बालोद । न्यायालय के विनोद कुजूर विशेष सत्र न्यायाधीश बालोद जिला बालोद ने आरोपी परमेश्वर चंद्रवंशी उम्र 20 वर्ष निवासी आलिखूटा थाना तुमड़ी बोड़ जिला राजनांदगांव को भादवि की धारा 363 के अपराध में 3 वर्ष का सश्रम कारावास तथा धारा 366 भादवी के अपराध में 5 वर्ष का सश्रम कारावास, धारा 376 (2) (आई) के अपराध में 10 वर्ष का सश्रम कारावास तथा लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 की धारा 3 क के अपराध में 7 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा तथा कुल ₹3000 के अर्थदंड से दंडित किए जाने का आदेश पारित किया है। विशेष लोक अभियोजक छन्नूलाल साहू के अनुसार 10 फरवरी 2019 को थाना बालोद में प्रार्थीया ने इस संबंध में रिपोर्ट लिखाई थी कि 9 फरवरी को दोपहर लगभग 2:30 बजे उनकी नतनिन जिनकी उम्र 15 वर्ष 2 माह 19 दिन है,ग्राम मटिया स्थित घर से बिना बताए कहीं चली गई है और पता तलाश करने पर भी पता नहीं चला है। उक्त सूचना पर से थाना बालोद में गुम इंसान दर्ज कर पता तलाशी किया गया व थाना बालोद में धारा 363 भा द वि अज्ञात आरोपी के विरुद्ध पंजीबद्ध कर अनुसंधान प्रारंभ किया गया। विवेचना के दौरान पीड़िता को 21 सितंबर 2019 को आरोपी के कब्जे से बरामद किया गया। संपूर्ण विवेचना पश्चात न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया। जहां विचारण न्यायालय द्वारा साक्षियों के परीक्षण के पश्चात आरोपी परमेश्वर चंद्रवंशी को उक्त दंड से दंडित किया गया तथा छत्तीसगढ़ शासन द्वारा निर्मित यौन उत्पीड़न अन्य अपराधों से पीड़ित महिलाओं उत्तरजीवीयों के लिए क्षतिपूर्ति योजना 2018 के अंतर्गत क्षतिपूर्ति दिलाए जाने के संबंध में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बालोद को आदेशित भी किया गया।
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