बालोद। चंद्रभान साहू जो कि पशुचिकित्सक विभाग में परिचारक के रूप में कार्यरत है, का वेतन एसबीआई बैंक बालोद के माध्यम से प्राप्त करता है, के खाते से 3 फरवरी 2019 को रात्रि 12 बजे से पहले 40 हजार और 12 बजे के बाद फिर से 40 हजार रु कुल 80 हजार रु का आहरण एटीएम से किसी अज्ञात व्यक्ति के द्वारा किया गया था, जिसकी जानकारी एसएमएस से होने पर उन्होंने तत्काल ही संबंधित बैंक के मैनेजर को लिखित शिकायत करने पर जांच कर रकम वापस करने की बात कही। फिर उस पर ही आरोप लगाने लगे कि आप के ही एटीएम कार्ड से उक्त आहरण हुआ, इस संबंध में खाताधारक के द्वारा एसपी और जिलाधीश बालोद को शिकायत कर, अपने मेहनत पसीने की कमाई हुई रकम को वापस दिलाने के लिए मांग किया । जब उनका धैर्य और हिम्मत टूटने लगा तो, बैंक के किसी अधिकारी ने उसे बताया कि, आपको न्याय अधिवक्ता भेष कुमार साहू ही दिला सकता है। पीड़ित खातेदार की ओर से अधिवक्ता भेष कुमार साहू बालोद के द्वारा उपभोक्ता फोरम दुर्ग में (बालोद में नही होने से) परिवाद पेश कर बताया कि, संबधित बैंक का यह दायित्व है कि, वह अपने खाताधारक के जमा रकम की सुरक्षित रखे और उनके सहमति और जानकारी के बिना किसी को भुगतान ना करें, लोग अपने घर में असुरक्षा की भावना के कारण से ही तो बैंक में रकम जमा करते है, बैंक ही अपने कर्तव्यों का पालन करने से असफल रहा है, जो सेवा में घोर लापरवाही और सुरक्षा में गंभीर तकनीकी त्रुटि का परिणाम है। परंतु दुर्ग उपभोक्ता फोरम के पीठासीन अधिकारी, अन्य 3 जिला के प्रभार में होने से न्याय के लिए संघर्ष करते विगत 4 वर्ष हो जाने से शीघ्र ही न्याय मिलने की संभावना की उम्मीद नही होने से राष्ट्रीय लोक अदालत में बैंक के द्वारा दी गई राजीनामा के प्रस्ताव को स्वीकार करने के कारण अधिवक्ता साहू के द्वारा मात्र मूल रकम ही खाताधारक को दिलाने में सफल हुए। सायबर ठगी के अपराध निरंतर बढ़ते जा है, अपराधी का पता नही चल पता है, ऐसे स्थिति में बैंक को उनकी तकनीकी चूक को साबित करने पर दुर्ग और बालोद जिला के अधिवक्ताओं और न्यायालीन कर्मचारियों तथा फोरम में उपस्थित अन्य पीड़ित लोगो ने अधिवक्ता श्री साहू को बधाई एवम शुभ कामना दी।
खाताधारक की सहमति के बिना एटीएम से सायबर ठग के द्वारा निकाले गए रकम 80 हजार रु को बैंक ने किया वापस, पढ़िए कैसे 4 साल की कानूनी लड़ाई के बाद ग्राहक को मिली जीत
