कथित अवैध चर्च मामला- सर्व समाज का भवन बनाने की मांग, जांच में पहुंचे तहसीलदार, नहीं बन पाई सहमति



बालोद । बालोद शहर के गंजपारा में एक सरकारी जगह पर अवैध कब्जा करके कुछ लोगों के द्वारा चर्च का निर्माण कर दिया गया था। जिस पर अगस्त में हिंद सेना के द्वारा आपत्ति किए जाने के बाद राजस्व विभाग ने स्टे ऑर्डर देकर काम रुकवा दिया था ।लेकिन इस मामले में हिंद सेना द्वारा उक्त भवन को सर्व समाज के लिए भवन घोषित करने की अनुमति की मांग भी की गई थी। व बजरंग दल भी अब इस मांग का समर्थन कर रहा है। लगातार बढ़ते इस मांग को देखते हुए राजस्व विभाग द्वारा मामले में सुलह करवाने की कोशिश की गई। मामले की जांच के लिए स्वयं तहसीलदार परमेश्वर मंडावी और उनकी टीम स्थल पर पहुंची। जहां लोगों से पूछताछ की गई उनका बयान दर्ज किया गया। उनके बीच सुलह करवाने का प्रयास किया गया कि इस भवन को सर्व समाज के लिए दिया जाए। पर समुदाय विशेष के लोगों ने इस बात से इनकार कर दिया ।जबकि हिंदसेना व बजरंग दल के लोग इस बात पर सहमत हो गए थे कि अगर इस भवन को सर्व समाज के लिए दिया जाता है तो यहां पर समुदाय के लोगों द्वारा प्रार्थना सभा भी की जा सकती है। जिस पर उन्हें आपत्ति नहीं होगी। पर ऐसा नहीं हो पाया अंततः मामला और विवादित हो गया।

बजरंग दल के लोगों में आक्रोश

तो वही सुलह ना हो पाने की स्थिति में बजरंग दल के लोगों ने आक्रोश जताया व यह सवाल उठाया कि आखिर सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करके बनाए गए इस भवन पर कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है। अगर निर्माण अवैध है तो इसे तोड़ा जाए। अगर प्रशासन इसे अवैध को वैध करार कर अनुमति देती है तो फिर इसे सर्व समाज के लिए दिया जाए। अगर ऐसा भी नहीं करते हैं तो फिर हम भी सरकारी जगहों पर मंदिर बनाकर वहां पर कब्जे करेंगे।

हिन्द सेना का ये कहना

इधर हिंद सेना भी अपनी मांग पर अड़ा हुआ है कि उक्त चर्च भवन को सर्व समाज भवन घोषित किया जाए ।ताकि यह फैसला सभी समाज के हित में हो। हिंद सेना के प्रदेश मुख्य संयोजक तरुण नाथ योगी ने कहा कि हमने इस संबंध में 23 अगस्त को ही कलेक्टर के नाम से ज्ञापन देकर मांग किया था कि इसे सर्व समाज को सामुदायिक भवन के रूप में उपयोग, उपभोग करने की अनुमति दी जाए। कुछ भोले भाले लोगों को बहलाकर कुछ लोग अपने धर्म में शामिल करवा रहे थे। जिसके विरोध में पूर्व में ज्ञापन दिया गया था और उक्त निर्माणाधीन चर्च का काम रुकवाया गया था।

तहसीलदार ने कही ये बात

इस मामले में तहसीलदार परमेश्वर मण्डावी का कहना है कि निर्माण सरकारी जगह पर हो रहा था, जिसकी शिकायत प्राप्त होने पर स्टे ऑर्डर देकर काम रुकवा दिया गया है। इस मामले में दोबारा सुलह करवाने के इरादे से मैं स्वयं टीम सहित जांच के लिए गया था। लेकिन वहां पर समुदायों के बीच सुलह नहीं बन पाई। ईसाई समुदाय से जुड़े लोगों का कहना है कि हम यहां पर प्रार्थना सभा करेंगे। तो वहीं हिंदसेना व बजरंग दल के लोगों का कहना है कि भवन सर्व समाज के लिए उपयोगी हो तब हमें यहां प्रार्थना करने से कोई एतराज नहीं है। जरूरत पड़ने पर सभी समाज के लोग इस भवन का उपयोग कर सकेंगे। लेकिन ईसाई समुदाय के लोग इसके लिए राजी नहीं हुए। अभी भी मामला विवादित है। कोई निष्कर्ष नहीं निकला है। रिपोर्ट तैयार कर लिया गया है। कलेक्टर को जांच प्रतिवेदन सौंपा जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकारी जगह पर अवैध निर्माण तो किया गया है। शिकायत आने पर इस पर कार्रवाई भी हुई है। निर्माण भी रुकवाया गया है। आगे की कार्रवाई कलेक्टर के निर्देशन में की जाएगी।

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