बालोद। संपूर्ण भारत में प्रतिवर्ष 12 जनवरी को स्वामी विवेकानंद जी की जयंती को राष्ट्रीय युवा दिवस के रुप में मनाया जाता है, स्वामी विवेकानन्द
महान भारतीय हिंदू सन्यासी व दार्शनिक (1863-1902)
भाषा उच्चवेदान्त के विख्यात और प्रभावशाली आध्यात्मिक गुरु थे। उनका वास्तविक नाम नरेन्द्र नाथ दत्त था।
उन्होंने अमेरिका स्थित शिकागो में सन् 1893 में आयोजित विश्व धर्म महासभा में भारत की ओर से सनातन धर्म का प्रतिनिधित्व किया था। भारत का आध्यात्मिकता से परिपूर्ण वेदान्त दर्शन अमेरिका और यूरोप के हर एक देश में स्वामी विवेकानन्द की वक्तृता के कारण ही पहुँचा। उन्होंने रामकृष्ण मिशन की स्थापना की थी जो आज भी अपना काम कर रहा है। वे रामकृष्ण परमहंस के सुयोग्य शिष्य थे। उन्हें 2 मिनट का समय दिया गया था किन्तु उन्हें प्रमुख रूप से उनके भाषण का आरम्भ “मेरे अमेरिकी बहनों एवं भाइयों” के साथ करने के लिये जाना जाता है।उनके संबोधन के इस प्रथम वाक्य ने सबका दिल जीत लिया था। इस तेजस्वी व विवेकवान महामानव की जयंती आज स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी हिंदी,माध्यम विद्यालय डांडी में बड़े ही हर्षोल्लास के साथ संस्था की स्काउट गाइड दल, राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई और समस्त विद्यार्थियों द्वारा मनाई गई,इस अवसर पर सेजेस डौंडी के प्राचार्य बी.एस.वद्दन, स्काउट सचिव डोंडी नेमसिंह साहू, राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई की कार्यक्रम अधिकारी मिथिला सिंघारे,गाइड कैप्टन गायत्री देवांगन,एवम् संस्था के समस्त व्याख्याता,शिक्षक व कर्मचारी गण उपस्थित रहें।


