
बालोद – शासन द्वारा चिटफंड कंपनी से प्रभावित लोगों द्वारा संबंधित आवेदन जमा करने की तारीख अब 6 अगस्त से बढ़ाकर पूरे छत्तीसगढ़ में 20 अगस्त कर दिया गया है। हालांकि एक और आदेश स्थानीय जिला स्तर पर जारी हुआ है जिसमें तारीख को 6 से 10 अगस्त तक किया गया है। जो स्थानीय स्तर का फैसला था। बाद में शासन द्वारा 20 अगस्त को लेकर एक अलग से और आदेश जारी हुआ है इसके बाद अब जिला स्तर पर भी आगामी दिनों 20 अगस्त के लिए आदेश जारी किया जाएगा। इस आदेश के जारी होने के बाद कई लोग जो आवेदन जमा नहीं कर पा रहे थे उन्हें राहत मिली है। कई लोगों को पर्याप्त प्रचार के अभाव में 6 अगस्त आखिरी तारीख के दिन इस बात की जानकारी हुई कि चिटफंड कंपनी में शासन द्वारा धन वापसी के लिए एसडीएम कार्यालय में निर्धारित प्रपत्र के साथ आवेदन जमा करना है। जिसके बाद फिर आनन-फानन में लोग हरकत में आये और दस्तावेज खंगालने लगे। पर इस बात की भी चिंता थी कि आखिरी तारीख निकल जाएगी तो क्या होगा। ज्ञात हो कि शासन द्वारा चिटफंड कंपनी में डूबे हुए पैसे की धन वापसी के लिए गंभीरता दिखाई जा रही है और अलग से बकायदा आदेश जारी कर पुलिस प्रशासन सहित जिला प्रशासन को इस में ड्यूटी लगाकर लोगों से आवेदन प्राप्त करवाने कहा गया है। और इसी के मद्देनजर हर तहसील स्तर पर इसके लिए आवेदन भरवाया जा रहा है। तारीख बढ़ाए जाने से लोगों को अब काफी राहत मिल गई है। क्योंकि अब लोग 20 अगस्त तक आवेदन आराम से कर सकेंगे। ज्ञात हो कि ज्यादा ब्याज के लालच में आकर लोगों ने एजेंटों के माध्यम से कई अलग-अलग चिटफंड कंपनियों में पैसे जमा कराए थे ।
लगभग 8 से 10 साल पूर्व जमा कराए गए इन पैसों को निकालने से पहले चिटफंड कंपनियां या तो स्वयं ताला बंद कर फरार हो गई या फिर पुलिस प्रशासन द्वारा कार्रवाई की चपेट में आने के बाद उनके दफ्तर बंद हो गए। ऐसे में मेच्योरिटी यानी समय पूर्ण होने के बाद भी लोगों को जमा राशि का ब्याज सहित भुगतान नहीं हो पाया। हजारों लोग इस तरह के चिटफंड कंपनी के झांसे में आए हैं सिर्फ ग्रामीण क्षेत्र नहीं बल्कि शहरी लोग, यहां तक कि पढ़े-लिखे लोग नौकरी पेशा लोग भी अधिक ब्याज के चक्कर में आकर कई चिटफंड कंपनियों में अपना पैसा लगाए हैं। जो अब धनवापसी के आदेश पर एसडीएम कार्यालय में पहुंचकर फॉर्म जमा कर रहे हैं ।
इसके लिए दो पन्ने के फॉर्म में लोगों को अपना नाम पता मोबाइल किस कंपनी में पैसा निवेश किया गया था कौन सी स्कीम के तहत निवेश किया गया था उसकी मैच्योरिटी तारीख कब थी तो वही कंपनी द्वारा उन्हें क्या-क्या दस्तावेज दिए गए थे उनकी छाया प्रति के साथ आवेदन करना है। इसके अलावा एजेंटों का भी विवरण देना है कि उन्होंने किसके द्वारा पैसा जमा कराया था। उनका भी नाम पता मोबाइल नंबर करना है। इस प्रक्रिया के तहत कई एजेंट स्वयं ही ग्राहकों के पास पहुंचकर उनसे दस्तावेज लेकर आवेदन कर रहे हैं। तो कई ग्राहक खुद से ही एसडीएम कार्यालय में जाकर आवेदन कर रहे हैं हर एसडीएम कार्यालय में कम से कम 3000 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। रोज सैकड़ों लोग आवेदन करने के लिए आ रहे हैं।
