ब्रह्माकुमारीज आत्मज्ञान भवन आमापारा बालोद की पहल, विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभाव और इससे बचने के उपायों की दी जानकारी
बालोद, 08 अगस्त 2026। भारत सरकार एवं ब्रह्माकुमारीज के संयुक्त तत्वावधान में चलाए जा रहे “10 करोड़ नशा मुक्ति प्रतिज्ञा महा अभियान” के तहत ब्रह्माकुमारीज आत्मज्ञान भवन आमापारा बालोद द्वारा बालोद विकासखंड के विभिन्न विद्यालयों एवं ग्राम पंचायतों में नशामुक्ति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। अभियान के अंतर्गत जमरूवा, हीरापुर, उमरादाह, परसोदा, अंगारी, करहीभदर, कन्नेवाड़ा, भेड़िया नवागांव और बीरेतरा के माध्यमिक एवं हाई स्कूलों तथा नर्रा, सिवनी, जगतरा एवं बरही के विभिन्न गांवों में विद्यार्थियों और ग्रामीणों को नशे के दुष्प्रभाव, नशे के कारण, नशे के प्रकार तथा नशा छोड़ने के उपायों की विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।
पहली बार ही नशे को कहें ना

कार्यक्रम के दौरान बी.के. पूर्णिमा दीदी ने विद्यार्थियों को नशे की गंभीरता के प्रति जागरूक करते हुए कहा कि जो व्यक्ति किसी को पहली बार नशे के लिए प्रेरित करता है, वह वास्तव में उसका सच्चा हितैषी नहीं हो सकता, क्योंकि वह उसके स्वास्थ्य और भविष्य को नुकसान पहुंचा रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि जब भी कोई उन्हें तंबाकू, बीड़ी या गुटखा जैसे नशीले पदार्थों का सेवन करने के लिए प्रेरित करे, तो पहली बार में ही स्पष्ट रूप से ‘ना’ कहें।
उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति पहले से नशे की गिरफ्त में है तो अच्छी आदतों को अपनाकर, सकारात्मक चिंतन करके और अपने जीवन को बेहतर दिशा देकर इससे बाहर निकलने का प्रयास किया जा सकता है। उन्होंने सकारात्मक विचारों के महत्व को बताते हुए विद्यार्थियों को आत्मविश्वास बढ़ाने वाले विचारों को जीवन में अपनाने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित विद्यार्थियों को राजयोग का अभ्यास भी कराया गया।
कमजोर मन को मजबूत बनाने पर जोर
बी.के. मनीष भाई ने कहा कि नशे की आदत से बाहर निकलने में मन की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने विद्यार्थियों को राजयोग मेडिटेशन के माध्यम से मन को शांत, एकाग्र एवं शक्तिशाली बनाने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राजयोग मेडिटेशन के माध्यम से आत्मचिंतन और एकाग्रता को बढ़ावा दिया जा सकता है।
उन्होंने विद्यार्थियों को पढ़ाई में एकाग्रता और स्मरण शक्ति के महत्व के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को पढ़ाई के दौरान एकाग्रता बनाए रखने में कठिनाई होती है, इसलिए नियमित ध्यान और सकारात्मक दिनचर्या उनके अध्ययन में सहायक हो सकती है। विद्यार्थियों को एकाग्र होकर अध्ययन करने, अच्छी आदतें अपनाने और अपने लक्ष्य के प्रति निरंतर प्रयास करने के लिए प्रेरित किया गया।
4 से 20 अगस्त तक चल रहा अभियान
गौरतलब है कि “10 करोड़ नशा मुक्ति प्रतिज्ञा महा अभियान” 4 अगस्त से 20 अगस्त 2026 तक पूरे भारत में चलाया जा रहा है। इसी क्रम में बालोद सेवा केंद्र से जुड़े स्थानीय भाई-बहनों द्वारा विकासखंड के विभिन्न उच्च प्राथमिक एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों सहित ग्राम पंचायतों में नशामुक्ति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
अभियान के माध्यम से विद्यार्थियों, युवाओं एवं ग्रामीणों को नशे से होने वाले शारीरिक, मानसिक, पारिवारिक एवं सामाजिक दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करते हुए नशामुक्त एवं स्वस्थ समाज के निर्माण में सहभागिता निभाने का संदेश दिया जा रहा है।
इनका रहा विशेष योगदान
कार्यक्रम को सफल बनाने में बी.के. विजयलक्ष्मी दीदी के मार्गदर्शन में बी.के. सरिता दीदी, बी.के. पूर्णिमा दीदी, बी.के. नेहा दीदी, भोपसिंह साहू, मनीष वैदे, पी.आर. सुधाकर, ईश्वर लाल उईके, कमलेश साहू, जगदीश पटेल, भूआर्य जी, टिकेंद्र नाथ योगी, युवराज कौशिक, खिलावन साहू, मोहन सेन, गणेश विश्वकर्मा, भूषण गोयल, तरुण साहू, धीरेंद्र देवांगन, रोहिणी साहू, हेमीन गोयल, चित्ररेखा चंद्राकर, प्रीति पटेल, दीपा शर्मा, डोमेश्वरी, मोनिका कौशिक एवं पलक सहित ब्रह्माकुमारीज सेवा केंद्र से जुड़े कार्यकर्ताओं द्वारा सक्रिय रूप से सेवाएं दी जा रही हैं।











