शासकीय कर्तव्यों के प्रति घोर लापरवाही करने पर प्राथमिक शाला कोरगुड़ा के प्रधानपाठक और संकुल समन्वयक दुधली को किया गया निलंबित
ग्राम कोरगुड़ा में स्कूल की छत का प्लास्टर गिरने पर जिला शिक्षा अधिकारी ने की कार्रवाई, असुरक्षित भवन में बच्चे और सुरक्षित भवन में खुद बैठते थे प्रधान पाठक
बालोद। डोडी लोहारा ब्लॉक के कोरगुडा प्राइमरी स्कूल में बुधवार को क्लास के दौरान ही बच्चों के ऊपर प्लास्टर गिर गया था। बच्चों को जर्जर भवन में बैठाकर पढ़ाया जा रहा था। इस घटना में चार बच्चे घायल हो गए ।जिन्हें जिला अस्पताल बालोद में भर्ती कराया गया। जहां इलाज जारी है । घटना की जानकारी मिलने पर लोहारा की विधायक अनिला भेड़िया, जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष चंद्रप्रभा सुधाकर सहित अन्य जनप्रतिनिधि और कांग्रेसी भी बच्चों की स्थिति जानने के लिए जिला अस्पताल पहुंचे थे। वहीं पुलिस प्रशासन भी अलर्ट हो गया। शिक्षा विभाग के अधिकारी भी पहुंचे ।पुलिस और शिक्षा विभाग की टीम मौके पर जहां घटना हुई वहां भी देखने के लिए पहुंची। और पूरी स्थिति का रिपोर्ट बनाया गया। जिसमें लापरवाही प्रधान पाठक की पाई गई। यह भी मालूम हुआ की शासन द्वारा अतिरिक्त भवन एक बना था। लेकिन वहां बच्चों को ना बैठा कर वह खुद का कार्यालय बनाकर रखा था। और बच्चों की जान खतरे डाली जाती थी। जिला शिक्षा अधिकारी श्री पीसी मरकले ने बताया कि जिले के डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के शासकीय प्राथमिक शाला कोरगुड़ा में स्कूल छत का प्लास्टर गिरने से शाला के 04 बच्चों के चोटिल होने की सूचना प्राप्त हुई। घटना की सूचना प्राप्त होते ही शाला का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में पाया गया कि शाला के मूल भवन का एक कमरा बच्चों के बैठने योग्य नहीं है। शाला में तीन अतिरिक्त कक्ष का निर्माण किया गया है। जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि पूर्व में विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी डौण्डीलोहारा द्वारा शाला प्रमुखों को निर्देशित किया गया था कि बच्चों को किसी भी स्थिति में असुरक्षित भवन में नही बैठाना है। उन्हें सुरक्षित कक्ष में ही अध्यापन कराया जाए। इस संबंध में शाला के प्रधान पाठक द्वारा 25 जुलाई 2024 को प्रमाण पत्र दिया गया है कि किसी भी जर्जर या टपकने वाली जगह में बच्चों को नहीं बैठाया जा रहा है। पुराना मूल भवन बंद कर दिया गया है। वर्तमान में उपयोग में लाई जा रही कक्षाएं अच्छी अवस्था में है। उन्होंने बताया कि निरीक्षण के दौरान प्रधान पाठक द्वारा बच्चों को नवीन अतिरिक्त कक्ष में न बैठाया जाकर पुराने भवन में ही अध्यापन कार्य कराया जा रहा है। नवीन अतिरिक्त कमरे को प्रधान पाठक द्वारा अपने कार्यालय के रूप में उपयोग में लाया जा रहा है। जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि संकुल केन्द्र दुधली के संकुल समन्वयक द्वारा दिनाँक 29 जुलाई 2024 को प्रतिवेदन भी प्रस्तुत किया गया था। जिसमें उनके द्वारा संकुल केन्द्र दुधली के समस्त शालाओं का मौके पर निरीक्षण कर सभी शालाओं की स्थिति ठीक होना प्रतिवेदित किया गया है। उन्होंने बताया कि संकुल केन्द्र के संकुल समन्वयक द्वारा संकुल अंतर्गत संचालित संस्थाओं का सतत रूप से निरीक्षण नहीं किया जाना प्रतीत होता है, जो उनकी शासकीय कर्तव्यों के प्रति घोर लापरवाही, स्वेच्छाचारिता तथा उदासीनता को प्रदर्शित करता है। इनका यह कृत्य छ०ग० सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के विपरीत है। फलस्वरूप छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण नियत्रंण एवं अपील) नियम 1966 में निहित प्रावधानों के तहत श्री यशवंत निर्मलकर, सहायक शिक्षक एल.बी. प्रा०शा० रेंघई (संकुल समन्वयक संकुल केन्द्र दुधली) वि०खं० डौण्डीलोहारा जिला बालोद को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है। निलंबन अवधि मे इनका मुख्यालय कार्यालय विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी बालोद नियत किया जाता है।
इसी प्रकार संस्था के प्रधान पाठक द्वारा उच्च कार्यालय द्वारा दिये गये निर्देर्शों की अवहेलना की गई है जो उनके शासकीय कर्तव्यों के प्रति घोर लापरवाही, स्वेच्छाचारिता तथा उदासीनता को प्रदर्शित करता है। इनका यह कृत्य छ०ग० सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के विपरीत है । फलस्वरूप छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण नियत्रंण एवं अपील) नियम 1966 में निहित प्रावधानों के तहत श्रीमती तुलसी देवी गोयल, प्रधान पाठक, शासकीय प्राथमिक शाला कोरगुड़ा विकासखंड डौण्डीलोहारा को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है। निलंबन अवधि में इनका मुख्यालय कार्यालय विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी डौण्डीलोहारा नियत किया जाता है।
