बालोद जिले में सामने आया मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना में भ्रष्टाचार, विभिन्न मरम्मत कार्य अधूरा और ठेकेदारो का हो गया भुगतान पूरा



निर्माण एजेंसी पीडब्ल्यूडी और आरईएस विभाग की मिली भगत

गोरेलाल सोनी, डौंडी । मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना तहत बालोद जिले के विभिन्न स्कूलों में अधूरे मरम्मत निर्माण कार्य के बदले निर्माण एजेंसी पीडब्ल्यूडी और आरईएस विभाग द्वारा ठेकेदारो को पूर्ण भुगतान कर दिए जाने का गंभीर मामला प्रकाश में आया है। जिससे निर्माण एजेंसी के जिम्मेदार अधिकारियों और सबइंजीनियरो के भूमिकाओं पर बड़ा प्रश्न चिन्ह और पूर्ण मिलीभगत की आशंका को बल मिल रहा है। वही पूर्ववर्ती सरकार के मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना मामले में वर्तमान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा कलेक्टरों को उच्चस्तरीय जांच आदेश दिए जाने के बावजूद इस दिशा में अब तक कोई जांच नही किया जाना प्रतीत हो रहा है। जिसके चलते बालोद जिला में मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना में जमकर भ्रष्टाचार होने का मामला गरमाया हुआ है।
गौरतलब है कि बालोद जिला के आदिवासी ब्लाक डौंडी सहित जिले के ग्रामीण अंचलों में संचालित विभिन्न शासकीय स्कूल भवनों की दयनीय स्थिति को ध्यान में रखकर पूर्ववर्तीय कांग्रेस सरकार द्वारा वर्ष 2023 में मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना तहत शाला भवनों के मरम्मत कार्य ,जीर्णोधार ,अतिरिक्त कक्ष निर्माण सहित अन्य कार्यों के लिए करोड़ों रुपयों की प्रशासकीय स्वीकृति राशि दिया गया है। किंतु उपरोक्त शालाओं के मरम्मत कार्यों की गुणवत्ता और अपूर्ण कार्यों पर सवालिया निशान लग गया है तो कई स्कूल भवनो की बदहाली को उच्चस्तरीय जांच में प्रत्यक्ष रूप से देखा जा सकता है। यदि इस मामले की सूक्ष्म जांच होती है तो किए गए बड़ी घोटालों के कई चौकाने वाली परिणाम खुलकर बाहर आ जाएंगे। जानकारी के अनुसार आदिवासी ब्लाक मुख्यालय डौंडी सहित ग्रामीण अंचलों के शासकीय स्कूलों में मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना तहत बालोद जिले के पीडब्ल्यूडी एवम आरईएस विभाग द्वारा कराए गए मरम्मत कार्यों में ब्लाक के शासकीय हाई स्कूल ग्राम बम्हनी में छत ढलाई बाद पानी सीपेज। प्राथमिक शाला खल्लारीपारा (लिमऊडीह) में टाईल्स एवम पुताई कार्य अपूर्ण। प्राथमिक शाला धनवापारा में टाईल्स,पुताई कार्य अपूर्ण अलावा ढलाई बाद छत से पानी सीपेज। प्राथमिक शाला बोहारडीह में ढलाई बाद पानी सीपेज। प्राथमिक शाला गिधाली में पुताई कार्य अपूर्ण व ढलाई बाद छत से पानी सीपेज। प्राथमिक शाला धूर्वाटोला में छत सीट बदला ही नही गया है वही इसी ग्राम के माध्यमिक शाला में ढलाई बाद छत सीपेज व कार्य अपूर्ण। प्राथमिक शाला भोलाईपारा ड्रमप्रूफ कार्य तथा पुताई कार्य अपूर्ण। माध्यमिक शाला अड़जाल के एक रूम तथा बरामदे में टाईल्स ही नही लगाया गया है। प्राथमिक शाला कोड़ेकसा में छत तोड़ने बाद मरम्मत कार्य अब तक पूर्णतः बंद। हायर सेकंडरी स्कूल चिखली में छत ढलाई बाद पानी सीपेज। हाई स्कूल बेलोदा स्कूल में कार्य अपूर्ण व वर्तमान में कार्य पूर्णतः बंद। प्राथमिक शाला भर्रीटोला में स्कूल भवन के पीछे प्लास्टर नही हुआ है। माध्यमिक शाला धोतिमटोला में स्कूल पुताई,कक्ष टाईल्स, ड्रमफ्रूफ कार्य अपूर्ण। प्राथमिक शाला दारूटोला में ठेकेदार द्वारा कार्य रुचि नहीं रखने से ड्रमप्रूफ नही। माध्यमिक शाला करियाटोला में भी ठेकेदार की अरूची के कारण कक्ष में टाईल्स,स्कूल पुताई और छत कार्य शेष। माध्यमिक शाला नर्राटोला में ढलाई बाद छत सीपेज। प्राथमिक एवम माध्यमिक शाला दोनों चिखली ग्राम स्कूल मे कक्ष टाईल्स और दरवाजा खिड़की नही लगाया गया है। प्राथमिक शाला चिपरा में खिड़की एवम रोशन कार्य अपूर्ण।हायर सेकंडरी स्कूल पटेली में 6नग अतिरिक्त कक्ष निर्माण अब तक निविदा स्तर में है। वही उच्चतर माध्यमिक विद्यालय आमाडुला में मरम्मत कार्य अब तक अप्रारंभ है। ठेकेदारो द्वारा ब्लाक में इस तरह के कार्यों को देखकर ग्राम गोटुलमुड़ा के ग्राम पंचायत द्वारा ग्राम के माध्यमिक स्कूल में कार्य करने से मना कर दिया गया है। जिले के आरईएस विभाग द्वारा डौंडी ब्लाक पर कराए गए मरम्मत कार्यों में प्राथमिक शाला ककरेल स्कूल का दीवार मरम्मत कार्य अब तक शेष। प्राथमिक शाला ग्राम खम्हारटोला,प्राथमिक और माध्यमिक शाला ग्राम खलारी व नयापारा, प्राथमिक शाला गुंदराटोला,प्राथमिक शाला खल्लारी नंबर 2 में संपूर्ण जीर्णोद्धार कार्य अब तक अपूर्ण। नवीन कन्या माध्यमिक शाला चिखलाकसा,माध्यमिक शाला आडेझर,माध्यमिक शाला कोटागांव,प्राथमिक शाला भर्रीटोला,माध्यमिक शाला दानीटोला के स्कूलों में सीपेज हो रहा है। तो माध्यमिक शाला पुत्तरवाही में कार्य ही अप्रारंभ है। वही ठेकेदारों द्वारा किए गए मरम्मत कार्यों के गुणवत्ता में प्रश्नचिन्ह लगाया जा रहा है। इसमें सबसे मजेदार बात ये है कि उपरोक्त सभी शालावार स्कूलों के मरम्मत कार्यों को पीडब्ल्यूडी और आरईएस विभाग बालोद जिला द्वारा भौतिक प्रगति में पूर्ण बताकर ठेकेदारों को अपूर्ण कार्यों का पूर्ण भुगतान कर दिया गया है। इस तरह निर्माण एजेंसी पीडब्ल्यूडी व आरईएस विभाग बालोद जिला द्वारा मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना में ठेकेदार से मिलीभगत कर शालावार स्कूलों में जमकर भ्रष्टाचार किया जाना प्रतीत हो रहा है। बालोद जिले के आदिवासी विकासखंड डोंडी के ग्रामीण अंचलों में मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना के तहत संचालित शाला भवनों में जीर्णोधार ,भवन मरम्मत / छत मरम्मत,अतिरिक्त कक्ष निर्माण ,शौचालय मरम्मत , बाउंड्रीवाल निर्माण ,नवीन शौचालय निर्माण,किचनशेड निर्माण ,जैसे अनेक कार्यों के लिए क्रमशः दो से दस लाख रु तक करोड़ों रुपयों की प्रशासकीय स्वीकृति मिली थी ,इन कार्यों को क्रियान्वयन हेतु पीडब्ल्यूडी व आरईएस विभाग बालोद जिला को बांट दिया गया, दोनो विभाग ने ठेकेदारों के द्वारा कार्य को पूर्ण कराने आबंटन करते हुए कार्यादेश जारी किया गया। विभागवार दिए गए कार्यों के गुणवत्तायुक्त कार्य को शासकीय मापदंड के अनुरूप कार्य कराने की जवाबदेही विभागीय अधिकारियों का है। सरकार जर्जर और विघटन योग्य स्कूलों की मरम्मत व अतिरिक्त भवन निर्माण कार्य के लिए मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना पर करोड़ो रूपये पानी की तरह बहाए लेकिन घोटालों की वजह से स्कूल अभी भी जर्जर स्थिति में है और बच्चे उसी जर्जर स्कूल में अध्ययनरत है। उक्त योजना के क्रियान्वयन में जमकर खेला हो गया है। याद हो कि इस योजना में जमकर धांधली होने की आशंका जाहिर करते हुए वर्तमान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा कलेक्टरो को जांच करने आदेशित किया गया था। परंतु इस दिशा डौंडी ब्लाक में जांच नही होने से शालावार स्कूलों में मरम्मत कार्यों पर जमकर खेला हो गया है। इसकी सूक्ष्म जांच होने से इस बात का भी खुलासा होगा कि इतने बड़े पैमाने पर हुए घोटाले का आखिर मास्टरमाइंड कौन है। इस पर जनपद पंचायत डौंडी उपाध्यक्ष पुनीत सेन का कहना है कि अनेक ग्राम पंचायत सरपचों द्वारा उक्त मरम्मत कार्यों के गुणवत्ता को लेकर शिकायत आ रही थी जिसे लेकर जनपद पंचायत सामान्य सभा की बैठक में ग्राम पंचायत के सरपंच, संबंधित शालाओं के प्रधान पाठक,शाला प्रबंधन समिति का कार्य पूर्णतः संबंध में संयुक्त रूप से पूर्णतः प्रमाण पत्र लिए जाने बाद ही निर्माण एजेंसी को अंतिम किस्त की राशि जारी किए जाने सर्वसम्मति से प्रस्ताव किया गया है फिर भी अधूरे मरम्मत कार्य के बदले पूर्ण भुगतान करना मिलीभगत को दर्शा रहा है। जिसकी निश्चित रूप से उच्चस्तरीय जांच कराया जाना चाहिए। पूर्व जनपद सदस्य अनिल सुथार ने कहा कि किसी भी मामले की जांच होती है तो उसी दोषी विभाग को जांच का जिम्मा दे दिया जाता है। इसलिए मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना के मरम्मत कार्यों की संपूर्ण मामले में दूसरे विभाग के उच्चाधिकारियों की जांच टीम का गठन कर सही दिशा में जांच कराई जानी चाहिए। इस संबंध में पीडब्ल्यूडी विभाग बालोद जिला के अधिकारी एम प्रसाद ई ने कहा कि डौंडी ब्लाक स्कूलों के मरम्मत कार्यों में ठेकेदारों का दस प्रतिशत राशि रोका गया है। वही आरईएस विभाग बालोद जिला के अधिकारी राजकुमार खोबरागड़े ने कहा कि मरम्मत कार्यों के ठेकेदारों का 6 प्रतिशत राशि विभाग द्वारा रोककर रखा गया है।

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