DAILY BALOD NEWS

EDITOR IN CHIEF – DEEPAK YADAV.9755235270

Advertisement

बालोद जिले में सुआ महोत्सव की शुरुआत की कादम्बिनी यादव ने, पहला आयोजन सफल, अब हर वर्ष करने का फैसला

मुख्य सहयोगी गायत्री साहू तो विशेष सहयोगी रहीं पार्षद दीप्ति विनोद शर्मा , धनेश्वरी पुनाराम ठाकुर,चमेली धनेश साहू

बालोद। बालोद जिले में भी बड़े शहरों की तर्ज पर सुआ महोत्सव का आयोजन पहली बार हो रहा है और 29 अक्टूबर की रात को नया बस स्टैंड के ऊपर ऑडिटोरियम हॉल में इस आयोजन ने लोगों को काफी आकर्षित किया। छत्तीसगढ़ की इस नृत्य गीत की परंपरा के संरक्षण को लेकर भावना फाउंडेशन के तत्वाधान में महिलाओं का समूह सुआ नृत्य के संरक्षण को लेकर आगे आया। इसके लिए बालोद की महिलाओं के साथ संस्कृति सहेजना ग्रुप बना कर पूरी रूपरेखा तैयार कर आयोजन किया गया और पहले ही आयोजन ने खूब सुर्खियां बटोरी। 2 दिनों का आयोजन 30 अक्टूबर रात को समाप्त हुआ। भावना फाउंडेशन की प्रमुख सदस्य शिक्षिका कादम्बिनी लोकेश पारकर यादव ने सुआ महोत्सव की शुरुआत की। जो अब आगे भी जारी रहेगा।

कादम्बिनी ने कहा कि आने वाले वर्षों में 2 दिन के बजाय 5 दिन तक सुआ महोत्सव करने का लक्ष्य रखा गया है। दिवाली से पहले अब आने वाले दिनों में हर साल इसका आयोजन किया जाएगा। इसके लिए कई लोग भी साथ देने के लिए सहमत हुए हैं।

देखिये वीडियो

सुआ महोत्सव में मुख्य अतिथि के रुप में नगर पालिका के अध्यक्ष विकास चोपड़ा भी पहुंचे थे। जिन्होंने महिलाओं के इस आयोजन को काफी सराहा और खुद भी उनके साथ सुआ नृत्य में थिरकते नजर आए। इनके अलावा अतिथि के रूप में बंटी विनोद शर्मा, कन्या शाला के प्राचार्य अरुण साहू, भावना फाउंडेशन के प्रमुख दीपक थवानी, छाया देवी टेकाम,चंदशेखर तिवारी ,हुमन लाल साहू सहित अन्य पहुंचे हुए थे। सभी ने इस प्रयास को काफी सार्थक बताया। इस शुरुआत के लिए कादम्बिनी यादव को बधाई दी। श्रीमती यादव ने कहा कि हम देखते हैं कि सभी प्रांत के लोग अपनी संस्कृति को बहुत आगे बढ़ाते हैं। लेकिन हम छत्तीसगढ़िया लोग इस मामले में पीछे रह जाते हैं। इसलिए हमने सोचा कि हम अपनी संस्कृति का मान, सम्मान बढ़ाने के लिए उन परंपराओं को खुद निर्वहन करते हुए आने वाली पीढ़ी को भी संदेश देंगे और अपनी छत्तीसगढ़ की संस्कृति को बढ़ावा देंगे। पर बाकी अन्य प्रान्त के कल्चर मनाएंगे भी और मान भी देगे, पर बात आगे बढ़ाने की है तो सिर्फ अपने छत्तीसगढ़ के कल्चर को ही बढ़ाएंगे ।सुआ नृत्य छग की संस्कृति का अहम हिस्सा है। जो दिवाली में ही लोकप्रिय होता है। आज की पीढ़ी को इससे परिचित कराए रखने व उनसे जोड़े रखने के लिए इस तरह के सुआ नृत्य हो, इस सोच के साथ ही हमने इस आयोजन की शुरुआत की। हमारी यह भी सोच है कि हमसे प्रेरित होकर हर शहर व गांव में भी इस तरह से सुआ महोत्सव हो ताकि लोग अपनी संस्कृति को ना भूलें। नगर पालिका अध्यक्ष विकास चोपड़ा ने भी इस आयोजन से खुश होकर मंशा जाहिर की कि आने वाले समय में बालोद के स्टेडियम में ऐसे सुआ महोत्सव का आयोजन हो जिसमे जगह भी कम पड़े और इसके लिए वे पूरा प्रयास व सहयोग करेंगे। तो वही आसपास वार्ड की पार्षदों चमेली धनेश साहू, धनेश्वरी पूनाराम ठाकुर व दीप्ति विनोद शर्मा की भी इस आयोजन में अहम भूमिका रही। इसके अलावा गायत्री पूर्णानंद साहू, राजेश्वरी हेमंत तिवारी,विनोदनी राजेन्द यदु,ममता संदीप श्रीवाश, शिव मनोज श्रीवास्तव, सुमन कमल हरदेल,सीमा राजेश देशमुख,सुमन दुबे,नीलम सुरेश रावटे, यूरेका साहू,अनिता लोमश साहू,साक्षी यादव,पूर्वी टाटिया, अनशिका छोटी बेबी सहित अन्य इस आयोजन के सहभागी बने। संस्कृति सहेजना समूह में 30 महिलाओं का समूह है। जिसमें आगे लगातार कार्य किया जाएगा।

You cannot copy content of this page