
बालोद/ डौंडीलोहारा। सूरेगांव थाना क्षेत्र के ग्राम मुड़ खुसरा में लगभग 52 दिन पहले 20 मई को एक नर्स 28 वर्षीय गामीन्ता साहू की संदिग्ध मौत हो गई थी। उस समय सही तरीके से पीएम नहीं हुआ व जो भी पीएम रिपोर्ट आया उसमें मौत का कारण नॉर्मल मौत बताया गया। पर इधर मौत के दूसरे दिन बाद मायके पक्ष वालों को खबर मिलने पर संदेह हुआ और फिर मृतिका नर्स की मां ने इस मौत पर सवाल खड़े कर दिए की यह सामान्य मौत नहीं हो सकती। बेटी के साथ जरूर कोई अनहोनी हो गई है। हत्या की आशंका व शक जाहिर करते हुए पुलिस प्रशासन से मांग की गई कि इसकी जांच की जाए। अंततः मां की मांग पर मुहर लगाते हुए शासन प्रशासन ने 52 दिन से दफन कब्र को सोमवार को दोबारा खुदवाया।

लाश को निकालकर दोबारा पीएम हुआ और इस बार फॉरेंसिक लैब मेकाहारा रायपुर से भी जांच की जा रही है। थाना प्रभारी यामन देवांगन ने बताया कि फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट देर से आएगी। पिछले पीएम रिपोर्ट में नॉर्मल मौत बताया गया था। जिस पर मायके पक्ष वालों ने शंका जाहिर की थी। इसलिए दोबारा जांच कराई जा रही है।
क्या है मामला
ज्ञात हो कि मुड़खुसरा निवासी 28 वर्षीय नर्स गामीन्ता साहू की संदिग्ध हालत में मौत 20 मई को दोपहर 3.30 बजे हो गई थी। 21 मई को बालोद में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया था। लेकिन नर्स की मां, मायके पक्ष ने हत्या की आशंका के चलते शव को जलाने नहीं दिया। 52 दिन से शव गांव में ही दफन था। सोमवार को डीएसपी दिनेश सिन्हा, लोहारा नायब तहसीलदार की उपस्थिति में शव निकाल कर पुनः पोस्टमार्टम किया गया। इसके लिए डौंडीलोहारा एसडीएम ने भी अनुमति दे दी थी। सुरेगांव थाना प्रभारी यामन देवांगन ने बताया कि मायके पक्ष वाले हत्या की आशंका जाहिर कर रहे हैं। मामले की जांच चल रही है। सोमवार को पुनः पोस्टमार्टम हुआ। उसके बाद आगे की कार्रवाई की जा रही है।
इधर मृतका की मां कलेन्द्री ने मीडिया को बताया है कि बेटी का विवाह 2016 में हुआ था। इसके बाद पति से विवाद चलता रहा। दामाद का भिलाई के एक महिला के साथ लंबे समय से प्रेम प्रसंग चल रहा है।
मां का कहना अचानक से मौत कैसे हो जाएगी?
मृतका की मां कलेन्द्री ने बताया कि उनका दामाद हीरालाल (आर्मी का जवान) लगातार उनकी बेटी को प्रताड़ित करता था। भिलाई से लौटने के बाद घर में मारपीट हुई है, जिसके बाद मेरी बेटी की मौत हुई है। शरीर में चोट के निशान मौजूद थे। शव से पायल, झुमका गायब था। मेरी बेटी की मौत के बाद उनका मोबाइल फॉर्मेट कर दिया गया। वह ड्यूटी से बिल्कुल स्वस्थ घर पहुंची थी तो बिना कारण के मौत कैसे हो जाएगी। मौत दोपहर में हुई तो हमें दूसरे दिन क्यों बताया गया। सामाजिक बैठक में भिलाई की लड़की और दामाद हीरालाल ने अपनी गलती स्वीकार की थी।
