DAILY BALOD NEWS

EDITOR IN CHIEF – DEEPAK YADAV.9755235270

Advertisement

आप नेता संतोष देवांगन ने कलेक्टर को लिखा पत्र, कहा नगर में चल रहा खुलेआम सट्टा, अवैध वसूली में लिप्त हैं कांग्रेस नेता, स्वीकार करें मेरा इस्तीफा

बालोद। नगर पालिका दल्लीराजहरा के उपाध्यक्ष व आम आदमी पार्टी के नेता संतोष देवांगन ने कलेक्टर को पत्र लिखते हुए अपने निर्वाचित पद से इस्तीफा देने की पेशकश की है। उन्होंने इसके पीछे विभिन्न कारण बताए हैं तो वहीं कई चौंकाने वाले आरोप लगाते हुए कलेक्टर को पत्र लिखा है। जिसमें उन्होंने भाजपा और कांग्रेस दोनों ही पार्टी के नेताओं की खिंचाई की है। जुआ सट्टा में अवैध वसूली का आरोप कांग्रेसी नेताओं पर लगाया है तो वही कई मामलों में भाजपा और कांग्रेस दोनों को सहयोगी भाई होना भी बताए हैं। संतोष देवांगन के इस पत्र से राजनीतिक हलचल मची हुई है। हालांकि कुछ लोग इसे राजनीतिक स्टंट भी मान रहे हैं। आम आदमी पार्टी नेता संतोष देवांगन ने बालोद कलेक्टर को पत्र लिखकर कहा है कि नगर पालिका परिषद, दल्ली राजहरा का उपाध्यक्ष हूं। दल्ली राजहरा नगर में बाईपास सड़क निर्माण, 100 बिस्तर हास्पिटल निर्माण, केन्द्रीय विद्यालय नगर के निवासियों को निःशुल्क मालिकाना हक पट्टा- बी. एस. पी. भूमि व रेलवे भूमि पर बसे लोगों को भी भूमि का मालिकाना हक पट्टा देने तथा नगर के बेरोजगारों को रोजगार देने की मांग मेरे द्वारा निरन्तर रूप से किया जाता रहा है। साथ ही साथ वार्ड क्र. 10 में मूलभूत सुविधा बिजली, पानी सड़क व महिला शौचालय के निर्माण की मांग करते आया हूँ लेकिन आज तक मेरे द्वारा किये गये मांगों को पूरा नहीं किया गया है। जिसके चलते नगर के नागरिक व वार्डवासियों के द्वारा मेरे खिलाफ अनेकों प्रकार की बाते करते हैं। नगर पालिका कांग्रेस संगठन के हाथों में है और नगर का मुख्य विपक्षी दल भाजपा के पास है। प्रदेश में कांग्रेस की सरकार व देश में भाजपा की सरकार है। इस लिहाज से नगर से कांग्रेस भाजपा दोनों भाई चारा निभा रहे है। जिसके चलते क्षेत्र का विकास रुका हुआ है। साथ ही साथ शराब दुकान में चखना दुकान के नाम से शासकीय जगह पर अवैध कब्जा कर जमीन हथियाने का प्रयास चल रहा है। सट्टा का कारोबार भी नगर में खुले आम चल रहा है। जिसकी अवैध वसूली कांग्रेस नेताओं के द्वारा लिया जा रहा है। मेरे द्वारा अनेको बार इस विषय में प्रशासन को अवगत कराया गया लेकिन किसी भी प्रकार का कोई पहल नहीं किया गया। अतः नगर पालिका का उपाध्यक्ष बने रहने का कोई मतलब नहीं रह जाता है। इसलिए अपने निर्वाचित उपाध्यक्ष पद से अपना त्याग पत्र देना चाहता हूं।

You cannot copy content of this page