बालोद। मुकेश कुमार पात्रे, विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) बालोद (छ.ग.) के द्वारा आरोपी जगमोहन साहू पिता केशव राम साहू, उम्र 22 वर्ष, हीरापुर, थाना व जिला बालोद (छ.ग.) को भा.द.वि. की धारा 363 के आरोप में तीन वर्ष का सश्रम कारावास व 1000/- रू० अर्थदण्ड तथा भा.द.वि. की धारा 376 व संरक्षण अधिनियम की धारा 4 के आरोप में दस वर्ष का सश्रम कारावास व 3,000/- रूपये अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। प्रकरण का संक्षिप्त विवरण छन्नू लाल साहू, विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो) के अनुसार- 26 फरवरी को पीड़िता की माता थाना बालोद में उपस्थित होकर एक लिखित आवेदन आरोपी जगमोहन साहू पिता केशव साहू, के द्वारा प्रार्थिया की नाबालिग बेटी को शादी का प्रलोभन देकर बहला-फुसलाकर भगा ले जाकर 21 से 24 फरवरी तक उसके साथ लगातार कई बार जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाने की रिपोर्ट पर प्रथम दृष्टया अपराध धारा 363, 366, 376 ( 2 ) (ढ) भा.द.व. तथा संरक्षण अधिनियम की धारा 4, 5 (ठ) 6 घटित करना पाये जाने पर आरोपी के विरूद्ध अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान पीड़िता ने बतायी कि दिनांक 21/02/2022 के लगभग 12:00 बजे आरोपी उसे फोन करके मिलने के लिए अपने घर बुलाया जिससे वह मिलने के लिए चली गई। दिनांक 21/02/2022 से 24/02/2022 तक उसके साथ लगातार कई बार जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाया है। विवेचना पूर्ण कर अभियोग पत्र न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। जहां विचारण के दौरान आये साक्ष्य के आधार पर आरोपी को उक्त दण्ड से दण्डित किया गया।
नाबालिग के साथ शादी का प्रलोभन देकर दुष्कर्म करने पर 10 वर्ष का सश्रम कारावास
