डाक्टर्स डे पर जब पूर्व सीएम रमन को इस शख्स ने गिफ्ट किया सीड बॉल, देखिये कैसे होता है इसका इस्तेमाल



डोंगरगांव/बालोद।
आज नेशनल डाक्टर्स डे है इस नेशनल डाक्टर्स डे पर डां रमन सिंह पूर्व मुख्यमंत्री व विधायक राजनांदगांव का डोंगरगांव आगमन हुआ। डां रमन सिंह से विश्रामगृह में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डोंगरगांव में रेडियोग्राफर के पद पर कार्यरत भोज कुमार साहू पर्यावरण प्रेमी बालोद के द्वारा मुलाकात किये। डां रमन सिंह एक चिकित्सक भी है।

जिसे ध्यान में रखते हुए भोज ने स्वयं के द्वारा तैयार किये गये सीड बाल को डाक्टर डे के बधाई एवं शुभकामनाएं लिखा हुआ लिफाफा तैयार किया था। जिसमें सीड बाल डाक्टर रमन सिंह को सौपा । इस दौरान डां रमन सिंह ने भोज साहू से पूछा भी कि इसे कैसे तैयार किये हो और कैसे लगाना है। इस पर भोज साहू ने विस्तार से डां रमन सिंह को बताया कि इसे 50 प्रतिशत उपजाऊं मिट्टी और 50 प्रतिशत कम्पोजट खाद मिलाकर गिलाकर करके बीज डालकर तैयार करते हैं। इसको खाली जगह या जहां पर लगाना चाहते वहां पर लगा सकते हैं। डां रमन सिंह ने प्रशंसा करते हुए कहा कि बहुत ही अच्छा प्रयास है। रायपुर
अपने बंगले में लगवाएंगे। भोज साहू के द्वारा 500 नग सीड बाल खाली समय पर तैयार किया गया था। जिसे अस्पताल में आये हुए मरीजों को भी सौंपकर पर्यावरण संरक्षण का ज़िम्मेदारी दिए।

सीड बॉल यानी बीज गेंद
है क्ले से बनी बीज गोलियां

ये नेचरल फार्मिंग (ऋषि -खेती ) करने का तरीका है “बिना -जुताई ,बिना -खाद ,बिना -रसायनो ,बिना -निंदाई से होने वाली खेती है। बीजों को जब क्ले मिटटी की परत से १/२ इंच से लेकर १ इंच तक की गोल गोल गोलियां से सुरक्षित कर लिया जाता है उसे सीड बॉल कहते हैं।

सीड बॉल का क्या उपयोग है ?

सीड बाल का उपयोग बिना जुताई ,बिना जहरीले रसायनों और बिना गोबर के कुदरती खेती करने और मरुस्थलों को हरियाली में बदलने के लिए उपयोग में लाया जाता है।

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