मेवात की घटना से फूटा आक्रोश, बालोद में हुआ पुतला दहन, बजरंग दल कर रहा देशव्यापी प्रदर्शन



बालोद। मेवात में हुई घटना के विरोध में क्रूर जेहादियों के खिलाफ समस्त भारतवर्ष में 2 अगस्त बुधवार को प्रदर्शन हुआ। इस मामले में बालोद जिला विश्व हिंदू परिषद बजरंग में पहली बार इतना आक्रोश देखने को मिला कि एक दिन पहले ही पुतला दहन और विरोध प्रदर्शन कर दिया गया। विश्व हिंदू परिषद बालोद जिला सहमंत्री सतीश विश्वकर्मा महेंद्र सोनवानी मोनू विश्व हिंदू परिषद जिला बालोद के निर्देशानुसार बजरंग दल बालोद जिला संयोजक उमेश कुमार सेन के नेतृत्व में बालोद नगर संयोजक तुषार कुमार ढीमर की उपस्थिति में पुतला दहन और धरना प्रदर्शन सफल रहा। जयस्तंभ चौक में पुतला दहन और धरना प्रदर्शन में बजरंग दल से नगर संयोजक तुषार ढीमर कमल बजाज आदि ठाकुर रोशन ढीमर जग्गू ढीमर बल्लू डब्बू यादव सुंदर चंद्राकर आशु कौशिक, श्याम नेताम, युगल किशोर,ईश्वर मेश्राम,विनोद गिरी गोस्वामी धर्माचार्य विश्व हिंदू परिषद, मनोहर यादव, पप्पू भारती,ज़िला सह संयोजक स्वप्निल शर्मा , प्रखंड संयोजक पंकज साहू ,संयोजक पुखराज ,खंड संयोजक जितेंद्र ,खंड संयोजक विरेंद्र साहू , खंड प्रमुख यशवंत मेश्राम सेवा प्रमुख मीनू राम, वेद व्याश कतलम, राज आर्यन ,धनंजय ,यश श्रिवास,ऋषभ ,भूपेश ,निखिल , यूवराज,कोड़ेवा से पुखराज देशमुख, संयोजक घनेश कुमार, सहसंयोजक नंदकिशोर, सहसंयोजक शीतलकुमार साहू, प्रेमचंद साई, लेखचन्द्र साहू, भूपेन्द्र विकास, सहत्य पिपरिया, उमेश यादव, करण साहू, लोमन देशमुख योगेश देशमुख निर्मलकर रोशन ढोलेर ढालसिंह निर्मलकर प्रवीण कुमार चरण देशमुख उम्लेश्वर पोषण निषाद राहुल पिपरिया पुरवीत राम साहू वासुदेव आदि शामिल हुए।

मेवात को नहीं बनने देंगे हिंदुओं का कब्रिस्तान: उमेश कुमार सेन, बजरंग दल जिला संयोजक

हरियाणा के मेवात में जो भी हुआ वह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। विश्व हिंदू परिषद के जिला संयोजक उमेश सेन ने आज कहा कि श्रावण में प्रतिवर्ष किसी भी सोमवार पर मेवात के अंदर भगवान शंकर का आशीर्वाद लेने के लिए महाभारत कालीन पांच मंदिरों में श्रद्धालु जाते हैं।
कल लगभग 20 से 25 हजार लोग पहुंचे हुए थे।अभी यात्रा शुरू हुए 15 मिनट भी नहीं हुए कि, उन पर उपद्रवियों ने गोलियां और पत्थर बरसाने तथा आगजनी शुरू कर दी। श्रद्धालुओं ने जब देखा कि परिस्थिति नियंत्रण से बाहर जा रही है, तो पीछे हटने का प्रयास किया, तो देखा पीछे से भी पत्थर बरस रहे हैं। उन पर पेट्रोल बम फेंके गए, बहुत मुश्किल से कुछ लोगों को बचाकर हम नलहड़ महादेव के मंदिर में वापिस लेकर आ सके। कुछ ही देर हुई थी वहां गए हुए कि उस मंदिर के सामने से भी दंगाई आ गये। कारों, बसों और अन्य वाहनों को आग लगानी और जो सामने दिखा उन पर गोलियां बरसनी शुरू हो गई। दो लोगों को गोलियां लगीं। लगभग सारे वाहन जला दिए या तोड़ दिए गए। जब पुलिस आती है तो पुलिस को देखकर उपद्रवी भागते हैं और पहाड़ियों पर चढ़कर तीनों तरफ से मंदिर में शरण लिए हुए महिलाओं, बच्चों और अन्य भक्तों पर गोलियां बरसाना शुरू कर देते है। एक भक्त बलिदान हो जाता है। कुछ अन्य लोगो को भी गोलियां लगती हैं। बहुत मुश्किल से प्रशासन ने उन पर नियंत्रण किया और उसके बाद वहां से निकाल करके पुलिस लाइन में लेकर आए। लेकिन तब तक यह दृश्य हम देख चुके थे कि पूरा मेवात मानो मिनी पाकिस्तान बन गया है। चारों तरफ से घेराबंदी हो गई है, जगह जगह यात्री घिरे पड़े हैं। कहीं मंदिरों, तो कहीं पुलिस चौकियों में शरण ली और उन मंदिरों में और चौकियों पर भी हमले किए गए।
उमेश सेन ने आरोप लगाया कि इस घटना के जिम्मेदार वे लोग हैं जो इन दंगाइयों को भड़काते हैं उनके भड़काने के कारण से ही, मुहर्रम व रामनवमी पर हमले होते हैं। अन्य कितने लोग बलिदान हुए है उनका पता लगाया जा रहा है, प्रशासन से भी इस बारे में सही आंकड़े नहीं मिल पा रहे हैं। घायलों की चिंता और उनके उचित उपचार की व्यवस्था की जा रही है।
लेकिन यह गंभीर आत्म विश्लेषण का अवसर है कि कल नूह में डायरेक्ट एक्शन की तरह का वातावरण बना था। मैं उन मोलवियों से भी कहना चाहूंगा जो किसी भी बहाने से भड़काने की कोशिश करते हैं, उसका ही यह दुष्परिणाम दिखाई दिया है। यह उचित नहीं है। यह आत्मघाती प्रवृत्ति है। उन्होंने पूछा कि छोटे छोटे बच्चों को आगे लाकर तुम आगजनी करवा कर, उनका कैसा भविष्य निर्माण कर रहे हो? वहां आप भले ही मेजोरिटी में होंगे, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि आप उसको हिंदुओं का कब्रिस्तान बना दोगे? यह दुष्कृत्य किसी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।

क्या है मांगे

जिहादी क्रूरता के विरोध में धरने प्रदर्शन किए गए और जिहाद का पुतला जलाया गया। इस आतंकी हमले के कारण बजरंग दल के दो कार्यकर्ताओं की निर्मम हत्या हुई है और समाज के दो अन्य व्यक्ति भी बलिदान हुए हैं, विश्व हिंदू परिषद की मांग है उन सबके परिवारों को एक एक करोड़ रुपया दिया जाए। जो घायल हुए हैं उनको 20 लाख रुपया तथा जिनकी गाड़ियां और बसें नष्ट हो गई हैं उनको पूरी तरह क्षति पूर्ति की जाए, जिसकी जिम्मेदारी भी सरकार को लेनी चाहिए। पूरे मेवात क्षेत्र को सील करके कांबिंग कराई जाए और एक एक जिहादी को पकड़कर सख्त से सख्त सजा दिलवाई जाए, तो ही मेवात में चल रहे इस हिंदू विरोधी, राष्ट्र विरोधी आतंक को रोका जा सकता है।

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