नेक काम- माता पिता की स्मृति में समाज को दिया दो लाख दान, बनेगा किचन शेड



बालोद निवासी शांति बाई बेलचंदन ने दिल्लीवार कुर्मी भवन के लिए दिया दान,पूर्व में भी समाज को प्रवेश द्वार बनाने की है मदद

बालोद। समाज विकास के लिए कुछ करने की तमन्ना हो तो जीवन भर यह इच्छा कभी मरती नहीं है, जब भी अवसर आता है तो ऐसे लोग समाज के लिए दान करने हमेशा तत्पर रहते हैं, इस बात को चरितार्थ किया है बालोद निवासी शांति बाई बेलचंदन ने। करीब 25 साल पहले अपने पुत्र के आकस्मिक निधन के बाद उनकी स्मृति में समाज के भवन के प्रवेश द्वार का निर्माण भी कराया है वही आज समाज के लिए अपने माता पिता की स्मृति में दो लाख रुपए का दान दिया है। समाज द्वारा इस राशि से किचन शेड बनाने का निर्णय लिया गया है। इसका सोमवार को भूमिपूजन भी किया गया। मरार पारा बालोद निवासी शांति बाई बेलचंदन हमेशा से समाज विकास के लिए तत्पर रही हैं। वर्तमान में वे अपने पुत्रों के पास भिलाई, दुर्ग व रायपुर में रहती हैं। समाज विकास के सोच का ही परिणाम है कि उनके दानवीर भावना का पुत्रों ने हमेशा सम्मान किया है। ग्राम कोरगुड़ा शांति बाई बेल चंदन का मायका है। वहां उनके पिता स्व. पुहुप सिंह सुकतेल( शिक्षक) व माता सेवती बाई द्वारा कुछ जमीन उन्हें मिली थी इस जमीन के विक्रय के बाद मिली राशि में से दो लाख की राशि उन्होंने अपने माता और पिता की स्मृति में दिल्ली
वार कुर्मी भवन बालोद के लिए दान देने का मन बनाया। अपने पुत्रों को इस बारे में उन्होंने जानकारी दी। पुत्रों ने भी सहर्ष रूप से इस पर अपनी सहमति दी। इसके बाद कुछ दिनों पूर्व वे किसी काम से बालोद आई थी तो समाज के समक्ष उन्होंने अपना विचार रखा था। समाज के लोगों ने इसे स्वागत करते हुए भवन में किचन शेड बनाने में उक्त राशि का उपयोग करने की योजना बनाई। इसके बाद सोमवार को इसके लिए भूमि पूजन तय किया गया जिसमें शांति बेलचंदन भी उपस्थित रही।उनकी उपस्थिति में किचन शेड निर्माण का भूमि पूजन किया गया।

समाज को खड़ा करने में बेलचंदन परिवार का विशेष योगदान

समाज के लोगों ने बताया कि बालोद में कुर्मी समाज को संगठित करने में शांति बाई बेलचंदन एवं पति स्वर्गीय हीरालाल बेलचंदन का विशेष योगदान रहा है। हीरालाल बेलचंदन बालोद के ख्याति प्राप्त वकील रहे हैं और काफी लंबे समय से बालोद में ही निवासरत रहे हैं। उनके निधन के बाद हालांकि अब शांति बेलचंदन अपने पुत्रों के पास रहती हैं लेकिन उनका लगाव बालोद और बालोद के कुर्मी समाज से आज भी उतना ही है जितना पहले था। यही हो जाए कि जब दान देने की बात आई तो उन्होंने बालोद से कुर्मी भवन को ही चुना।

बेटे की स्मृति में 25 साल पहले बनाया है प्रवेश द्वार

दिल्लीवार कुर्मी समाज के प्रमुखों ने जानकारी दी कि लगभग 20-25 साल पहले शांति बाई बेलचंदन के बड़े लड़के शेष नारायण बेलचंदन का सड़क दुर्घटना में निधन हो गया। उसके बाद उनकी स्मृति में दिल्ली वार कुर्मी भवन के सामने विशाल प्रवेश द्वार भी इन्होंने ही बनवाया है। बताया जाता है कि इसके बाद समाज के लोगों ने इसे प्रेरणा स्वरूप ग्रहण किया और निरंतर यहां विकास कार्य कराए जा रहे हैं।

यह रहे उपस्थित

कार्यक्रम में समाज के अध्यक्ष वाई के देशमुख, केंद्रीय महिला अध्यक्ष प्रीति देशमुख ,समाज के संरक्षक डीएस देशमुख, ललित हरदेल, उपाध्यक्ष मालवीय देशमुख, सुरेंद्र हरमुख, पुरुषोत्तम देशमुख, षडेन्द्र देशमुख , ढालेश दिल्लीवार , कृष्ण कुमार हरदेल , जोन प्रभारी अशोक देशमुख , पत्रकार टीकम पिपरिया , साकेत बेलचंदन, पूर्णिमा देशमुख , महिला कोषध्यक्ष जागेश्वरी हरदेल, महिला उपाध्यक्ष सुनंदा देशमुख , सरिता देशमुख , भारती देशमुख, धर्मेंद्र सिंह देशमुख आदि उपस्थित रहे।

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