कराते की नेशनल प्लेयर दूसरी लड़कियों को सिखा रही आत्मरक्षा के गुर, उद्देश्य- आज के बिगड़ते हालातों में खुद की सुरक्षा खुद कर सके लड़कियां



सेल्फ डिफेंस के साथ बच्चियों में जागरूकता ला रही हैं राधिका हिडको

बालोद। आदिवासी अंचल के विकासखण्ड डौण्डी के शा. पु. माध्य. शाला पुसावड़ में दस दिवसीय सेल्फ डिफेंस प्रशिक्षण शिविर का आयोजन कराटे में नेशनल गोल्ड मेडल जीत चुकी कु. राधिका हिडको के द्वारा आयोजित किया जा रहा हैं। यह प्रशिक्षण पु.माध्य.शाला के सहयोग से छात्र-छात्राओं में आत्मरक्षा के प्रति जागरूकता एवं आत्मरक्षा के विभिन्न पहलुओं को सिखाया जा रहा हैं।

आत्मरक्षा तकनीक सभी के जीवन में महत्वपूर्ण होता हैं,तथा मानसिक एवं शरीरिक रूप से तैयार रखता हैं, जो किसी भी समय लोगों को आवश्यकता पड़ सकती हैं। आगामी समय में विशाखापट्टनम में इंटरनेशनल कराटे में भाग लेने वाली राधिका हिडको ने बताया कि वर्तमान समय में भारत की परिस्थितियों पर नज़र डाले तो, भारत के संपूर्ण क्षेत्रों में लड़कियों एवं महिलाओं के साथ बलात्कार, छेड़छाड़ जैसे संगीन अपराध में काफी वृद्धि हुई हैं।

जिसमे छोटी-छोटी बच्चियाँ भी छूटी नहीं हैं। अपराध होने के बाद समाज एवं लोगों के बदनामी से बचने के लिए पुलिस सहायता से वंचित रह जाती हैं जो पूर्णतः गलत है। मेरा मानना हैं कि अपराध को होने के पूर्व रोका जा सकता है।प्रत्येक लड़की को बचपन से ही अपने आत्मरक्षा की तकनीक आनी चाहिए, आत्मरक्षा को जीवन का अंग बनाकर उसका उपयोग करें तो समाज को दशा और दिशा देने में कारगर साबित होगा, ताकि विपरीत परिस्थितियों में दूसरे के ऊपर निर्भर न होकर अपनी ख़ुद की सुरक्षा कर सकें। दस दिवसीय कार्यक्रम में शासकीय पू. माध्य शाला के प्रधान पाठक एस.के.चंद्राकर, टी.एस.साहू, खम्मन् लाल साहू के सहयोग से छात्र-छात्राओं को आत्मरक्षा के गुर सिखाने में भरपूर सहयोग रहा।

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