मुख्यमंत्री का ये तर्क केवल ऑन लाइन रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था से कई वर्ग के टीकाकरण से वंचित होने की संभावना
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर की मांग
रायपुर। कोरोना वैक्सीन की पर्याप्त सप्लाई ना होने के चलते अंततः 1 मई को छत्तीसगढ़ में 18 प्लस वालों को टीका नहीं लग पाएगा तो है जिन जिन कंपनियों से सप्लाई होनी है वह जुलाई तक पूरी आपूर्ति करने की बात कर रहें हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि अगर पूरी सप्लाई होती है तो जुलाई में टीकाकरण होगा तो वही वर्तमान में अगर प्रारंभिक तीन लाख डोज आ जाती है तो मई के किसी भी हफ्ते में यह टीकाकरण शुरू हो सकता है। जैसे-जैसे डोज आती जाएगी टीकाकरण भी गति पकड़ेगी । वहीं मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को टीकाकरण में सर्वोच्च प्राथमिकता देने की मांग की है। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने पत्र में उल्लेख किया है कि भारत सरकार के दिशा निर्देशानुसार दिनांक 28 अप्रैल 2021 से कोविन पोर्टल पर कोविड के विरुद्ध वैक्सिनेशन हेतु इच्छुक 18 से 44 वर्ष के आयु वर्ग के हितग्राहियों का रजिस्ट्रेशन प्रारम्भ हो चुका है। हालाँकि यह जानकारी पोर्टल पर राज्यवार उपलब्ध नहीं है पर प्राप्त जानकारी अनुसार अब तक देश भर में इस आयु वर्ग के लगभग 1.7 करोड़ नागरिकों द्वारा कोविन पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करवा लिया गया है।
भारत सरकार के दिशा निर्देशानुसार इस आयु वर्ग के टीकाकरण हेतु वैक्सीन डोसेज़ का क्रय राज्यों द्वारा ही किया जाना है। इसी तारतम्य में राज्य द्वारा वैक्सीन के दोनो उत्पादकों को कोविशील्ड और कोवैक्सीन की 25-25 लाख डोसेज़ हेतु माँग प्रेषित की गयी। इनमें से एक उत्पादक (भारत बायोटेक) का ही उत्तर प्राप्त हुआ है जिसके अनुसार वांछित मात्रा में से मात्र तीन लाख डोसेज़ मई माह में राज्य को प्राप्त हो पाएँगी। ऐसी परिस्थिति में बड़ी संख्या में रजिस्ट्रेशन होने से और उस अनुपात में वैक्सीन डोज़ उपलब्ध न होने से टीकाकरण हेतु बनी सेशन साइट्स पर भीड़ प्रबंधन में समस्याएं उत्पन्न हो सकती है।
मुख्यमंत्री ने पत्र में उल्लेख किया है कि ऐसी परिस्थिति में वैक्सीन की कमी को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार द्वारा टीकाकरण हेतु इस आयु वर्ग में प्राथमिकता का कोई क्रम निर्धारित होना चाहिए और इस क्रम में सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।वर्तमान में रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था केवल ऑनलाइन ही उपलब्ध होने से भी सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की टीकाकरण से वंचित रहने की संभावना बढ़ जाती है।
मुख्यमंत्री श्री बघेल ने पत्र के अंत मे प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से अनुरोध किया है कि पूर्व की भांति 18- 45 वर्ष के आयु वर्ग के लिए भी ऑन साइट रजिस्ट्रेशन की सुविधा उपलब्ध हो ताकि टीकाकरण से कोई भी वंचित न रह पाए।
इधर स्वास्थ्य मंत्री का ये है कहना
छत्तीसगढ़ में कोरोना वैक्सीनेशन का तीसरा चरण एक मई से शुरू नहीं हो पाएगा। वैक्सीन उत्पादक सीरम इंस्टीट्यूट ने 25 लाख डोज वैक्सीन की फिलहाल आपूर्ति कर पाने में असमर्थता जता दी है। भारत बायोटेक ने जुलाई के आखिरी सप्ताह तक पूरी आपूर्ति की बात कही है। उसकी एक लाख डोज की पहली खेप आज यानी शुक्रवार को ही रायपुर पहुंचेगी। पर यह अभियान शुरू करने के लिए पर्याप्त नही है। स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने मीडिया को बताया, सीरम इंस्टीट्यूट की ओर से जवाब आया है। उन्होंने कहा है कि वे चार सप्ताह बाद यह बताने की स्थिति में होंगे कि छत्तीसगढ़ को कोविशील्ड वैक्सीन की आपूर्ति कब-कब और कितनी मात्रा में की जा सकेगी। अगले चार महीनों के लिए उनका पूरा स्टॉक बुक है। भारत बायोटेक दो दिन पहले ही अपना जवाब दे चुका है। उसके मुताबिक कंपनी की कोवैक्सीन के 25 लाख डोज जुलाई के अंतिम सप्ताह तक छत्तीसगढ़ को मिल पाएंगे। भारत बायोटेक ने जो शेड्यूल भेजा है उसके मुताबिक मई में वे कोवैक्सीन की 3 लाख डोज भेज पाएंगे। जून में 10 लाख और जुलाई में 12 लाख डोज। एक लाख डोज की पहली खेप शुक्रवार को पहुंच रही है। इतना ही वैक्सीन रहा तो किसे लगाएंगे और किसे मना करेंगे। ऐसे में पर्याप्त भंडार होने तक अभियान शुरू नहीं होगा। मई महीने में कोवैक्सीन के तीन लाख डोज मिलने हैं। अगर यह पूरा मिल गया तो सीमित केंद्रों पर अभियान शुरू किया जा सकता है। इतनी वैक्सीन से एक महीने तक रोजाना 10 हजार लोगों को टीका लगाया जा सकता है। कम वैक्सीन के साथ रिस्क नहीं लिया जाएगा। वैक्सीन कम पड़ गई तो अभियान रुक सकता है।
एक करोड़ 20 लाख को लगना है टीका
स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा, 18 से 45 वर्ष आयु वर्ग के लिए वैक्सीनेशन का पूरा अभियान राज्य सरकार को ही चलाना है। केंद्र सरकार इसमें कोई मदद नहीं कर रही है। करीब 1 करोड़ 20 से 30 लाख लोगों को यह टीका लगना है। फिलहाल हमने कोविशील्ड और कोवैक्सीन के 50 लाख डोज का ऑर्डर दे रखा है। केंद्र सरकार जो टीका भेजेगी उसे 45 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के टीकाकरण में ही इस्तेमाल किया जा सकेगा। इस वर्ग में भी बहुत कम लोगों को टीका लगना बाकी रह गया है।
जानकारों के मुताबिक सीरम इंस्टीट्यूट और भारत बायोटेक दोनों को मिलाकर वैक्सीन का मासिक उत्पादन 7 करोड़ डोज से कम है। इस मान से देश भर में रोज 24 लाख डोज की आपूर्ति होगी। देश के 80 करोड़ आबादी को वैक्सीन की दो डोज यानी यानी करीब 180 करोड़ डोज लगनी है। उत्पादन इतना ही रहा तो यह अभियान पूरा करने में कम से कम 23 महीने का समय लगेगा।
