमें अपने जीवन में भी झांकना चाहिए कि जिस श्री कृष्ण का हम आह्वान करते है, उनके समान हमने आने वाले जीवन में कहां तक श्रेष्ठता को लाया है। अतः श्री कृष्ण का आह्वान करने के लिए पहले तो भारत वासियों को आहार, व्यवहार, विचार के शुध्दिकरण की आवश्यकता है। अंत में दीदी ने अतिथियों का आभार व्यक्त किया व सौगात भेंट कर सम्मानित किया गया।
इस तरह से श्री कृष्ण की मनोरम झांकी को देखने के लिए यहां अधिक संख्या में लोग उपस्थित रहे।

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