धमतरी – ग्राम देवपुर निवासी पंचूराम रामरतन निषाद (49) ने 28 मार्च को खरेंगा केंद्र में आकर टीका लगवाया था। इसके बाद सातवें दिन उनकी माैत हाे गई। पंचूराम निषाद के बेटे घनाराम निषाद व तोरण ने बताया कि पंचूराम की तबियत टीकाकरण के बाद बिगड़ी गई।28 मार्च काे टीका लगवाने के पहले तक स्वस्थ थे। दाेपहर में टीका लगवाने साइकल चलाकर खुद गए। लाैटकर घर आए। शाम काे तेज बुखार आ गया। इसके बाद अगले दिन सांस लेने में दिक्कत हाेने लगी। दो दिन तक दिक्कत हुई। 2 अप्रैल को तबियत ज्यादा बिगड़ी। 3 अप्रैल को सुबह हालत बिगड़ती देख गांव के डॉक्टर को बुलाया गया। जांच कराई गई। तो उन्होंने बीपी कम और शुगर बढ़ने की जानकारी दी। साथ ही तत्काल धमतरी के बड़े अस्पताल ले जाकर भर्ती करने कहा। गांव से निजी वाहन कराकर पिता पंचूराम को इलाज कराने अस्पताल लेकर आ रहे थे। पहले खरेंगा स्वास्थ्य केंद्र ले गए। उन्हाेंने तुरंत धमतरी ले जाने के लिए कहा। धमतरी ले जा रहे थे रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। पिता की तबियत टीका लगने के बाद ही बिगड़ी। उनका शरीर बिल्कुल स्वस्थ था। ऐसे ही एक माैत कुरूद ब्लाॅक के हथबंद में भी हुई है।
लापरवाही किसकी? इस शख्स की हो गई कोरोना का टीका लगने के 7 वे दिन बाद मौत, पढ़िये पूरा मामला






