कम खर्च में कुकर का जुगाड़- विज्ञानोदय के अंतर्गत सोलर कूकर बनाने का दिया गया प्रशिक्षण



बालोद। सोसाइटी फॉर इंटीग्रेटेड रुरल डेवलपमेंट (SIRD) के द्वारा सामान्य विज्ञान की जागरूकता अभियान विज्ञानोदय के अंतर्गत राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर ग्रामीण महिलाओं के लिए सोलर कूकर बनाने पर एक प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन ग्राम चरोटा (बालोद) में किया गया। कार्यक्रम के प्रारम्भ में विषय विशेषज्ञ एस. के खरे ने ग्रामीण महिलाओं को सौर ऊर्जा की आवश्यकता पर जानकारी दी। उन्होने बताया की पारंपरिक ऊर्जा के साधन धीरे-धीरे खत्म हो रहे हैं, साथ ही मंहगे भी होते जा रहे हैं। पेड़ों के काटने से पर्यावरण पर खराब प्रभाव पड़ रहा है। जिसके कारण धीरे-धीरे जलवायु परिवर्तन देखा जा रहा है। उन्होंने बताया आने वाले समय में सौर ऊर्जा पर निर्भरता बढ़ती जा रही। एस. के. खरे ने पर्यावरण को संरक्षित रखने एवं ग्लोबल वार्मिंग से दुनिया को बचाने के लिए ग्रीन एनर्जी का उपयोग जरूरी बताया। स्थानीय संसाधनों से तैयार सोलर कुकर से बिना कुछ खर्च किए आसानी से 50% तक खाना बनाया जा सकता है। जिससे ईंधन पर होने वाले खर्चों को कम करने के साथ साथ हम पर्यावरण की सुरक्षा भी कर पाएंगे।

भूपेन्द्र साहू के द्वारा ग्रामीण एसएचजी की महिलाओं को कूकर बनाने का प्रशिक्षण दिया गया एवं कूकर के उपयोग करने की विधि को विस्तार से समझाया गया। संस्था में विज्ञानोदय की जिले की प्रभारी भूपेन्द्र साहू ने सोलर कूकर में 1 घंटे के अंदर दाल एवं चावल पका कर दिखाया। भूपेन्द्र साहू ने बताया की पूरे परिवार के लिए दाल चावल आसानी से बनाया जा सकता है। कार्यक्रम समन्वयक श्रीमति गायत्री पटेल ग्राम उमरादाह ने बहुत ही कम कीमत में बने सोलर कुकर के लिए महिलाओं को प्रेरित किया।

उन्होंने बताया की अब खेत पर ही दाल चावल बनाया जा सकता है। क्योंकि प्रशिक्षण शिविर में बनाया गया कूकर कहीं भी आसानी से लेकर जा सकते हैं। कार्यक्रम के अंत में संस्था प्रतिनिधि केवल राम भालेंद्र द्वारा प्रशिक्षण में शामिल होने के लिए संस्था एवं सभी महिलाओं का आभार व्यक्त किया एवं उन्होंने बताया विज्ञानोदय अभियान के अंतर्गत इसी तरह के कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाएंगे।

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