तरौद में राजीव युवा मितान क्लब व ग्रामीणों ने छेड़ी अवैध शराब बिक्री के खिलाफ मुहिम, निकाली रैली



बालोद। बालोद ब्लाक के ग्राम तरौद में राजीव युवा मितान क्लब से जुड़े युवाओं सहित गांव के जागरूक ग्रामीणों द्वारा शराब के खिलाफ अभियान चलाया गया है। यहां अवैध शराब बिक्री बढ़ती जा रही है। जिससे गांव का माहौल खराब हो रहा है। इसे सुधारने के लिए युवाओं और बड़े बुजुर्गों ने साथ कदम बढ़ाया है और टीम बनाकर काम करना शुरू किया है। जिसके तहत शराब बेचने वालों के खिलाफ विरोध रैली निकाली गई। इस रैली के माध्यम से उन्हें आगाह किया गया कि वे सुधर जाए अन्यथा उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। तरौद में नशा मुक्ति अभियान के तहत राजीव युवा मितान क्लब, ग्राम विकास समिति, ग्राम पंचायत तरौद एवं स्व सहायता समूह के माताओं के संयुक्त तत्वावधान में रामायण मंच पर एकत्रित होकर रैली निकाली गई। पूरे गांव में ज़ोर शोर से नारेबाजी करते हुए भाटापारा की गलियों में भी चौंक चौराहे पर सभा लिए और शराब के अवैधानिक बिक्री करने वाले दलालों को खरी खोटी कहते हुए उन्हें सावधान किया गया कि आज के बाद गांव में कहीं पर भी कोई शराब नहीं बेचेंगे और ना ही सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीते हुए नजर आएंगे। ऐसा करते पाए जाने पर उनके ऊपर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। रैली में प्रमुखत: धर्मेन्द्र कुमार रामटेके अध्यक्ष ग्राम विकास समिति, महेंद्र दास मानिकपुरी अध्यक्ष राजीव युवा मितान क्लब, शिव राम धलेंद्र सरपंच ग्राम पंचायत तरौद, समाज सेवी शंभू साहू, झग्गर सिंह कौशिक अध्यक्ष अन्य पिछड़ा वर्ग विभाग कांग्रेस कमेटी ग्रामीण बालोद, ओमप्रकाश साहू अध्यक्ष मंदिर समिति, नेतराम निषाद,मिलाप दास मानिकपुरी, गोपेंद्र कौशिक, चमन लाल साहू,नमन कोसमा, संत विश्वकर्मा, सुदर्शन कोसमा, कमलेश दास मानिकपुरी ग्राम कोटवार, एवं स्व सहायता समूह के अध्यक्ष/सचिव व ग्राम के युवा बुजुर्ग और माताओं की वृहद संख्या में उपस्थिति रही।

पुलिस प्रशासन और आबकारी विभाग पर लगाया निष्क्रियता का आरोप

तरौद के ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन और आबकारी विभाग के अफसरों पर निष्क्रियता का आरोप लगाया है। इसके पीछे किसी तरह की कार्यवाही ना किए जाने की नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में बढ़ते अवैध शराब बिक्री को लेकर कई बार शिकायत की जा चुकी है। लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है। कई बार थाने जाकर लिखित शिकायत की गई है। गांव में 20 से 25 लोग शराब बिक्री में संलिप्त है। जो गांव का माहौल खराब कर रहे हैं। गांव के लोगों ने बताया कि गांव के कुछ लोग आबकारी विभाग में भी काम करते हैं। जब कहीं किसी के यहां छापा पड़ना रहता है तो पहले से ही सूचना पहुंच जाती है। जिसके चलते शराब बेचने वाले सचेत हो जाते हैं और छापा पड़ता भी है तो वहां कुछ माल नहीं मिलता है। इस तरह संलिप्तता के चलते ठोस कार्रवाई नहीं हो पा रही है। जो चिंता का विषय है और इसी बात को ध्यान रखते हुए गांव में युवाओं और ग्रामीणों ने मिलकर अवैध बिक्री को रोकने गांव के बिगड़ते माहौल को सुधारने का प्रयास शुरू किया है। इसमें पुलिस प्रशासन और विभाग का साथ जरूरी है। जो कि हमें अपेक्षित नहीं मिल पा रहा है। पुलिस से लगातार मांग के बाद दो-तीन लोगों पर कार्रवाई हुई है पर यह नाकाफी है। पकड़ाने के बाद कुछ दिन में ही शराब बेचने वाले छूट जाते हैं। जिससे उनके हौसले और बुलंद होते जाते हैं।

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