अच्छी पहल: बालोद जिले को डिस्पोजल मुक्त बनाने का प्रयास कर रहे हैं समाजसेवी राजेश सिन्हा, अब सिकोला के आयोजन में दिए 100 थाली, 100 गिलास



पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता अभियान को दे रहे बढ़ावा, सिन्हा परिवार प्लास्टिक के दुष्प्रभाव से भी कर रहे लोगों को जागरूक

बालोद। बालोद जिले के ग्राम सिर्राभांठा के रहने वाले राजेश कुमार सिन्हा और उनका परिवार विगत वर्ष से बालोद जिले को डिस्पोजल मुक्त बनाने का अनूठा प्रयास कर रहे हैं। वे विभिन्न सार्वजनिक आयोजन, धार्मिक आयोजनों सहित समाज को डिस्पोजल मुक्ति के लिए प्रोत्साहित करते हुए स्वयं के खर्चे पर थाली गिलास का सेट प्रदान कर रहे हैं। इसी क्रम में ग्राम सिकोला के श्री महर्षि मुक्त वाटिका बगीचा में आयोजित सत्संग के दौरान भी उनके द्वारा 100 गिलास और 100 थाली का सेट प्रधान कराया गया। बता दे की सिकोला में इन दोनों भगवत रसिक साजा आचार्य प्रवर पंडित वीरेंद्र चतुर्वेदी का प्रवचन 31 मार्च से 7 अप्रैल तक जारी है। जहां पर सिकोला सहित देवगहन, सलौनी, गुरेदा, भरदा खुर्द, रौना , ओड़ारसकरी, चीचा, तिलखैरी आदि ग्राम के श्रद्धालु जन सत्संग का लाभ उठा रहे हैं इन सबके बीच राजेश सिन्हा के प्रयासों के भी सराहना जमकर हो रही है। जिनके जरिए समाज को धार्मिक सहित सामाजिक, सार्वजनिक आयोजन के दौरान प्लास्टिक की चीजों को छोड़ने और स्टील गिलास थाली को अपनाने का प्रयास किया जा रहा। परमानंद महर्षि मुक्तानंद के सानिध्य मुक्त वाटिका ग्राम सिकोला में राजेश सिन्हा के प्रयास के फल स्वरुप 100 थाली गिलास का सेट प्रदान कर पर्यावरण संरक्षण स्वच्छता और प्राकृतिक सौंदर्य को बनाए रखने के लिए छोटा सा कदम उनके द्वारा उठाया गया। उन्होंने समाज के लोगों को अपील किया कि इस तरह का छोटा सा छोटा प्रयास हर व्यक्ति को करते रहना चाहिए। ताकि समाज में बड़ा बदलाव आ सके।

इन ग्रामों में कर चुके थाली गिलास दान

राजेश सिन्हा द्वारा डिस्पोजल मुक्त बालोद जिला बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। इस पहल के तहत वे अब तक ग्राम चीचा, गोरकापार, खुरसुनी, मुड़िया, ओड़ारसकरी, नवागांव, घीना, कलंगपुर, तिलखैरी आदि गांव में भी स्टील के थाली और गिलास सेट प्रदान कर चुके हैं। जिनका इस्तेमाल वहां के विभिन्न समाज के लोग कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने अपने गृह ग्राम सिर्राभांठा के सभी समाज के लोगों को भी स्टील थाली गिलास प्रदान किया है। इस तरह से उनका मकसद है कि सार्वजनिक आयोजनों में होने वाले प्लास्टिक के उपयोग को खत्म किया जाए ताकि पर्यावरण का संरक्षण हो।

विभिन्न उद्देश्यों को लेकर कर रहे हैं काम

ज्ञात हो कि राजेश सिंह द्वारा विभिन्न उद्देश्यों को लेकर कार्य किया जा रहा है ।सिर्फ प्लास्टिक मुक्त जिला बनाना ही उनका उद्देश्य नहीं है, इसके अलावा वे और उनका परिवार पर्यावरण बचाने पेड़ पौधे लगाने सहित बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, समाज सेवा को बढ़ावा सहित अन्य प्रेरक कार्य कर रहे हैं। उन्होंने विभिन्न गांव में भी सार्वजनिक सुविधा के लिए विभिन्न निर्माण कार्य जैसे सीसी रोड, यात्री प्रतीक्षालय निर्माण भी अपने खर्चे पर करवाए हैं। उनका कहना है कि परिवार समाज गांव की सेवा में लोगों को हमेशा तत्पर रहना चाहिए। तभी देश की उन्नति में एक आम व्यक्ति का योगदान सार्थक साबित होगा।

प्लास्टिक डिस्पोजल से पर्यावरण के साथ सेहत को भी होता है खतरा

समाज सेवी राजेश सिन्हा का कहना है कि प्लास्टिक डिस्पोजल के इस्तेमाल से सिर्फ पर्यावरण को नुकसान नहीं होता है अपितु स्वयं के स्वास्थ्य पर भी खतरा रहता है। हमारी दिनचर्या में शामिल हो चुके प्लास्टिक के डिस्पोजल पत्तल आदि जब हम उपयोग के बाद फेंक देते हैं तो यह नष्ट नहीं हो पाता और पर्यावरण में हमेशा बने रहकर इसे नुकसान पहुंचाते रहते हैं। साथ ही उन्होंने बताया कि प्लास्टिक में मेट्रो सेमिन और बिस्फीनाल नाम के दो खतरनाक केमिकल्स होते हैं। जब हम चाय या कॉफी प्लास्टिक के कप में पीते हैं तो इसके माइक्रो प्लास्टिक के कण इसमें घुलने शुरू हो जाते हैं। हम जान भी नहीं पाते हैं कि यह हमारे शरीर के अंदर चले जाते हैं। हम प्लास्टिक को बिना कुछ सोचे समझे खा लेते हैं। यह कण शरीर में जाकर आंत से चिपक जाते हैं। जिससे पाचन तंत्र कमजोर हो सकता है। हम डायरिया जैसी बीमारी से पीड़ित हो सकते हैं। हमारी किडनी तक में नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। गर्भवती महिला को भूलकर भी प्लास्टिक के डिस्पोजल में चाय या काफी नहीं देनी चाहिए
यह बच्चों के लिए भी खतरनाक हो सकता है। प्लास्टिक के खतरों को कम करने के लिए बाजार में पेपर कप आया है। लोगों को इससे जरा राहत महसूस हुई है लेकिन आपको जानकार यह आश्चर्य होगा कि कप और प्लास्टिक कप के बीच में कोई अंतर नहीं है। क्योंकि पेपर कप प्लास्टिक से ही बनता है। पेपर कप को बनाने के लिए हाइड्रोफोबिक फिल्म की एक लेयर चढ़ती है। यह प्लास्टिक से ही बनी होती है। इस तरह समाजसेवी राजेश सिन्हा लोगों को स्टील के थाली गिलास बांटने के साथ प्लास्टिक के होने वाले दुष्प्रभाव से भी लोगों को जागरुक कर रहे हैं ।ताकि लोग अपनी दिनचर्या में भी प्लास्टिक की चीजों का त्याग करें और अपनी सेहत सहित पर्यावरण का सुधार करें।

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