बालोद। आज दक्षिण बस्तर के सुरम्य वनांचल दंतेवाड़ा अरनपुर पालनार की धरती नक्सलियों के खूनी वारदात से फिर रक्तरंजित हुई है। बस्तर के इतिहास को नक्सलियों के अमानवीय रक्त से अनेक बार लिखा जा चुका है चाहे घटना तड़मेटला, रानी बोदली या झीरम घाटी की दुर्दांत और जघन्य घटना क्यों न हो।नक्सलियों की बर्बर क्रूर और विभत्स चेहरा छत्तीसगढ़ की सौम्य धरती को कुरूप कर डाला है ।उनके अमानवीय और निर्लज्ज घटना से वनांचल की आदिम संस्कृति भी रक्त रंजित हुई है आज दंतेवाड़ा जिला के अरनपुर पालनार मार्ग पर उन्मादी नक्सलियों द्वारा किए गए बम विस्फोट से 11 जवान शहीद हो गए ।कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री का बयान आया था कि उनके शासनकाल में नक्सली घटना नहीं हुई है लेकिन नक्सलियों ने आज सरकार की लचर व्यवस्था की पोल खोल दी है ।छत्तीसगढ़ का नक्सली आतंक प्रदेश के लिए चुनौती है । प्रदेश के गृह मंत्रालय को हिदायत देना चाहिए कि नक्सली आतंक के रास्ते छोड़कर आदमीयत की राह चले ।उक्ताशय के विचार दंतेवाड़ा पालनार में हुई नक्सली आतंक पर प्रदेश कार्यसमिति सदस्य पिछड़ा वर्ग मोर्चा भाजपा एवं सदस्य दूरसंचार भारत सरकार जगदीश देशमुख ने व्यक्त किया।
श्री देशमुख ने कहा कि हम शहीदों की श्रद्धांजलि देकर अपने कर्तव्यों का इतिश्री कर लेते हैं जो जवान सरहदों पर अपनी जान की बाजी लगाकर शहादत को प्राप्त होते हैं वह अमूल्य और वंदनीय है। केंद्र तथा राज्य सरकार को मिलकर नक्सलवाद के समूल खात्मा के लिए कारगर ठोस कदम उठाना चाहिए। आखिर यह अंतहीन सिलसिला कब तक चलेगा।
