बालोद– खेतों में खुले में चराई कर रहे पशुओं पर नियंत्रण तथा पशुधन प्रबंधन की बेहतर व्यवस्था हेतु शासन की मंशा के अनुरूप जिले में रोका-छेका व्यवस्था की शुरूआत हुई। कलेक्टर श्री जनमेजय महोबे ने गुरूर विकासखण्ड के ग्राम चिरचारी और बालोद विकासखण्ड के ग्राम बरही के गौठान का भ्रमण कर रोका-छेका व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने गौठानों में मवेशियो की संख्या तथा उपलब्ध चारा-पानी की जानकारी ली। कलेक्टर ने मवेशियों को हरा चारा भी खिलाया। उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि वे अपने मवेशियों को खुले में न छोड़ें, प्रतिदिन गौठान भेजें। इससे फसल सुरक्षित रहेगा और बारहमासी फसल को बढ़ावा मिलेगा। कलेक्टर ने गौठान में पशुओं के उपचार के लिए की गई व्यवस्था की जानकारी ली और पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे गौठानों में नियमित रूप से पशु चिकित्सा शिविर लगाएॅ। पशुओं का टीकाकरण करें। ग्रामीणों को पशुधन प्रबंधन की बेहतर व्यवस्था की जानकारी दें। कलेक्टर ने गौठान परिसर में स्वसहायता समूहों द्वारा निर्मित वर्मी कम्पोस्ट का अवलोकन किया। उन्होंने वर्मी कम्पोस्ट के अतिरिक्त अन्य आजीविकामूलक गतिविधियाॅ संचालित करने उन्हें प्रोत्साहित किया।

उन्होंने ग्राम चिरचारी के चारागाह परिसर में लगाए गए फलदार पौधों का अवलोकन कर उसकी सराहना की। कलेक्टर ने ग्राम बरही के गौठान परिसर में स्वसहायता समूह द्वारा तैयार किए जा रहे वर्मी कम्पोस्ट का भी अवलोकन किया। वहाॅ उन्होंने वर्मी कम्पोस्ट को छानने हेतु तैयार किए गए हस्त चलित यंत्र की कार्यप्रणाली का अवलोकन कर, उसकी सराहना की। समूह के सदस्यों ने उक्त यंत्र के बारे में बताया कि पहले सामान्य तरीके से वर्मी कम्पोस्ट को छानने का कार्य किया जाता था। जिसमें एक घंटे में लगभग तीन से चार बोरी वर्मी कम्पोस्ट ही छानने का कार्य हो पाता था। अब हस्त चलित यंत्र की मदद से एक घंटे में लगभग दस से बारह बोरी वर्मी कम्पोस्ट छानने का कार्य किया जा रहा है। कलेक्टर ने समूह द्वारा किए जा रहे उक्त कार्य की प्रशंसा की और इसी प्रकार वर्मी कम्पोस्ट तैयार करने उन्हें प्रोत्साहित किया। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, संबंधित विभागों के अधिकारी तथा ग्रामीण उपस्थित थे।
बरही के गौठान परिसर में रोपे नीम के पौधे
कलेक्टर श्री जनमेजय महोबे ने बरही के गौठान परिसर में नीम का पौधा रोप कर ग्रामीणों को पौधारोपण के लिए प्रेरित किया। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने भी वहां गौठान परिसर में पौधा लगाया।
चिरचारी में यहां भी गये कलेक्टर

जिला कलेक्टर जन्मेजय महोबे द्वारा ग्राम चिरचारी के गौठान एवं चारागाह का निरीक्षण किया गया। गौठान में गोवंश एवं भैंस वंशी पशुओं का टीकाकरण किया गया साथ ही कृत्रिम गर्भाधान की प्रक्रियाओं को बारीकी से अवलोकन किया गया। ताकि स्वस्थ गोवंश की संख्या में वृद्धि हो। दुग्ध उत्पादन एवं दूध से बनी वस्तुओं को बढ़ावा देने ग्रामीण जन को स्वरोजगार दिलाने के लिए प्रयास किया गया। इस सप्ताह में 2019-20 में बैकयार्ड मुर्गी पालन की जानकारी एवं मुनाफा से जुड़ी जानकारी स्व सहायता समूह के बीच में कलेक्टर ने साझा की। पिछले वर्ष में स्वरोजगार की दिशा में मशरूम उत्पादन की जानकारी भी साझा किया गया। पशु पालन विभाग द्वारा निरंतर गौठान में एकटंगिया,गलघोटू का टीकाकरण किया जा रहा है। कृमि नाशक दवाई पिलाई गई। जिसमें पशुपालन विभाग के अधिकारी कर्मचारियों द्वारा तत्परता के साथ फील्ड वर्क दिखाई दिया। वैसे तो चिरचारी का गौठान जो ग्राम पंचायत अर्जुनी का आश्रित ग्राम है। जगह की कमी के कारण अर्जुनी में गौठान निर्माण की प्रक्रिया लंबित है जैसे ही जगह का चयन होगा वहां भी गौठान निर्माण के साथ-साथ गोबर खरीदी की व्यवस्था जल्द प्रारंभ की जाएगी। कलेक्टर द्वारा फेस टू फेस स्व सहायता समूह से समस्याओं की जानकारी ली गई। कई अनेकों प्रोजेक्ट में कार्य में शामिल कराने एवं रोजगार की दिशा में कार्यों में प्राथमिकता दिलाने उन्होंने आश्वासन दिया। निरीक्षण का दूसरा पड़ाव मुरली मनोहर वाटिका रहा। इस वक्त वाटिका में लगभग 1500 पौधे रोपे गए हैं। जो पिछले वर्ष प्रारंभ किया गया था। आज वाटिका हरा भरा एवं फलदार छायादार पौधों से सुसज्जित है। ज्ञात हो कि यह मुरली मनोहर वाटिका एक इंजीनियर की याद में बनाया गया है। जिनके मार्गदर्शन में उक्त वाटिका की नींव रखी गई थी। जो कि सड़क हादसे में मारे गए और उनके स्मृति में इस गार्डन का नामकरण मुरली मनोहर वाटिका किया गया। कलेक्टर ने सरपंच यशवंत पुरी गोस्वामी से इस प्रोजेक्ट की जानकारी ली एवं संरक्षण की दिशा में कार्य करवाने के लिए निर्देशित किया। सरपंच यशवंत पुरी गोस्वामी ने सभी विभागों का धन्यवाद करते हुए कहा कि कलेक्टर के तत्परता का परिणाम है कि जो आज चिरचारी विकासशील है। मजदूरी एवं रोजगार की प्राथमिकताओं पर प्रोजेक्ट तैयार किया जा रहा है। कोरोना काल में इस चैलेंज पर खरा उतरना आज की प्राथमिकता है। सभी स्व सहायता समूह का धन्यवाद करते हुए प्रोडक्ट की क्वालिटी पर फोकस करने की बात कही गई। इस कार्यक्रम में सभी विभागों के प्रमुख के साथ-साथ सीईओ जनपद पंचायत गुरुर अमित श्रीवास्तव उपस्थित रहे। सीईओ द्वारा कार्यों की प्रगति को लेकर दिशा निर्देश दिया गया। चारागाह को डिवेलप करने का भी निर्देश दिया गया। कलेक्टर एवं सीईओ का दौरा में ग्रामीणों ने स्वागत किया और आभार व्यक्त किया।