बालोद। अर्जुन्दा नगर में स्व. श्री लोकेश्वर प्रसाद सोनी (व्याख्याता , शासकीय उच्चत्तर माधयमिक विघालय , कृष्णानगर भिलाई) के वार्षिक श्राद्ध के अवसर पर उनकी धर्मपत्नि किरण सोनी और परिवार एकता , आकांक्षा ,अभिषेक द्वारा श्रीमद् भागवत ज्ञानयज्ञ सप्ताह का आयोजन पंडित प्रेमानंद दीपक महराज , खर्रा , गुण्डरदेही वाले के श्रीमुख से वार्ड नंबर – 12 में किया गया है । इस पूरे भागवत कथा सप्ताह के दौरान विविध कथा प्रसंग और झांकियों ने भक्तों को भक्ति से सराबोर कर दिया। खासतौर से कृष्ण की लीलाओं और उन पर प्रस्तुत झांकियों ने लोगों को द्वापर युग की दुनिया में जाने को मजबूर कर दिया। जो अपने आप में अलग ही कल्पना अनुभूति थी। कृष्ण की लीलाओं को सुंदर प्रस्तुतीकरण गीत संगीत के साथ किया गया तो वही भाव विभोर होते भक्त कृष्ण की झांकियों को देख गदगद हुए और भक्ति में झूमने लगे। कथा में महराजजी ने श्री कृष्ण की लीलाओं महारास , कंश वध ,रूखमणी विवाह , सुदामा चरित्र का सविस्तार वर्णन किया।

महराजजी ने सुदामा चरित्र का वर्णन करते हुए कहा कि मित्रता तो श्रीकृ्ष्ण और सुदामा जैसी होनी चाहिए । एक तरफ जहाँ श्रीकृष्ण द्वारिकाधीश थे तो दूसरी तरफ सुदामा एक दरिद्र ब्राम्हण थे पर दोनों की मित्रता सच्ची थी ।

एक बार बचपन में सुदामा जी ने भगवान कृष्ण से छल किया जिससे उनका जीवन कष्टमय हो गया पर वर्षों बाद भगवान कृष्ण से मिलनें पर उनकी सारी दरिद्रता दूर हो गई । रूखमणी विवाह में बताया कि रूखमणी जी साक्षात लक्ष्मीजी की और श्रीकृष्णजी भगवान नारायण के स्वरूप हैं ।रूखमणी जी ने बचपन से ही श्रीकृष्ण का ही चिंतन किया , उनका मन और कर्म श्रीकृष्ण के लिए ही था । इसलिए मनुष्य को अपना सारा जीवन श्रीकृष्ण भक्ति में ही लगा देना चाहिए।

कार्यक्रम में अनिल शुक्ला (अघ्यक्ष ,छत्तीसगढ़ शिक्षक कांग्रेस ) ,श्रीमती संध्यासिंह भारद्वाज (जिला पंचायत सदस्य बालोद), अशोक श्रीवास्तव , शोभा श्रीवास्तव , साधनारानी ठाकुर , राकेश सोनी , टोमन लाल सोनी , तेजपाल सोनी , अशोक पैकरा , दीपक.वासनिक , बंशीलाल सोनी ,.रामूलाल साहू , हेमंत देशमुख , मन्नू लाल सोनी , धीरज रामटेके , भोलाराम सोनी , मेघनाथ सोनी , केशव साहू , नरेश ठाकुर , चक्रधर पंवार , दुलेश्वर चंद्राकर , राजू पारख , अमित नाहटा , त्रिलोक जैन सहित सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु महिला , पुरूष और बच्चे उपस्थित थे । पं. प्रेमानंद दीपक महराज जी ने श्रीकृष्ण बाल चरित्र ,माखन चोरी , चीर हरण की कथा सुनाई। महाराज ने कथा में सोलह संस्कारों के बारें में बताया ।मानव कल्याण के लिये सोलह संस्कार सनातन धर्म से ही चले आ रहे हैं।

महराज जी कहा कि आज देखा जा रहा है कि मनुष्य आज सनातन धर्म से दूर होते जा रहे हैं जिसके कारण समाज मे अधर्म ,, दुष्कर्म , चरित्र – हीनता जैसे अनेक बुराइयाँ बढ़ते क्रम में हैं जिसे रोकना अति आवश्यक है । व्यास पीठ से महाराज जी ने आगे कहा कि बिना संस्कार के जीवन अधूरा है ।जो माता – पिता संस्कारवान होते हैं उनके कुल में राम , कृष्ण , प्रहलाद और ध्रव जैसे पुत्र जन्म लेते हैं। कथा में इसके साथ ही उन्होनें प्रेम के बारे में वर्णन करते हुए कहा कि मनुष्य को पशु , पक्षी , प्रकृति के साथ ही सभी से प्रेमपूर्वक व्यवहार करना चाहिये । किसी को छोटा या बड़ा नहीं समझना चाहिए । सभी को समान भाव से देखना चाहिये ।इस कार्यक्रम में चंद्रहास रेवाराम देवांगन अध्यक्ष नगर पंचायत अर्जुन्दा , ए.के.दिल्लीवार , भोलाराम सोनी , राकेश सोनी , अरविंद सोनी , अतुल सोनी , गौरव सोनी , उभेराम साहू , मुन्ना सोनी बड़ी संख्या में श्रद्धालु महिला एवं पुरूष उपस्थित थे।
