सीएम ने की थी यहां भंडार कक्ष निर्माण की घोषणा, नहीं हुआ अब तक काम, बालोद जिला आगमन से बढ़ी उम्मीद, यूनिट में शेड की भी जरूरत
बालोद। ग्राम बरही में बालोद जिले का पहला गोबर से प्राकृतिक पेंट बनाने का यूनिट शुरू किया गया है। पिछले महीने इसका उद्घाटन होने के बाद से लगातार यहां की 12 महिलाओं ने इस यूनिट का जिम्मा संभाला है। लगातार गोबर से प्राकृतिक पेंट बनाने में जुटी हुई है। इसकी बिक्री भी शुरू हो गई है। विगत दिनों इसकी पहली बिक्री 180 लीटर के साथ हुई। गुंडरदेही के एक ग्राहक ने उनसे यह प्राकृतिक पेंट खरीदा।

मां गौरी स्व सहायता समूह की महिलाएं यह पेंट बना रही हैं। पूरी यूनिट में लगभग 40 लाख की लागत आई है। काम को गति देने के लिए महिलाओं ने कुछ कर्ज भी लिए हैं तो कुछ राशि शासन से भी मिले हैं। 100 किलो गोबर और 100 लीटर पानी को मिलाकर 120 लीटर सीएमसी यानी कारबोक्सी मिथाइल सेल्यूलोज का निर्माण किया जाता है और इनमें फिर मशीनीकरण से प्राकृतिक पेंट तैयार किया जाता है। इमल्शन पेंट बनाने के लिए 20 लीटर सीएमसी से 100 लीटर पेंट तैयार हो जाता है। पेंट का रेट 225 रुपए प्रति लीटर के साथ 18 प्रतिशत जीएसटी है।
पांचवी से स्नातक तक पढ़ी महिलाएं संभाल रही जिम्मा
महिलाओं द्वारा गोबर से पेंट तैयार करने का काम यूनिट में बखूबी ढंग से संचालित किया जा रहा है। समूह में 12 महिलाएं जुड़ी हुई। जो पांचवी से स्नातक तक पढ़ी हुई है। अधिकतर गरीब और मध्यम वर्ग की रोजी मजदूरी करने वाली महिलाएं हैं। जो यहां अपना नया भविष्य गढ़ रहीं हैं। समूह अध्यक्ष शैल कुमारी सिन्हा स्नातक तक पढ़ी हुई है। जो प्रबंधन का काम भी देखती हैं। इसके अलावा मंजू मंडावी,लता बाई, पूर्णिमा बाई,लता बाई साहू, अमरावती, रीना निर्मलकर, खीर बाई, डीलेश्वरी यादव, कीर्ति निर्मलकर, मोहनी, सुनीता सिन्हा भी जुड़े हुए हैं। एक मशीन ऑपरेट करने के लिए महिलाओं ने अपने खर्च पर एक युवक को काम पर भी रखा है। गोबर से कैसे पेंट बनाया जाएगा इसके लिए रायपुर जरवाय की टीम द्वारा उन्हें प्रशिक्षण भी दिया गया है। 28 जनवरी से इस यूनिट का शुभारंभ किया गया है।
मुख्यमंत्री की घोषणा अब तक अधूरी, सोरर आगमन से जगी उम्मीद

महिलाओं द्वारा बेशक बेहतर कार्य किया जा रहा है लेकिन शासन-प्रशासन का इसमें सहयोग और अपेक्षित है। गौठान समिति बरही के अध्यक्ष नरेंद्र सिन्हा द्वारा पिछले साल 17 सितंबर को बालोद ब्लाक के ग्राम जगन्नाथपुर में भेंट मुलाकात कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से इस यूनिट के लिए भंडारण कक्ष निर्माण की मांग की थी जिस पर मुख्यमंत्री ने घोषणा की थी। लेकिन अब तक उनकी घोषणा पर अमल नहीं हुआ है। 19 फरवरी को पुनः उनका क्षेत्र के ग्राम सोरर में आगमन होने जा रहा है। इससे बरही के उक्त गौठान समिति को उम्मीद जगी है कि उनकी मांगों पर ध्यान दिया जाएगा। वहीं इस यूनिट में एक शेड निर्माण की भी अति आवश्यकता है ताकि गर्मी और बरसात के दिनों में बिना किसी परेशानी के महिलाएं यहां काम कर सकें।
शासकीय कार्यालयों के रंगाई-पोताई में करेंगे गोबर निर्मित पेंट का इस्तेमाल
कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने आदर्श गौठान बरही में जिले के प्रथम प्राकृतिक पेंट इकाई की शुरूआत होने पर गोबर से निर्मित होने वाली प्राकृतिक पेंट इकाई की स्थापना से एक नया अध्याय और भी जुड़ गया है। प्राकृतिक पेंट से पर्यावरण के रक्षा के साथ-साथ अन्य पेंटों के निर्माण में प्रयुक्त रासायनिक पदार्थों से होने वाले दूष्प्रभाव से रक्षा भी करेगी। उन्होंने कहा कि इस प्राकृतिक पेंट का मूल्य भी बाजार में मिलने वाली अन्य पेंटो से कम है। प्राकृतिक पेंट का उपयोग हम सभी शासकीय कार्यालयों के रंगाई-पोताई में करेंगे। बरही गौठान में प्राकृतिक पेंट इकाई की स्थापना होने से बरही एवं आसपास के गाॅव के लोगों को पेंट खरीदने के लिए बरही से बाहर नहीं जाना पड़ेगा। इस पेंट के उपयोग से किसी प्रकार की हानि नहीं होती तथा बरही में प्राकृतिक पेंट इकाई के निर्माण होने से ग्रामीणों को रोजगार भी मिलेगा।
