बालोद। शासकीय घनश्याम सिंह गुप्त स्नातकोत्तर महाविद्यालय बालोद की इकाई राष्ट्रीय सेवा योजना के तत्वाधान में 12 जनवरी को राष्ट्रीय युवा दिवस (स्वामी विवेकानंद जी की जन्म जयंती) मनाया गया। इस शुभ अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री हंसमुख टुवानी (अध्यक्ष जनभागीदारी समिति महाविद्यालय बालोद) अध्यक्षता ,महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. (श्रीमती) श्रद्धा चंद्राकर ,विशिष्ट अतिथि प्रो.सी.डी. मानिकपुरी , प्रो. राघवेश पांडेय, प्रो. जे.आर.नायक , प्रो.आर.डी. सर एवं कार्यक्रम अधिकारी राष्ट्रीय सेवा योजना प्रो.जी.एन खरे जी, कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में श्री कौशल गजेंद्र (वरिष्ठ स्वयंसेवक राज्यपाल से सम्मानित), श्री प्रताप सिंह सार्वा, वरिष्ठ स्वयंसेवक स्टेट कैम्प ) , श्री टेकराम पटेल (वरिष्ठ स्वयं सेवक सी प्रमाण पत्र धारी ) उपस्थित थे। कार्यक्रम का शुभारंभ स्वामी विवेकानंद जी के प्रतिमा पर दीप प्रज्वलित एवं माल्यार्पण करके किया गया, मुख्य अतिथि टुवानी जी ने अपने उद्बोधन में स्वामी विवेकानंद जी के आदर्शों पर चलने की बात कही एवं सभी विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित होकर ध्यान केंद्रित करके उस लक्ष्य को पाने के लिए भरसक मेहनत करने को कहा। कार्यक्रम में अध्यक्षता कर रही महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. श्रद्धा चंद्राकर ने अपने वक्तव्य में स्वामी विवेकानंद जी के जीवनी को सभी के सम्मुख रखा जिसमें उन्होंने शिकागो विश्व सम्मेलन में स्वामी विवेकानंद जी के द्वारा प्रस्तुत किए गए भाषण की विवेचना की एवं सभी धर्मों में सबसे बड़ा मानव धर्म को बताया और कहा कि स्वामी विवेकानंद जिससे हम संस्कार ,दयाभाव , अनुशासन और सदाचार की भावना को अपने अंदर आत्मसात कर सकते हैं। विशिष्ट अतिथि प्रो. सी.डी. मानिकपुरी ने विवेकानंद जी के प्रचलित वाक्य उठो जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य की प्राप्ति ना हो इस बारे में चर्चा की एवं प्रो.राघवेश पांडेय जी के द्वारा दुनिया को जानने से पहले विद्यार्थियों को अपने अंदर की शक्ति और अपने आप को जानना को कहा। मुख्य वक्ता श्री कौशल गजेंद्र जी के द्वारा कार्यक्रम में उपस्थित राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक एवं महाविद्यालय के छात्र छात्राओं को मोटिवेट किया और स्वामी विवेकानंद जी के आदर्शों पर चलने की बात कही और विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों का मनोरंजन किया। विशिष्ट अतिथि प्रताप सार्वा के द्वारा सभी विद्यार्थियों को अनुशासन मे रहकर कर्तव्य पथ पर आगे चलने की बात कही । वरिष्ठ स्वयंसेवक टेकराम पटेल द्वारा मनुष्य का सबसे बड़ा गुण उसका व्यवहार है जिससे ही व्यक्ति की पहचान होती है और व्यक्ति आगे बढ़ता है इन बातों पर चर्चा की गई । कार्यक्रम के अंत में महाविद्यालय के वरिष्ठ स्वयंसेवक जिन्होंने राष्ट्रीय सेवा योजना में अपना सेवा भाव का परिचय दिया और जिन्होंने अपना व्यक्तित्व विकास किया, उनको “सी” प्रमाण पत्र और “बी” प्रमाण पत्र वितरण कर सम्मानित किया गया । साथ ही जो स्वयंसेवक इस वर्ष सात दिवसीय विशेष शिविर ग्राम गुजरा गए थे उन्हें भी प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन स्वयंसेवक लक्ष कुमार के द्वारा किया गया और यह कार्यक्रम राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम अधिकारी प्रो.जी.एन. खरे के मार्गदर्शन पर संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में वरिष्ठ स्वयंसेवक देवेंद्र कुमार साहू ,राहुल निषाद, देवर्षी बेल्सर, लोकेश्वर निर्मलकर, विश्वजीत बघेल , डिलेश्वर देशमुख, डोमार, खिलेंद्र गंगबोइर लक्ष कुमार साहू, शिवेंद्र कुमार, लोकेंद्र यादव, डीपनारायण द्विवेदी , सुरेंद्र कुमार, कामता मंडावी , वंदना यादव ,नम्रता साहू ,चेतना देवांगन, त्रिवेणी राजपूत ,रवीना ,मनीषा, कांक्षी,लोमेश्वरी, यामिनी कुरेशिया , इत्यादी स्वयंसेवक और विद्यार्थी उपस्थित थे।
महाविद्यालय बालोद की इकाई राष्ट्रीय सेवा योजना के तत्वाधान में राष्ट्रीय युवा दिवस (स्वामी विवेकानंद) जयंती मनाई
