बालोद। विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) मुकेश कुमार पात्रे ने तीन साल पहले नाबालिग लड़की से दुष्कर्म करने वाले आरोपी आशाराम निषाद (40) को भारतीय दंड सहिता की धारा 363 के अपराध में तीन वर्ष, धारा 366 के अपराध में सात वर्ष एवं 376/3, 4 पॉक्सो के अपराध में 10 वर्ष का सश्रम कारावास से दंडित किया।इसके अलावा 7 हजार रुपए अर्थदंड भुगतान करने का निर्णय लिया गया। प्रकरण के विशेष लोक अभियोजक छन्नू लाल साहू के अनुसार गुंडरदेही थाना में पहुंचकर नाबालिग पीड़िता के पिता ने सूचना दी थी कि बेटी को 7 जून 2018 की रात 11.30 बजे अज्ञात व्यक्ति बहला फुसलाकर ले गया है। जिसके बाद पुलिस ने धारा 363 का अपराध दर्ज कर जांच शुरू की।
17 जुलाई 2018 को आरोपी आशाराम निषाद जो कि शादीशुदा है, उसके कब्जे से पीड़िता को ब्लॉक के ही एक गांव से छुड़ाया गया। जब पीड़िता से बयान लिया गया तब यह तथ्य सामने आया कि आरोपी ने शादी का प्रलोभन देकर ट्रक में बैठाकर भानुप्रतापपुर ले गया। जहां उसके साथ अनैतिक कार्य किया। पीड़िता के बयान के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 376, 366 व अन्य धाराएं जोड़ी। न्यायालय में चार्जशीट पेश की।
नाबालिग को बहला कर भानूप्रतापपुर ले जाकर दुष्कर्म करने वाले को 10 साल की सजा, गुंडरदेही का मामला
