बालोद जिले से श्रीमती कैशरीन बेग,व्याख्याता, ने लिया रायपुर में बालवाड़ी योजना को लेकर प्रशिक्षण, जानी इसकी बारीकी



बालोद। बालोद जिले से श्रीमती कैशरीन बेग,व्याख्याता,शासकीय हाईस्कूल भण्डेरा,ने राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद रायपुर से बालवाड़ी में 5 दिवसीय प्रशिक्षण प्राप्त किया।
राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद छत्तीसगढ़ रायपुर द्वारा आयोजित
छत्तीसगढ़ सरकार ने नई शिक्षा नीति 2020 के लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए पूर्व प्राथमिक शिक्षा की दिशा में अभिनव पहल करते राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद रायपुर ,छत्तीसगढ़ द्वारा दिनांक 24 से 28 फरवरी 2022 तक 5 दिवसीय बालवाड़ी प्रशिक्षण आयोजित किया गया। जिसमें छ.ग.सरकार के सहयोगी संस्थान आह्वान और सी एल आर के संयुक्त प्रयास से छत्तीसगढ़ के पांचों संभाग के प्रत्येक जिलों से राज्य स्रोत समूह के रूप में 4 सदस्यीय दल जिसमे ए. पी .सी.,डाइट व्याख्याता,2शिक्षक/सहायक शिक्षक को इस महती जिम्मेदारी के लिए प्रशिक्षित किया गया है।


बालवाड़ी 5 से 6 वर्ष के आयु के सभी बच्चों के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करने के लिए एक स्वर्ण व्यापक, न्याय संगत, आनंददायक समावेशी और संदर्भित सीखने के अवसर की उपलब्धता को बढ़ावा देने के पर विचार करती है। यह स्वास्थ्य के अच्छे मूल्य चिंतन, सहयोग ,संप्रेषण, रचनात्मकता ,प्रौद्योगिकी, साक्षरता तथा सामाजिक भावनात्मक विकास को विकसित करना और पूर्व प्राथमिक विद्यालय से प्राथमिक विद्यालय में आने का भी सुनिश्चित करती है ।
बालवाड़ी की आवश्यकता बच्चों को विद्यालय के लिए तैयार करना बच्चों में अच्छी आदतों का विकास करना, बच्चों में सुनने और बोलने के कौशल का विकास करना, विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से बुद्धि एवं व्यक्तित्व का विकास करना, पूर्व प्राथमिक विद्यालय से प्राथमिक विद्यालय में सहज रूप से पारगमन के लिए तैयार करना है।

क्या हैं बाल वाटिका के उद्देश्य

इसका उद्देश्य खेल आधारित माध्यम से बच्चों में बौद्धिक एवं भाषाई कौशल का विकास करना, बच्चों को सिखाने की प्रक्रिया में माता-पिता और समुदाय के अन्य लोगों को शामिल करना, विभिन्न पृष्ठभूमि से आने वाले बच्चों को कक्षा एक के लिए तैयार करना, बच्चों में अनौपचारिक शिक्षा से औपचारिक शिक्षा में सहज पारगमन को सुनिश्चित करना, बच्चों में सर्वांगीण विकास के लिए मनोरंजक एवं प्रेरक वातावरण का सृजन करना है। ताकि उन्हें खेल खेल में सीखने एवं आयु के अनुकूल व उपयुक्त शिक्षाप्रद अनुभव प्रदान किए जा सके।
नए शिक्षा सत्र 2022-23 में 5से6 वर्ष के बच्चों के लिए लगभग 6536 ऐसे केंद्र जहाँ आंगनबाड़ी और प्राथमिक शाला एक ही परिसर में संचालित है,उन केंद्रों का चिन्हांकन करते हुए इन बच्चों को पूर्व प्राथमिक शिक्षा देने हेतु बालवाड़ी का संचालन किया जाएगा। इसे प्राथमिक शिक्षा के पूर्व तैयारी के रूप में भी देखा जा सकता है,क्योकि यही वह उम्र है जिसमे मस्तिष्क 85 से 90 प्रतिशत तक विकसित होता है,न्यूरॉन्स ज्यादा सक्रिय होते है। शिक्षण शास्त्र के मुख्य आधार खेल,परस्पर क्रिया व वातावरण माने गए है, इन सबकी शुरुवात हमारे बालवाड़ी में खेल गतिविधियों के संचालन से बच्चों में उत्साह,उमंग का संचार करते हुए शिक्षा के लिए अनुकूल वातावरण निर्माण का प्रयास किया जाएगा। कैशरीन बेग ने बताया मुख्यरूप से बालवाड़ी के तीन लक्ष्य निर्धारित किये गए है जिसमे बच्चे के अच्छे स्वास्थ्य के साथ साथ उनकी खुशहाली को बनाये रखना,कुशल संप्रेषक बनाना,सीखने के प्रति उत्साह व परिवेश से जुड़ाव बढ़ाना,जो कि विकास के पांचों आयामों शारीरिक विकास,बौद्धिक विकास,संवेदी विकास,भाषा विकास,समाजिक भावना विकास और रचनात्मकता/सौंदर्यबोध के विकास के अहम हिस्से है। तथा समय रहते हमें विकास के पांचों आयामो पर उचित हस्तक्षेप करना होगा।पठन व लेखन पूर्व मौखिक भाषा विकास ,गणित पूर्व अवधारणा के स्पस्टीकरण की आवश्यकता पर विशेष जोर देते हुए उन पर गतिविधि करते हुए बच्चों को अधिक से अधिक अवसर दिए जाने की बात बताई गई। ऐसा वातावरण निर्मित करना है जिससे बच्चा स्वयं से सीखे बन सके। हम बच्चों को कैसे अधिक से अधिक किसी अधिगम के प्रक्रिया से जोड़ने में सफल हो, इस पर चिंतन हो।
बालवाड़ी में मुख्य रूप से बच्चों के घर की भाषा मे ही कार्य करने पर बल दिया गया है जिससे बच्चों के शब्द ज्ञान को विस्तार मिल सके तथा बच्चे आनंदपूर्वक हर गतिविधि में सक्रियता से शामिल हो पाए।
बालवाड़ी में किस प्रकार की बैठक व्यवस्था हो,
ऐसे कोने भी होंगे जहाँ ज्ञान इन्द्रियों को विकसित करने की
वस्तु होगी। शिक्षक की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी। गतिविधि दांया बांया का ज्ञान,चित्रों पर व अपने सम्बंधित परिवेश पर चर्चा,गणित पूर्व अवधारणाओं जैसे एकाग्रता,क्रमबद्धता,मिलान,वर्गीकरण,तुलना, हल्का- भारी आदि अवधारणाओं पर अधिक से अधिक गतिविधियों शामिल
किया गया है। बालवाड़ी के प्राथमिक कार्यो में शामिल है।
संचालक श्री राणा सर्,शिवहरे सर, सहायक संचालक समग्र शिक्षा प्रशांत पांडे,प्रशिक्षण प्रभारी श्रीमती जया भारती चंद्राकर, सहायक संचालक विद्यावती चंद्राकर , समस्त मास्टर ट्रेनर्स तारकेश्वर देवांगन , मिलिंद चंद्रा , दीपेश पुरोहित, अब्दुल कादिर, आर्यन सर,मीनाक्षी मैडम ,मधुरानी मैडम , उप संचालक पुष्पा तिग्गा ,सुनील मिश्रा की उपस्थिति
रही।
बालोद जिले से श्रीमती कैशरीन बेग,व्याख्याता,शा हाई
स्कूल भण्डेरा, डौंडीलोहारा बालोद ,श्रीमती बिंदिया रानी, श्रीमती योगेश्वरी डाइट से यूके दुबे शामिल हुए।

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