बालोद। स्कूलों में मध्यान्ह भोजन पकाने को लेकर माथापच्ची जारी है। रसोईया 12 जुलाई से हड़ताल पर जा रहे हैं। और इधर उनके डेढ़ घंटे तक काम करने के चलते खाना बनाने की व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हुई है। रसोइए अगर नहीं आ रहे हैं तो स्व सहायता समूह को इसकी जिम्मेदारी दी गई है। लेकिन हैरत की बात है कि 8 से 10 सदस्य समूह बनाकर मध्यान्ह भोजन योजना का काम तो ले लेते हैं लेकिन जब खाना बनाने की जिम्मेदारी आती है तो फिर वही हाथ खड़े कर देते हैं। समूह वाले इस माथापच्ची से बचने के लिए काम छोड़ने को भी तैयार हो गए हैं। बालोद ब्लाक के कई स्कूल ऐसे हैं जहां पर समूह ने मध्यान भोजन से हाथ खींच लिया है। और मंगलवार से खाना नहीं बनाने की बात कही है। शिक्षा विभाग द्वारा लिखित में काम छोड़ने की स्वीकृति ली जा रही है। ताकि दूसरे समूह को काम दे सके या वैकल्पिक व्यवस्था की जा सके। इधर रसोइए आना बंद कर दिए है। 12 जुलाई से तो वैसे भी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जा रहे हैं और इधर समूह वालों ने भी खाना बनाने से इनकार कर दिया है। एक तरफ शासन ने स्पष्ट किया कि अगर रसोईया नहीं आ रहे हैं तो प्रमुख जिम्मेदारी समूह की है क्योंकि रसोइयों की नियुक्ति समूह की सहमति से होती है। अगर रसोईया नहीं आ रहा है तो उनकी जगह वैकल्पिक रूप से दूसरा रसोईया या अस्थाई रूप से खाना बनाने वाला लगाना चाहिए या स्वयं समूह के लोगों को इसमें काम करना चाहिए। लेकिन समूह वाले आनाकानी कर रहे हैं। ब्लॉक की मध्यान भोजन प्रभारी रजनी वैष्णव ने कहा बालोद ब्लॉक के चार से पांच स्कूलों के समूह ने मध्यान भोजन ना पकाने की बात कही है। उनसे लिखित में लिया जा रहा है। संबंधित समूहों को हमने वैकल्पिक व्यवस्था बनाने के लिए भी कहा है। शासन का आदेश है कि संचालन कर रहे समूह को रसोइयों की अनुपस्थिति में वैकल्पिक व्यवस्था करनी है। पर कई जगह समूह वाले इस आदेश को नहीं मान रहे हैं और काम छोड़ने को तैयार हुए हैं ।
इधर डीईओ ने आदेश जारी कर कहा- समूह की है जिम्मेदारी
शालेय दिवस में मध्यान्ह भोजन पकाने की व्यवस्था की जिम्मेदारी संबंधित संचालनकर्ता समूह की होगी। यह आदेश डीईओ प्रवास बघेल ने शासन के निर्देश पर जारी किए हैं। रसोईयों के हड़ताल, अस्वस्थता अथवा अन्य किसी प्रकार के विवाद की स्थिति में सभी शालेय दिवस में मध्यान्ह भोजन पकाने की वैकल्पिक व्यवस्था करने की जिम्मेदारी संचालनकर्ता समूहों की होगी। जिला शिक्षा अधिकारी श्री प्रवास सिंह बघेल ने समस्त विकासखण्ड शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया है कि किसी भी शालेय दिवस मे मध्यान्ह भोजन न पकने की स्थिति में संबंधित संचालनकर्ता समूहों के विरूद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्यवाही करते हुए कुकिंग कास्ट तथा रसोईया मानदेय में कटौती किया जाना है। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में मध्यान्ह भोजन का संचालन अवरूद्ध न हो। साथ ही शिक्षकों का मध्यान्ह भोजन पकाने का निर्देश नहीं दिया गया है।
बालोद ब्लॉक के इन स्कूलों में बंद हो सकता है मध्यान्ह भोजन
झलमला , बोरी, परसाहि, पडकीभाट, डेंगरापार के समूह वालों ने काम छोड़ने की बात कही है। ऐसे में यहां मंगलवार से मध्यान्ह भोजन बनना बन्द हो सकता है।
