
बालोद – यह तस्वीर है ग्रामीण क्षेत्र की एक अनूठी परंपरा को दर्शाती हुई ,जहां हलषष्ठी पर सगरी यानी छोटा तालाब बना कर माताओं द्वारा अपने बच्चों की लंबी उम्र की कामना की पूजा की जाती है। इस पूजा के अंत में एक परंपरा है कि बच्चों को भी उस सगरी में उतार दिया जाए जिनके लिए हम व्रत रखते हैं। सगरी में भरे पानी से उनके पैर धोकर उन्हें बाहर निकाला जाता है। मान्यता है कि इससे बच्चों की उम्र लंबी होती है और व्रत सफल होता है। ऐसी ही एक परंपरा को निभाते यह तस्वीर ग्राम जगन्नाथपुर क्षेत्र की है।
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