शर्म कहां आती है इनको,अब क्या मदिरापुर वासी पाठशाला परिसर को भी मधुशाला बनाकर छोड़ेंगे,,,,,?



शराब कोचियों के बाद अब शराब पियक्कड़ों के बढ़े हौसले, स्कूल के सामने ही छलक रहे जाम, बिगड़ने लगा फिर माहौल

बालोद। विगत दिनों ग्राम जगन्नाथपुर पूरे जिले भर में शराब बिक्री को लेकर चर्चा में रहा। सोशल मीडिया में तो इस गांव का नाम बदलकर मदिरापुर तक कहा जाने लगा था। जिसके बाद यहां के बिगड़ते माहौल को सुधारने के लिए पुलिस प्रशासन ने सख्ती दिखाई व गांव के चार कोचियों को गिरफ्तार कर जेल भी भेजा। इस कार्रवाई के कुछ हफ्तों बाद तक माहौल ठीक-ठाक रहा। कोचियों में हड़कंप की स्थिति भी रही। गांव में खुलेआम जो अवैध शराब बिक रही थी, उस पर नियंत्रण भी आया। लेकिन देर सबेर अब कोचिये फिर से पांव पसारने लगे हैं। तो साथ ही कोचियों ने दोबारा शराब की अवैध बिक्री शुरू कर दी है। इतना ही नहीं, उनके बढ़ते हौसलों को देख शराब पीने वालों के हौसले भी बढ़ चले हैं। जिसका प्रमाण यहां के सरकारी स्कूल परिसर में ही देखने को मिल रहा है। जाम छलकाने वालों ने सरकारी स्थलों को भी नहीं छोड़ा। शिक्षा के मंदिर को भी ये मधुशाला की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं। जो अप्रिय बात है। सोमवार को जब स्कूल खुले। बच्चे और शिक्षक स्कूल पहुंचे तो हायर सेकेंडरी स्कूल सांकरा, जगन्नाथपुर के सामने शराब की खाली शीशियां, डिस्पोजल, पानी पाउच पड़े हुए थे। जिनकी तस्वीरों को स्कूल के जागरूक शिक्षकों ने सोशल मीडिया में शेयर किया और इस पर आक्रोश भी जताया। शिक्षक विवेक धुर्वे ने कहा स्कूल परिसर में ऐसी हरकत अशोभनीय है।

स्थानीय पंचायत प्रशासन की भी सुस्ती का उठा रहे लोग फायदा

तो वहीं इस तरह गांव में बिगड़ते माहौल के पीछे स्थानीय पंचायत प्रशासन की सुस्ती भी एक बड़ी वजह मानी जा रही है। जिसके चलते गांव में आए दिन माहौल खराब होता रहता है। शराब बेचने वाले तो अपनी हरकतों से बाज आए ही नहीं, अब शराब पीने वाले जहां पाए वहां जाम छलका रहे हैं। जहां एक ओर पुलिस शहरी क्षेत्रों में सार्वजनिक रूप से जाम छलकाने वालों की धरपकड़ कर केस फ़ाइल करती है तो दूसरी ओर ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह की कोई कार्रवाई नहीं हो पाती। इसी का फायदा उठाते हुए अब पियक्कड़ों की टोली सरकारी भवनों व परिसर को अपना अड्डा बना रहे हैं।

इन जगहों पर हो रही शराब खोरी

जगन्नाथपुर ही नहीं बल्कि पड़ोसी ग्राम सांकरा और परसदा मार्ग इन दिनों शराब खोरी के अड्डे साबित हो रहे हैं। जहां खुलेआम जाम छलकाए जाते हैं। इनके निशान सुबह से ही देखने को मिल जाते हैं। सांकरा में परसदा मार्ग में मुक्तिधाम के आसपास, सोसाइटी जाने के मार्ग, बिजली ऑफिस के पास, गौठान के आसपास तो मोबाइल टॉवर के आसपास जमकर जाम छलकते हैं तो सांकरा में अब स्कूल परिसर इन मदिरा प्रेमियों का नया ठिकाना बनता जा रहा है। अगर समय रहते इस मामले में कार्रवाई नहीं की जाती है तो स्थिति पहले से ज्यादा खराब हो सकती है।

अपने स्तर पर करते हैं निगरानी

सांकरा के सरपंच वारुणी देशमुख ने कहा कि बात तो सही है कि लोग कहीं पर भी शराब पीते रहते हैं। हमारे गांव के सीमा क्षेत्र में अगर कोई खुलेआम जाम छलकाते देखते हैं तो उन्हें मना भी करते हैं। अपने स्तर पर हम निगरानी करते रहते हैं। वहीं पुलिस प्रशासन को भी इस पर गंभीरता से कार्रवाई करनी चाहिए। इसी तरह जगन्नाथपुर के सरपंच अरुण साहू ने कहा कि अवैध शराब बिक्री को लेकर पहले भी शिकायत हुई थी। बीच में कार्रवाई भी हुई। दो चार लोग गिरफ्तार भी हुए लेकिन इसके बाद भी कुछ लोग इस कारोबार में संलिप्त है। तो वहीं शराब पीने वाले सार्वजनिक जगहों को अड्डा बना रहे हैं। पंचायत द्वारा निर्मित सरकारी भवनों के आसपास भी यह कृत्य किया जा रहा है। जो कि असामाजिकता को बढ़ावा देता है।

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