यूपी के बदायू में 15 जुलाई को राष्ट्रीय स्तर पर होगा महाकुंभ: देश के सभी राज्यों के शिक्षक ,शिक्षिकाओं को राष्ट्रीय स्तर पर किया जाएगा सम्मानित



डांडेसरा की शिक्षिका बिंदिया विमला रानी गंगबेर राष्ट्रीय नारी शक्ति सम्मान के लिए हुई चयनित

गुरूर। गुरुर ब्लॉक के शासकीय प्राथमिक शाला डांडेसरा की शिक्षिका श्रीमती बिंदिया विमला रानी गंगबेर का राष्ट्रीय नारी शक्ति सम्मान हेतु चयन किया गया है। यह आयोजन 15 जुलाई को उत्तरप्रदेश के बदायूं में संत पाल राठौड़ स्मृति सम्मान समारोह के तहत किया जा रहा है। राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय पर सम्मानित हो चुके शिक्षकों के संगठन द्वारा हर साल यह आयोजन किया जाता है। जिसमें देशभर से चुनिंदा और नवाचारी गतिविधियों में संलग्न शिक्षकों को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित करने के लिए चयन किया जाता है। इसी क्रम में राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित होने का मौका शिक्षिका बिंदिया विमला रानी को भी मिला है। उनके द्वारा बच्चों को नवाचारी तरीके से शिक्षा दी जाती है। साथ ही बच्चों और गांव की महिलाओं सहित बुजुर्गों से उनके व्यवहार की सराहना होती है। बच्चों से उनका व्यवहार ऐसा है कि बच्चे उन्हें मैम ना बोलकर सिर्फ मां के नाम से संबोधित करते हैं। बच्चों के घर में भी पारिवारिक सदस्य की तरह वह जुड़ी हैं साथ ही उनकी माता और अन्य पालकों से भी वे लगातार जुड़ी रहती हैं और अपने बच्चों को शिक्षित करने के लिए प्रोत्साहित करती हैं। साथ ही गांव की महिला समूह की प्रेरणा स्रोत भी वह है। उनके नेतृत्व में तीन से चार महिला समूह का गठन भी हुआ है और वे महिलाएं आर्थिक बचत कर अपनी जिंदगी सवार रही है। इसके अलावा हरित क्रांति के तहत वह गांव में वृक्षारोपण भी करवा चुकी है। आज उनके नेतृत्व में लगाए पौधे सही देखभाल और संरक्षण के कारण पेड़ बनने लगे हैं। समय-समय पर महिलाओं को प्रोत्साहित करने का काम भी उनके द्वारा किया जाता है। सिर्फ डांडेसरा गांव ही नहीं बल्कि अपने गृह ग्राम जेवरतला में भी वह महिलाओं को आगे लाने के लिए काम कर रही हैं। उनके इन्हीं कार्यों सहित गांव के विकास में भी छोटे-छोटे योगदान के चलते उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर नारी शक्ति सम्मान के लिए चयनित किया गया है। इस उपलब्धि के लिए सभी महिला समूह की सदस्यों, ग्रामीण और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई दी है।

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