मध्यान्ह भोजन योजना अंतर्गत कुकिंग कास्ट एवं रसोईया मानदेय का भुगतान अब पब्लिक फाइनेंस मैनेजमेंट सिस्टम से होगा
बालोद।
प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण जो पूर्व में मध्यान्ह भोजन योजना के नाम से जाना जाता था, के अंतर्गत राज्य शासन द्वारा कुकिंग कास्ट और रसोईया मानदेय के लिए 309 करोड़ रूपए की राशि विकासखण्डवार जारी की गई है। इस राशि का भुगतान अब पब्लिक फाइनेंस मैनेजमेंट सिस्टम (पीएफएमएस) के माध्यम से होगा। आयुक्त लोक शिक्षण डॉ. कमलप्रीत सिंह ने इस संबंध में सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं। जिला शिक्षा अधिकारियों को जारी निर्देश में कहा गया है कि मध्यान्ह भोजन का नाम बदलकर अब प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण कर दिया गया है। इस योजना का संचालन केन्द्र और राज्य शासन के माध्यम से हो रहा है। भारत सरकार द्वारा की गई नई व्यवस्था के तहत अब प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण के तहत जारी होने वाली राशि अब जिला शिक्षा अधिकारी और विकासखण्ड जिला शिक्षा अधिकारी के खाते में नहीं जाएगी। कुकिंग कास्ट और रसोईयों के मानदेय का भुगतान पब्लिक फाइनेंस मैनेजमेंट सिस्टम (पीएफएमएस) के माध्यम से होगा। जिला शिक्षा अधिकारियों को जारी दिशा-निर्देश में कहा गया है कि हर माह की 10 तारीख को रसोईयों का भुगतान किया जाना है और जिला शिक्षा अधिकारियों को इस कार्य की मॉनिटरिंग करेंगे।
बंद होगी अफसरों की मनमानी
ज्ञात हो कि मध्यान्ह भोजन योजना चला रहे समूह को समय पर भुगतान नहीं हो पाता है। पैसा सीधे उनके खाते में नहीं आता है। यह अधिकारियों के सरकारी अकाउंट से होकर जाता है। इसके चलते कई बार गड़बड़ी या मनमानी की शिकायत भी प्राप्त होती है। विगत दिनों मध्यान्ह भोजन समूह के द्वारा आंदोलन भी बालोद जिले में किया गया था। अब केंद्र सरकार द्वारा योजना का नाम भी बदला गया है तो राज्य शासन भी इसमें सहभागी होने के कारण भुगतान में भी नई व्यवस्था लागू कर रहा है। ताकि योजना में किसी तरह की शिकायत ना हो और संबंधित समूह को समय पर भुगतान किया जा सके।
