गौरैया और नर्मदा धाम छत्तीसगढ़ की धर्म नगरी, लाखों लोगों की आस्था का केंद्र, यहां शांति और समर्पण का भाव : कुंवर सिंह निषाद
बालोद/गुंडरदेही।
रविवार सुबह 9 बजे माघी पुन्नी के अवसर पर संसदीय सचिव एवं गुंडरदेही विधायक श्री कुंवर सिंह निषाद सुरसुली नर्मदा धाम पहुंच कर मां नर्मदा की पूजा-अर्चना की।
इसके बाद गौरैया धाम पहुंचे। जहां भगवान शिव के ज्योतिर्लिंग दर्शन, बूढ़ादेव मंदिर, बाबा गुरु घासीदास मंदिर, संत कबीर मंदिर, राम-जानकी मंदिर, दुर्गा मंदिर, भगवान जगन्नाथ, राधा-कृष्ण और पंचमुखी हनुमान मंदिर में पहुंच कर पूजा-अर्चना की और क्षेत्रवासियों की समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
इस दौरान वे मेला में आयोजित विभिन्न कार्यक्रम में सम्मिलित हुए और श्रद्धालुओं को माघी पुन्नी मेला की बधाई दी। वहीं उन्होंने मेला में पहुँचने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन की ओर से किए गए इंतजाम का जायजा लिया।
उन्होंने रात में भी अच्छी मुस्तैदी से सुरक्षा व्यवस्था संभालने अधिकारियों को निर्देशित किया।
लाखों लोगों की आस्था का केंद्र, मन की शांति के लिए यहां पहुंचना जरूरी
संसदीय सचिव श्री निषाद ने कहा कि गौरैया धाम और नर्मदा धाम लाखों लोगों की आस्था का केंद्र है।
अनादिकाल से यहां की पहचान एक धार्मिक नगरी के रूप में है। मान्यताओं के अनुसार सुरसुली नर्मदा धाम में साक्षात माता नर्मदा विराजमान हैं। जो एक कुंड से अवतरित हुई हैं। वहीं गौरैया धाम में सभी मंदिरों का समूह सर्व समाज को एक साथ मजबूती से खड़े रहने की प्रेरणा देता है। इन दोनों जगहों में हजारों भक्त शाही स्नान करने पहुंचते हैं। यहां पहुंचे पर आध्यात्मिक रूप से आत्म शांति और समर्थन का भाव जागृत होता है।




