
बालोद। छत्तीसगढ़ के कवर्धा में झंडा विवाद से बिगड़े माहौल व उसके बाद शासन प्रशासन द्वारा हिंदुओं पर की गई एक तरफा कार्यवाही को लेकर कई जिले में विरोध हो रहा है। इसका असर बालोद जिले में भी देखने को मिला। जिसके तहत प्रमुख रूप से विश्व हिंदू परिषद व बजरंग दल के आह्वान पर जय स्तंभ चौक के पास जन आक्रोश महा धरना का आयोजन किया गया। जिसमें विभिन्न वक्ताओं ने अपने आक्रोश व्यक्त करते हुए इस घटना के विरोध में अपने विचार रखे तो साथ ही इस आक्रोश धरना सभा के बाद एक ज्ञापन सीएम के नाम एसडीएम को भी सौंपा गया। जिसमें यह जिक्र भी किया गया है कि कार्यवाही ना होने, मांग पूरी ना होने की स्थिति में मोहम्मद अकबर भगाओ, कबीरधाम बचाओ अभियान चलाया जाएगा। दशहरे के दिन कबीरधाम जिला के प्रत्येक गांव में रावण के साथ स्थानीय विधायक मोहम्मद अकबर का पुतला दहन किया जाएगा। जेल भरो व अनेक प्रदेशव्यापी आंदोलन व अभियान भी किए जाएंगे। आयोजन में मुख्य वक्ता त्रिवेणी जी महाराज , राम मंदिर खरसिया सन्त थे।

इसके अलावा राधे श्याम जलक्षत्री व्यवस्था प्रान्त प्रमुख आरएसएस, देवलाल ठाकुर, कृष्णकांत पवार, पवन साहू, बलराम गुप्ता जिला अध्यक्ष विश्व हिन्दू परिषद , वीरेंद्र सह्य सत्या साहू, लेखराम साहू, निर्मल साहू, आरएसएस रूपेंद्र सिन्हा यज्ञदत्त शर्मा, राकेश यादव, यशवंत जैन जगदीश देशमुख सुरेंद्र देशमुख भी मौजूद रहे।
इस महा धरना प्रदर्शन के संयोजक बलराम गुप्ता अध्यक्ष विश्व हिंदू परिषद, उपाध्यक्ष राज सोनी,जिला मंत्री संजय बैस,कोषाध्यक्ष स्वाधीन जैन, सह सचिव महेंद्र सोनवानी,बजरंग दल सतीश विश्वकर्मा,उमेश सेन,तरुण साहू,प्रखंड अध्यक्ष दुष्यन्त गिरी गोस्वामी,जिला मातृ संयोजिका श्रीमती सत्या साहू,कांति साहू,अनुराधा उपाध्याय, नलीनी टेकाम,श्रीमती दीपा साहू,डामेश्वरी साहू,लीला लाले शर्मा,सुशीला साहू,सुरेंद्र देशमुख,करन देशमुख,उमाकांत प्रजापति,रोहित चिनाब,मोहन निषाद,कौशल शर्मा,रामेश्वर साहू मौजूद रहे ।

सीएम के नाम दिए ज्ञापन में कहा गया है कि जिला कबीरधाम में विगत दो-तीन वर्षों से समूचा पुलिस और प्रशासन संप्रदाय के आधार पर कार्यवाही करता आ रहा हैं। समूचे जिले के थानों में अपराध करने के बाद भी एक समुदाय के लोगों के विरुद्ध कार्यवाही नहीं की जा रही है। इस बात के प्रमाण में पत्र के साथ संलग्न किया जा रहा है जिसमें जिला कबीरधाम के अनेक घटनाओं का उदाहरण स्वरूप उल्लेख है। दिनांक 3 अक्टूबर 2021 को मां विंध्यवासिनी मंदिर के समीप, लोहारा नाका चौक में कवर्धा थानेदार तथा नायब तहसीलदार के द्वारा दुर्गेश देवांगन तथा उसके साथियों को बुलवाया गया तब 50-60 की संख्या में एक समुदाय के हथियारबंद युवक वहां उपस्थित थे। वहां प्रशासन द्वारा निर्धारित किया गया कि उस चौक पर अब किसी भी प्रकार का झंडा नहीं लगाया जाएगा। जिस पर बनी परस्पर सहमति को लिपिबद्ध करने के लिए पेन और कागज मंगवाया गया। इसी बीच एक समुदाय के युवाओं ने नायब तहसीलदार तथा कवर्धा थानेदार की उपस्थिति की परवाह किए बिना घेरकर दुर्गेश देवांगन को पीटा, यदि दुर्गेश देवांगन को शटर वाले दुकान के अंदर बंद न किया गया होता तो निसंदेह उसकी जान चली जाती। जैसे कि जिला कबीरधाम के पुलिस की परिपाटी विगत दो-तीन वर्षों से बनी हुई थी। इस मारपीट के बाद भी पुलिस शिथिल हो गई क्योंकि एक समुदाय के लोग इस घटना में संलिप्त थे। दोपहर की घटना के विरुद्ध कोई कार्यवाही अथवा गिरफ्तारी रात तक नहीं होने के कारण जनता आक्रोशित हो गई। दिनांक 3 अक्टूबर 2021 को पुलिस प्रशासन द्वारा अनावश्यक रूप से कवर्धा के लोगों पर लाठीचार्ज किया गया। जिसके बाद लोगों में आक्रोश और बढ़ गया। दिनांक 5 अक्टूबर 2021 को भी कार्यवाही की मांग के साथ विश्व हिंदू परिषद द्वारा कवर्धा बंद तथा 3 घंटे का सांकेतिक चक्काजाम आहूत किया गया था। जो पूर्णतः शांतिपूर्ण था। पुनः पुलिस द्वारा बर्बरता पूर्वक लाठीचार्ज किया गया, बच्चों को और महिलाओं को भी नहीं छोड़ा गया। इस घटना में दिनांक 3 अक्टूबर 2021 को तथा 5 अक्टूबर 2021 को थानेदार और नायब तहसीलदार की उपस्थिति में दुर्गेश की पिटाई दिनांक 3 अक्टूबर 2021 को तथा 5 अक्टूबर 2021 को थानेदार और नायब तहसीलदार की उपस्थिति में दुर्गेश की पिटाई का वीडियो, हाथ में तलवार लेकर पुलिस के संरक्षण में घूमते लोग, पुलिस की उपस्थिति में हिंदुओं की आस्था के प्रतीक भगवा ध्वज को फेंकना उस पर थूकना और रौंदना से स्पष्ट हो जाता है कि पुलिस पक्षपातपूर्ण कार्यवाही कर रही है। सीएम से ज्ञापन के जरिए कहा गया है कि इस घटना के साथ-साथ आपका ध्यान एक और विशेष विषय की ओर समय समय से विश्व हिंदू परिषद द्वारा आकृष्ट किया गया है कि बाहरी लोग प्रदेश में अंदर गांव-गांव तक तथा शहरों में घुस रहे हैं तथा कुछ विशेष मानसिकता के लोगों द्वारा उनको संरक्षण दिया जा रहा है। इसी तारतम्य जिला कबीरधाम में कवर्धा नगर पालिका में भी हजारों की संख्या में एक समुदाय के लोग बाहर से आकर अवैध रूप से रहने लगे हैं। उदाहरण स्वरूप नगर पालिका कवर्धा का एक दस्तावेज जिसमें मूल निवास प्रमाण पत्र बनाने हेतु आवेदन किया गया है। इस ज्ञापन के साथ संलग्न -2 के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
यह मांग रखी गई ज्ञापन में

हिन्दु समाज के साथ हो रहे सौतेले व्यवहार और एकपक्षीय पुलिसिया कार्यवाही के संदर्भ में विश्व हिंदू परिषद ने ये मांगें रखी है:
- पूरी घटना की न्यायिक जांच की जाये और अलग मानसिकता वाले जिन्होंने भगवा ध्वज का अपमान किया, जय श्रीराम के जयघोष से चिढ़कर दुर्गेश को पीटा उनकी पहचान कर उन्हें दंडित किया जाये।
- जिन लोगों पर मामले दर्ज किये गये हैं वे मामले निःशर्ते वापस लिये जाये।
- जिन अधिकारियों की विवेकहीनता के कारण बर्बर लाठी चार्ज हुआ और 3 हजार से अधिक लोगों को सरेआम पीटा गया ऐसे एस. पी. कलेक्टर, थानेदार कवर्धा, नायब तहसीलदार कवर्धा, को तत्काल निलंबित कर लाठी चार्ज की न्यायिक जांच की जाये।
- कवर्धा एवं छत्तीसगढ़ प्रांत में अवैध रूप से रह रहे लगभग 6 लाख लोगों की पहचान कर
उन्हें बाहर किया जाये। - कवर्धा विधायक मोहम्मद अकबर के संरक्षण में नगर के एतिहासिक भोजली तालाब को एक समाज द्वारा कब्जा कर लिया गया है उसे तत्काल मुक्त कराया जाऐं।
- कवर्धा करपात्रि जी महराज एवं कबीर पंथ के आचार्यों की कर्मस्थली रही है। पहली बार कवर्धा पर सांम्प्रदायिकता का कलंक लगा है जिसके मूल में मंत्री मोहम्मद अकबर उनके प्रिय पात्र एवं उनकी कार्यशैली है। अतः छ.ग. प्रदेश तथा जिला कबीरधाम की खुशहाली के लिए छ. ग. सरकार तुरंत ही मोहम्मद अकबर को मंत्री पद से हटायें तथा उनके विधानसभा की सदस्यता समाप्त की जाये।
ये भी पढ़े
