सबसे ज्यादा गुरुर क्षेत्र में दर्ज की गई बारिश, जिले में कुल 755 मिमी और औसत 108 मिमी बारिश हुई
बालोद। सावन लगने से पहले ही क्षेत्र में झमाझम बारिश हो रही है। लेकिन लगातार बारिश आफत भी बनती नजर आ रही है। इससे पूरे बालोद जिले में जनजीवन प्रभावित होने लगा है। कई इलाके में बिजली गुल है तो वहीं कई जगह मरम्मत के नाम पर बार-बार बिजली कटौती भी हो रही है। तो दूसरी ओर आफत बनी बारिश के चलते कई इलाके जल मग्न हो चुके हैं। भू अभिलेख शाखा बालोद द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार सबसे ज्यादा बारिश गुरुर ब्लॉक में 156.3 मिलीमीटर दर्ज की गई है। तो वही बालोद में 117.8 मिलीमीटर, लोहारा में 61.1, डौंडी में 58.5, गुण्डरदेही में 115.1 , अर्जुंदा में 123.2 देवरी तहसील में 123.9 , कुल 755.9 और औसत 108 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। 1 जून 2024 से अब तक की स्थिति में 3256.9 मिली मीटर कुल बारिश और औसत 465.3 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है। आंकड़ों के अनुसार लगातार हो रही बारिश ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। जो अब तक इस साल हुई हैं। बारिश से बालोद नगर ही नहीं ग्रामीण क्षेत्र के कई निचले इलाके भी जलमग्न हो चुके हैं। कई निचले घरों में पानी घुसने, कहीं मकान टूटने तो कहीं पेड़ उखड़ने तो कहीं बिजली तार टूटने की खबर सामने आई है।
धनगांव में घरों में घुसा पानी


डौंडी लोहारा क्षेत्र के ग्राम धनगांव में कृष्णा राम , तिलेश्वर तिंदा ,रामकुमार, सोमराज, रोहित केराम आदि के मकान में बारिश का पानी घुस गया है। जिसे निकालने में काफी मशक्कत हुई। बारिश में बैरागी तालाब के पास इरिगेशन विभाग द्वारा पानी पास होने के लिए बनाया गया सायफन जाम होने से रामनगर पारा वार्ड नंबर 14 धनगांव के घरों में पानी भर गया था। सरपंच तोषण चुरेन्द्र ने बताया कि इससे जनजीवन काफी प्रभावित रहा। लोगों को दूसरे दिन दिनभर पानी निकालना पड़ा। घर का काफी सामान भीग गया।
कसहीकला में फूटा तालाब, किसानों की फसल तबाह

इसी तरह ग्राम कसहीकला में एक तालाब फूटने से कई किसानों के खेतों की फसल खराब होने की बात सामने आई है। गांव के देवेंद्र साहू ने बताया कि लगातार बारिश से तालाब के पार का एक हिस्सा टूटकर बह गया है। जिससे तालाब का सारा पानी लगातार खेतों में भर गया है। जिससे फसल खराब हो गई है। राजस्व कृषि विभाग नुकसान के आकलन में जुटा हुआ है। हालांकि रविवार होने के कारण अभी विभागीय कार्यवाही में देरी है। कई जगह स्थानीय पटवारी नुकसान का नजरी आकलन करने के लिए पहुंचे हैं। इसी तरह और भी इलाकों में जल से जनजीवन प्रभावित होने की घटना सामने आई है ।
बोरी में फिर बाढ़ ,प्रशासन की नाकामी के कारण ऐसा हाल

इधर लाटाबोड़ से हल्दी बेलौदी मार्ग पर ग्राम बोरी के पास सेमरिया नाला में एक बार फिर बाढ़ आ गया है। रास्ता बंद हो गया है। लोगों को आने जाने में परेशानी हो रही है। खपरी के लक्ष्मी नारायण साहू ने बताया कि प्रशासन की नाकामी के चलते हर बार लोगों को मुसीबत झेलनी पड़ती है। नया पुल आज तक नहीं बना है। जबकि स्वीकृति हो चुकी है ऐसा जनप्रतिनिधि कहते हैं । लेकिन हकीकत में काम हो ही नहीं रहा।
मोंगरी में डूबा चारागाह

बारिश से ग्राम मोंगरी में गौठान पुरा डूब गया है शीतल साहू ने बताया गाय चराने के लिए जगह नहीं बचा है। भारी बारिश से जनजीवन भी प्रभावित है।


