बालोद। शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला मटिया में स्वामी विवेकानंद जयंती के अवसर पर / बच्चों द्वारा ड्राइंग एवं निबंध गतिविधि का आयोजन किया गया।
शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला मटिया के प्रधान पाठक डोमार सिंह चंद्राकर जी द्वारा स्वामी विवेकानंद के जीवन की कुछ शिक्षाप्रद घटनाओं का विस्तार पूर्वक बच्चों बताया गया।एवं सभी बच्चों को उनकी तरह कर्तव्य शील,
अनुशासनशील,कर्मठ एवं निरंतर आगे बढ़ने की जो संदेश दिया है उसी तरह विद्यार्थी जीवन में भी सभी को अपने सफलता के लिए आगे बढ़कर प्रयत्न करते रहेंगे की आवश्यकता है।
श्री परमानंद साहू जी के द्वारा बच्चों को उनके विभिन्न गुणों से रूबरू कराया गया ।
श्रीमती पुष्पा चौधरी जी के द्वारा स्वामी विवेकानंद के जीवन की कुछ विशेष घटनाओं का विस्तार पूर्वक बच्चों के सामने प्रस्तुतीकरण किया गया सभी बच्चों को एक ऑडियो भी सुनाया गया जिसमें स्वामी विवेकानंद की आत्मकथा एवं उनके विभिन्न विचारों को सुनाया गया।
इस प्रकार सभी छात्र-छात्राओं द्वारा स्वामी विवेकानंद जी के चित्र पर गुलाल एवं पुष्प अर्पित कर उनको याद किया गया । उन्हीं की तरह उनके के विचारों एवं उनके मार्गदर्शन पर चलने हेतु प्रयास करने की बात कही गई।।।बच्चों द्वारा स्वामी विवेकानंद जी के जीवन के बारे में लेखन एवं ड्राइंग भी बनाया गया।
शाला के समस्त शिक्षकों की उपस्थिति एवं बच्चों की उपस्थिति रही प्रधान पाठक के मार्गदर्शन आयोजन सम्पन्न हुआ। डी एस चंद्राकर,,पुष्पा चौधरी परमानंद साहू शिक्षक ,उमेन्द्र कुमार महेश्वरी , सतीश कुमार चौधरी ,
पुष्पा साहू ,सुनीता यादव ,टिकेश्वर यादव ,नीता चौधरीकी उपस्थिति रही। योगेश्वरी ,युवरानी , भूमिका ,खिलेंद्र उपेंद्र, अग्रसेन, चंद्र शेखर, मिथिलेश ,गोपीचंद, सेवन ,मनीष तानिया ,संजना, बाल कैबिनेट के सदस्यों के द्वारा चित्र बनाया गया
। स्वामी विवेकानंद जी की जीवन को बच्चों को अपने जीवन पर उतारना ही नहीं वरन सभी युवा पीढ़ी एवं समस्त मानव समाज को उनके आदर्श विचार, गुण एवं उनके कर्तव्य पर यदि हम कर्म निष्ठा से जीवन यापन करें तो वास्तव में हम युवा पीढ़ी को सुधार सकते हैं । जिससे आने वाली पीढ़ी में संस्कार, अध्यात्म,सेवा, की भवनाओं का विकास हो सके।ऐसे महान पुरुष को पाकर वास्तव में हमारा देश धन्य धन्य हो गया। स्वामी विवेकानंद जिन्होंने कम उम्र में ही अपने पूरे सारे जीवन को अपने देश एवं समाज के लिए समर्पित कर दिया उनके द्वारा जो कार्य किया गया है उन्हें हम याद करके एवं उनके आदर्शों पर यदि चले तो वास्तव में हम उन्नत समाज ,उन्नत देश राष्ट्र की ओर ले जा सकते हैं।





