बहादुर कलारिन की धरती सोरर-चिरचारी में होगा सरहरगढ़ महोत्सव, मुख्यमंत्री के आगमन की हो रही तैयारी, जायजा लेने पहुंचे अधिकारी



बालोद/ गुरुर। गुरुर ब्लॉक के ग्राम सोरर, चिरचारी में सरहरगढ़ महोत्सव का आयोजन 19 फरवरी को होने वाला है। कलार समाज की इष्ट देवी मां बहादुर कलारिन की यह विशेष स्थल है। जहां पर उनकी माची भी बनी हुई है। इसी जगह पर छत्तीसगढ़ का कलार समाज सरहरगढ़ महोत्सव मनाता है। वर्षों से यह आयोजन होता आ रहा है। इस अवसर पर पूरे छत्तीसगढ़ से कलार समाज के लोग जुटते हैं। इस सरहरगढ महोत्सव में इस बार मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के आगमन की तैयारी जोर शोर से चल रही है। संभावित आगमन को देखते हुए स्थल का जायजा लेने के लिए स्वयं कलेक्टर कुलदीप शर्मा सहित पूर्व विधायक भैया राम सिन्हा और तमाम अधिकारी सोरर पहुंचे थे। जहां उन्होंने विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया और संबंधित विभाग के अफसरों को दिशा निर्देश दिया। बता दे कि समाज और नारियों के हित के लिए माता बहादुर कलारिन ने अपने ही बेटे की हत्या कर एक मिसाल पेश की थी। किवदंती अनुसार मां बहादुर कलारिन का असली नाम कलावती था। जिनके साथ विवाह कर एक हैहय वंश के राजा ने धोखा दिया था। जिसके प्रतिशोध में फिर बहादुर कलारिन के बेटे ने राजकुमारियों को बंदी बना लिया था और वह सब से विवाह करना चाहते थे। राजकुमारियों का जीवन बचाने के लिए बहादुर कलारिन ने अपने बेटे को खूब समझाया लेकिन वह नहीं माना। जिसके बाद नारियों के सम्मान की रक्षा के लिए बहादुर कलारिन ने अपने बेटे को मार डाला और खुद भी आत्महत्या कर ली। जिसके बाद कलावती का नाम बहादुरी के लिए जाना जाने लगा और वह अमर हो गई। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने विधायक संगीता सिन्हा की मांग पर बहादुर कलारिन के नाम से सम्मान भी दिए जाने की घोषणा की है। पुरातत्व विभाग ने उनके माची को स्मारक रूप में संरक्षित भी किया है। छग डड़सेना कलार समाज ने माता बहादुर कलारिन की कर्मभूमि एवं जन्मस्थली ग्राम सोरर में प्रदेश स्तरीय सरहरगढ़ कलार मेला महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। इस मौके पर प्रतिभावान विद्यार्थियों का सम्मान और परिचय सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। महिलाओं के द्वारा कलश यात्रा निकाली जाएगी। जिसमें बड़ी संख्या में समाज के लोग शामिल होंगे।

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