तकनीकी शिक्षा के सुधार के लिए बनेगा आत्मानंद आईटीआई : कुंवर सिंह निषाद
बालोद। शनिवार को अर्जुन्दा, कांदुल और सुरसुली के नर्मदा धाम में छत्तीसगढ़ गौरव दिवस मनाया गया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री अपने निवास कार्यालय से वर्चुअल कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे।
जिसे एलईडी और साउंड सिस्टम के माध्यम से सभी ने सुना। कार्यक्रम में पहुंचे मुख्य अतिथि संसदीय सचिव व गुंडरदेही विधायक कुंवर सिंह निषाद ने सभी को मिठाई खिला कर बधाई दी। अर्जुन्दा में हितग्राहियों को चेक और कृषि उपकरण बांटा गया।
वृद्धजनों का साल-श्रीफल से सम्मान किया गया। कांदुल में प्रसूति व गर्भवती माताओं को पोषण आहार वितरण किया गया। इसके बाद श्री निषाद मार्रीबंगला देवरी तहसील के सुरसुली में आयोजित तहसील स्तरीय छग पेंशनर्स समाज के कार्यक्रम में शामिल हुए।
जनता के सहयोग से गौरवशाली रहा चार साल
मंच पर जनता को संबोधित करते हुए संसदीय सचिव श्री निषाद ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में गौरवशाली रहा चार साल। जनता ने कांग्रेस पार्टी और भूपेश बघेल को भरपूर स्नेह और आशीर्वाद दिया।
इसका प्रत्यक्ष उदाहरण पांच उपचुनाव में देखने को मिला। इन चार वर्षों में सरकार ने अपनी जनहितैषी “न्याय” योजनाओं के साथ जनकल्याण के नए सोपान तय किए हैं। राज्य सरकार का मूल उद्देश्य यही है कि समाज के सभी वर्गों को उनका अधिकार मिले, ताकि वे पूरे आत्मसम्मान के साथ तरक्की के रास्ते पर आगे बढ़ सकें।
तकनीकी शिक्षा के सुधार के लिए आत्मानंद आईटीआई
संसदीय सचिव श्री निषाद ने कहा कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद से ही शिक्षा के स्तर को सुधारने पर जोर दिया गया। शिक्षा के स्तर को कैसे बदला जा सकता है इसका उदाहरण स्वामी आत्मानंद स्कूल है। अब मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल जी तकनीकी शिक्षा के स्तर पर बड़ा परिवर्तन करने जा रहे हैं। आज सुबह औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं के उन्नयन के लिए स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट आईटीआई योजना की घोषणा की गई है। वहीं तत्काल 1200 करोड़ रूपए देने की घोषणा भी कर दी गई है। इस दौरान जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष चंद्रप्रभा सुधाकर, जिला पंचायत अध्यक्ष सोना देवी देशलहरा, जनपद पंचायत गुंडरदेही अध्यक्ष सुचित्रा हेमंत साहू, जनपद पंचायत डौंडीलोहारा अध्यक्ष जागृत सोनकर, ममता चंद्राकर, नगर पंचायत अध्यक्ष चंद्रहास देवांगन, संतु पटेल, उपाध्यक्ष सुषमा चंद्राकर, पार्षद मोहित मेश्राम, रामाधार गजेंद्र, सुरेश गांधी, दिलीप देशलहरा, अशोक गजेंद्र, दिग्विजय ठेठवार, टीआर महल्ला, जागृत सोनकर, हरदेव लाल दिल्लीवार, टामन सिंह पवार, चंद्र दर्शन, पोषण लाल बनपेला, एवनी बाई, अमर सिंह, डोमेश्वरी बाई उपस्थित थी।




