सरपंच को किया जा रहा है ग्राम समिति अध्यक्ष और संरक्षक द्वारा प्रताड़ित
बालोद। गुरूर ब्लाक के ग्राम पेवरो के सरपंच माधुरी देवी ज्योति के पक्ष में जिला सरपंच संघ एकजुट हो गया है। मामला दरअसल में ग्राम विकास समिति के पदाधिकारियों द्वारा सरपंच को प्रताड़ित किए जाने का है। जिस संबंध में विगत दिनों जिला सरपंच संघ द्वारा कलेक्टर जनदर्शन और थाने में शिकायत कर मामले में संज्ञान लेने और सरपंच के खिलाफ 27 जुलाई को होने वाले अविश्वास प्रस्ताव के मतदान को निरस्त करने की मांग की गई थी। साथ ही मांग की गई है कि जो भी आरोप लगाए हैं उसके पहले बारीकी से जांच की जाए और ग्राम समिति के अध्यक्ष बाहरू राम साहू, संरक्षक नंद किशोर साहू के विरुद्ध कार्रवाई की जाए। 27 जुलाई को ही अविश्वास प्रस्ताव को लेकर मतदान की तारीख तय की गई थी। इधर सरपंच अपना पद बचाने के लिए जिला सरपंच संघ की मदद से बिलासपुर में स्टे आर्डर लेने गई थी। देर शाम को स्टे ऑर्डर जारी हो गया और 27 जुलाई को फिर अविश्वास प्रस्ताव को लेकर मतदान स्थगित हो गया।

सरपंच संघ की एकजुटता यहां काम आई और जो भी लोग उन्हे प्रताड़ित कर रहें उनके खिलाफ शिकायत और कार्रवाई को लेकर जिले भर के सरपंच अब लामबंद हो गए हैं।जिला सरपंच संघ के अध्यक्ष पोषण लाल देवांगन पर आरोप लगाते कहा ग्राम विकास समिति के पदाधिकारियों द्वारा सरपंच को प्रताड़ित किए हैं। इस संबंध में सरपंच द्वारा भी स्वयं लिखित शिकायत की गई है। जिला सरपंच संघ के द्वारा लगाई गई आपत्ति के बाद एसडीएम कार्यालय में बुधवार को जिला सरपंच संघ के अध्यक्ष पोषण लाल देवांगन को अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया गया था। जहां पहुंचे जिला सरपंच संघ अध्यक्ष ने कहा कि सरपंच माधुरी देवी ज्योति के समर्थन में है। उनके साथ अन्याय नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि शिकायत मिली है कि सरपंच माधुरी देवी ज्योति के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव सम्मेलन 27 जुलाई 2023 को था जिसके संज्ञान में लेते हुए हमने उसे निरस्त कर जांच के बाद तारीख तय करने की मांग की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्राम समिति के अध्यक्ष राम बाहरु साहू और संरक्षक नंदकिशोर साहू द्वारा ग्राम पंचायत के प्रस्ताव एवं ग्राम सभा प्रस्ताव को मानने से इनकार करते हैं। ग्राम समिति के अध्यक्ष एवं संरक्षक द्वारा ग्राम पंचायत के पंचों को गांव बैठक में बुलाकर दबंगई दिखाते हुए दबाव बनाया जाता है कि सरपंच को अविश्वास प्रस्ताव से निकालना है। नहीं मानने पर गांव से बहिष्कृत किए जाएंगे या ₹50000 दंड लिया जाएगा। गांव में लगातार बैठक कर ग्राम पंचायत के सरपंच और पंचों को बैठक बुलाकर भयभीत करते हैं। जिसके कारण सरपंच गांव से बाहर रह रही है। पिछले 6 माह से कोतवाल द्वारा मुनादी कराकर बैठक आयोजित किया जाता है। जिसके कारण से सरपंच मानसिक रूप से प्रताड़ित हो रही है और कभी भी अप्रिय घटना घट सकती है। जिसकी संपूर्ण जवाबदारी शासन प्रशासन की होगी। संघ ने मांग की है कि ग्राम समिति के अध्यक्ष और संरक्षक के खिलाफ उचित कार्यवाही की जाए और सरपंच के अविश्वास प्रस्ताव को निरस्त किया जाए। ऐसा नहीं होने की स्थिति में जिला सरपंच द्वारा आंदोलन किया जाएगा।

जिला अध्यक्ष पोषण देवांगन ने कहा सरपंच संघ के संगठन का परिणाम है कि माधुरी ज्योति सरपंच ग्राम पंचायत पेवरो, जनपद पंचायत गुरुर, के लिए ग्राम समिति के अध्यक्ष एवं संरक्षक के भयभीति कृत्य के कारण पंचगन द्वारा 27 जुलाई को अविश्वास प्रस्ताव सम्मेलन को न्यायालय हाई कोर्ट द्वारा स्टे हो गया है। लेकिन ग्राम समिति के अध्यक्ष और वहां के संरक्षक द्वारा जो अविश्वास प्रस्ताव लाने का भयभीत कृत्य था और सरपंच को प्रताड़ित किया जा रहा था तथा ग्राम सभा प्रस्ताव एवं ग्राम पंचायत प्रस्ताव के कार्यवाही पर आपत्ती करने के आरोप में कलेक्टर एवं एसपी के पास जिला सरपंच संघ के द्वारा शिकायत किया गया था जिसका जांच और साक्ष्य दिनांक 26 जुलाई को थाना गुरुर एवं एसडीएम कार्यालय गुरुर में लगातार दोनों जगह बयान कथन कार्यवाही अलग-अलग हुआ है। जहां पोषण लाल देवांगन जिला अध्यक्ष सरपंच संघ बालोद ,सचिव मनीष गांधीजी ,मीडिया प्रभारी दानेश्वर सिन्हा जी ,बालोद ब्लॉक अध्यक्ष अरुण साहू , खिलावन साहू ,दिनेश सिन्हा, गिरीश निर्मलकर, जया साहू आदि सरपंच संघ के पदाधिकारी गुरुर के थाना एवं एसडीएम कार्यालय में माधुरी ज्योति , को न्याय दिलाने के लिए डटे रहे और उधर जिला सरपंच संघ के उपाध्यक्ष चूकेश्वर साहू , माधुरी ज्योति के सरपंच पद बचाने हेतु हाई कोर्ट न्यायालयीन प्रक्रिया में प्रयासरत थे। लेकिन शिकायत की अब तक उचित आदेश पारित नहीं हुआ है ना ही आरोपी के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध किया गया है। सरपंच संघ द्वारा आपस में सुलह कराने का प्रयास भी किया जा रहा है। नहीं तो जिला सरपंच संघ द्वारा आरोपी के विरुद्ध कार्यवाही की मांग किया जाएगा।
