ब्लैक फंगस संदिग्ध मरीज की एम्स जांच में रिपोर्ट आई नेगेटिव, जिला प्रशासन का दावा बालोद में एक भी केस नहीं, इधर धमतरी के डॉक्टर बोले सीटी स्कैन में दिख रहा था लक्षण इसलिए भेजा गया था रायपुर



बालोद। गुरुर ब्लॉक के एक गांव में पिछले दिनों ब्लैक फंगस को लेकर बात सामने आई थी। जिसमें धमतरी जिले के स्वास्थ्य विभाग द्वारा इसकी पुष्टि करते हुए मरीज को रायपुर एम्स भेजा गया था। ताकि उसकी बारीकी से जांच हो तो वही इस ब्लैक फंगस को लेकर अब बालोद जिला प्रशासन द्वारा दावा किया जा रहा कि मरीज की ब्लैक फंगस जांच रिपोर्ट नेगेटिव आई है। कलेक्टर जन्मेजय महोबे का कहना है कि हमें एम्स से रिपोर्ट प्राप्त हुई जिसमें नेगेटिव है। सीएमएचओ ने मुझे रिपोर्ट दी है। तो वही सीएमएचओ जयप्रकाश मेश्राम का कहना है कि धमतरी के डॉक्टरों की चूक की वजह से गलत जानकारी सामने आई। उन्हें इसकी कोई पुष्टि नहीं करनी थी। एम्स में जांच के बाद ही पुष्टि हुई है। डॉक्टरों को आशंका व्यक्त करना था। पहले से ही पुष्टि की बात मीडिया में दिए जाने से यह वायरल हुई और जब बाद में एम्स की रिपोर्ट आई तो उसमें ब्लैक फंगस की जांच रिपोर्ट नेगेटिव है।

धमतरी के विशेषज्ञ यह बात कह रहे

इधर जब हमने धमतरी जिला अस्पताल के विशेषज्ञ डॉक्टर जेएस खालसा से बात की तो उनका कहना था कि जो मरीज आया था उनके सीटी स्कैन में ब्लैक फंगस संबंधित लक्षण स्पष्ट थे और इसे देखते हुए उसे बेहतर जांच व इलाज के लिए एम्स रेफर किया गया था। तत्काल में जो परिस्थितियां थी उस हिसाब से हमने मीडिया को भी यही बातें कही थी। अभी आगे क्या हुआ उसकी रिपोर्ट हमें प्राप्त नही हुई है। मरीज हमारे पास दुबारा नही आया है।

बालोद जिले में ब्लैक फंगस
का एक भी सक्रिय मरीज नहीं- कलेक्टर

बालोद जिले में वर्तमान में ब्लैक फंगस का एक भी सक्रिय मरीज नही है। कलेक्टर जनमेजय महोबे ने बताया कि गुरूर विकासखण्ड के एक व्यक्ति को ब्लैक फंगस होने की खबर सत्य नही पाई गई है। उन्होंने बताया कि उक्त व्यक्ति में ब्लैक फंगस की खबर मिलने पर स्वास्थ्य विभाग से उक्त व्यक्ति का स्वास्थ्य संबंधी रिपोर्ट मंगाई गई थी। उक्त व्यक्ति का ब्लैक फंगस से संबंधित सैंपल जॉच हेतु एम्स रायपुर भेजा गया था। कलेक्टर ने बताया कि उक्त व्यक्ति का ब्लैक फंगस रिपोर्ट निगेटिव होने की पुष्टि एम्स रायपुर द्वारा की गई है। कलेक्टर ने बताया कि बालोद जिले में वर्तमान में ब्लैक फंगस का एक भी सक्रिय मरीज नहीं है।

4 विशेषज्ञों ने की थी ब्लैक फंगस की बात

मरीज धमतरी जिला अस्पताल शुक्रवार को सुबह करीब 11 बजे गया था। वहां के एमडी विशेषज्ञ डॉ. संजय वानखेड़े, डॉ. आभा हिशीकर, नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. जेएस खालसा और कान-नाक व गला रोग विशेषज्ञ डॉ. ए नसीम ने मरीज को देखा। जबड़े पर उभरे हल्के ब्लैक धब्बे और मेडिकल दस्तावेजों जांच की। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च द्वारा बताए ब्लैक फंगस के कुछ लक्षण मिले थे। करीब आधे घंटे की परीक्षण के बाद चारों विशेषज्ञों ने ब्लैक फंगस की पुष्टि की। मरीज को रायपुर एम्स रेफर किया था। अब इस मामले में बालोद जिला प्रशासन द्वारा एम्स से प्राप्त रिपोर्ट का हवाला देकर कहा जा रहा है कि बालोद जिले में एक भी एक्टिव केस ब्लैक फंगस के नहीं है।

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