फसलों की सुरक्षा के लिए खुले मवेशियों की व्यवस्था की मांग, गौठानों के उपयोग का सुझाव; सड़क दुर्घटनाओं पर एसपी ने जताई चिंता
बालोद। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) बालोद जिला संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा एवं नवनियुक्त पुलिस अधीक्षक श्री किरण चव्हाण से सौजन्य मुलाकात की। विहिप जिला अध्यक्ष बलराम गुप्ता के नेतृत्व में पहुंचे पदाधिकारियों ने किसानों, मवेशियों, सड़क सुरक्षा सहित विभिन्न सामाजिक एवं जनहित के मुद्दों पर अधिकारियों से विस्तार से चर्चा की।
मुलाकात के दौरान विहिप पदाधिकारियों ने नवनियुक्त पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण का पुष्पगुच्छ भेंटकर स्वागत किया तथा उन्हें रामायण धर्मग्रंथ भेंट किया। वहीं विहिप मातृशक्ति की बहनों ने भी कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा को रामायण धर्मग्रंथ भेंट कर सामाजिक एवं जनहित से जुड़े विषयों पर चर्चा की।
किसानों की फसलों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया
विहिप प्रतिनिधिमंडल ने वर्तमान कृषि सीजन में किसानों के सामने आ रही समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए कहा कि बड़ी संख्या में मवेशियों के खुले में घूमने के कारण किसानों की फसलों को नुकसान होने की आशंका बनी हुई है। संगठन के पदाधिकारियों के अनुसार कई स्थानों पर दूसरे गांवों से मवेशियों को लाकर छोड़ने की शिकायतें भी सामने आती हैं, जिससे किसानों की परेशानी बढ़ रही है।
विहिप ने मांग की कि सड़कों एवं खेतों के आसपास खुले में घूमने वाले मवेशियों को व्यवस्थित रूप से रखने के लिए पूर्व में निर्मित गौठानों का उपयोग किया जाए। जिन गौठानों में पर्याप्त स्थान एवं सुविधाएं उपलब्ध हैं, वहां आवश्यक व्यवस्था कर मवेशियों को सुरक्षित रखने की पहल की जाए।
सड़क पर मवेशियों से होने वाली दुर्घटनाओं पर एसपी गंभीर
प्रतिनिधिमंडल ने सड़कों पर खुले में घूमने और बैठने वाले मवेशियों के कारण होने वाली दुर्घटनाओं का मुद्दा भी पुलिस अधीक्षक के समक्ष रखा। विहिप पदाधिकारियों ने कहा कि सड़क पर मवेशियों के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है और आम लोगों की सुरक्षा प्रभावित होती है।

पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण ने भी सड़क पर मवेशियों की समस्या को गंभीर बताते हुए इसके समाधान के लिए कार्ययोजना तैयार करने की बात कही। उन्होंने कहा कि इस विषय को आगामी कलेक्टर के साथ होने वाली बैठक में भी प्रमुखता से रखा जाएगा।
एसपी चव्हाण ने अपने गृह राज्य महाराष्ट्र का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां सामान्यतः किसान मवेशियों को घरों में ही रखने की व्यवस्था करते हैं और इस दिशा में जागरूकता भी अधिक है। उन्होंने छत्तीसगढ़ में भी जागरूकता के साथ व्यवस्थित व्यवस्था विकसित करने की आवश्यकता बताई।
धर्मांतरण सहित सामाजिक विषयों पर भी चर्चा
मुलाकात के दौरान विहिप पदाधिकारियों और पुलिस अधीक्षक के बीच धर्मांतरण से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई। संगठन के पदाधिकारियों ने जिले में विहिप की ओर से संचालित विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक गतिविधियों की जानकारी अधिकारियों को दी। इसके अलावा जनहित से जुड़े अन्य विषयों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
मवेशियों की सुरक्षा के साथ किसानों को राहत देने पर जोर
विहिप नेताओं ने कहा कि खुले में घूमने वाले मवेशियों की समस्या के समाधान के लिए प्रशासन के साथ समाजसेवी संगठनों, गौसेवकों, स्थानीय नागरिकों और किसानों को भी मिलकर प्रयास करना होगा। किसानों से अपने मवेशियों को सड़कों पर खुले में नहीं छोड़ने की अपील की गई।
संगठन ने कहा कि कृषि कार्य के दौरान यदि मवेशियों को व्यवस्थित रूप से गौठानों में रखने की व्यवस्था होती है तो इससे किसानों की फसलों की सुरक्षा के साथ मवेशियों को भी सुरक्षित स्थान मिल सकेगा। साथ ही प्रतिनिधिमंडल ने दावा किया कि ऐसी व्यवस्था से पशु तस्करी जैसी गतिविधियों पर भी रोक लगाने में मदद मिल सकती है।
ये पदाधिकारी रहे मौजूद
मुलाकात के दौरान विहिप जिला अध्यक्ष बलराम गुप्ता, जिला मंत्री पोषण बनपेला, जिला उपाध्यक्ष अजय अग्रवाल, जिला कोषाध्यक्ष राजेश सोनी, जिला उपाध्यक्ष ममता यदु, सह मंत्री उमेश सेन, समरसता जिला प्रमुख जितेंद्र सहाड़ा, जिला अध्यक्ष संत समिति विनोद गिरी गोस्वामी, फागू राम सिन्हा, किशन साहू, दल्ली राजहरा नगर मातृशक्ति संयोजिका श्रीमती ऊषा साहू, चिखलाकसा नगर संयोजिका सावित्री सोनी एवं जिला सेवा प्रमुख मातृशक्ति संगठन पुनीता पांडेय सहित विहिप एवं मातृशक्ति संगठन के पदाधिकारी उपस्थित रहे।











