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कलेक्टर दिव्या मिश्रा ने ली प्राचार्यों-शिक्षकों की बैठक, शिक्षा गुणवत्ता सुधार पर सख्त निर्देश

खराब परीक्षा परिणाम वाले शिक्षकों से मांगा जवाब, 85 प्रतिशत से कम उपस्थिति पर कार्रवाई की चेतावनी

बालोद, 07 अगस्त 2026। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में बालोद एवं डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों के प्राचार्यों और शिक्षकों की बैठक लेकर शिक्षा गुणवत्ता, विद्यार्थियों की उपस्थिति और परीक्षा परिणामों की गहन समीक्षा की। उन्होंने विद्यार्थियों को गुणवत्तायुक्त शिक्षा उपलब्ध कराने और आगामी परीक्षाओं में बेहतर परिणाम सुनिश्चित करने के लिए ठोस कार्ययोजना के साथ काम करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्कूलवार शिक्षा सत्र 2025-26 में कक्षा 10वीं एवं 12वीं के परीक्षा परिणाम, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की उपस्थिति तथा कमजोर विद्यार्थियों के प्रदर्शन में सुधार के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी ली।

खराब परिणाम वाले शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस

बैठक के दौरान जिन विषयों का परीक्षा परिणाम संतोषजनक नहीं रहा, उन विषयों के शिक्षकों से कलेक्टर ने सीधे कारण पूछा। उन्होंने खराब परीक्षा परिणाम के लिए संबंधित प्राचार्यों एवं शिक्षकों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी। जिला शिक्षा अधिकारी को संबंधित प्राचार्यों एवं शिक्षकों के विरुद्ध कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए गए।

कलेक्टर ने जून एवं जुलाई माह की स्कूलवार विद्यार्थी उपस्थिति की समीक्षा करते हुए कहा कि किसी भी स्थिति में विद्यार्थियों की उपस्थिति 85 प्रतिशत से कम नहीं होनी चाहिए। कम उपस्थिति वाले विद्यालयों में पालकों के साथ नियमित बैठक आयोजित कर बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

शिक्षकों की कमी वाले स्कूलों में होगी वैकल्पिक व्यवस्था

बैठक में शिक्षकों के रिक्त पदों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने बताया कि जिन विद्यालयों में विषयवार शिक्षकों की कमी है, वहां वैकल्पिक व्यवस्था के तहत संगवारी गुरुजी एवं मानसेवी शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी।

डीएमएफ प्रभावित क्षेत्रों के विद्यालयों में डीएमएफ के माध्यम से संगवारी गुरुजी की नियुक्ति की जाएगी, जबकि डीएमएफ प्रभावित क्षेत्र से बाहर के स्कूलों में शाला विकास समिति के माध्यम से मानसेवी शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। कलेक्टर ने शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नेवारीकला एवं शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सांकरा में शीघ्र संगवारी गुरुजी की नियुक्ति करने के निर्देश भी दिए।

बालिका शौचालय और स्कूल अधोसंरचना पर भी जोर

कलेक्टर ने विद्यालयों में अधोसंरचना से जुड़े कार्यों की समीक्षा करते हुए आवश्यकतानुसार जिला खनिज न्यास निधि एवं वीबी जीरामजी योजना से अतिरिक्त कक्ष, बालिका शौचालय और आहता निर्माण के प्रस्ताव तत्काल प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यालय में बालिका शौचालय की उपलब्धता सुनिश्चित करना आवश्यक है।

हर शिक्षक एक बच्चे को गोद लेकर सुधार में करें सहयोग

श्रीमती मिश्रा ने प्राचार्यों एवं शिक्षकों को एक-एक कमजोर विद्यार्थी को गोद लेकर उसके परीक्षा परिणाम में सुधार के लिए विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए। साथ ही विद्यालय के मेधावी विद्यार्थियों को चिन्हित कर उनके प्रदर्शन को और बेहतर बनाने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन देने को कहा।

उन्होंने बताया कि कक्षा 12वीं में उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने वाले गरीब एवं जरूरतमंद विद्यार्थियों को आगे की पढ़ाई के लिए स्पॉन्सरशिप योजना, सीएसआर एवं डीएमएफ के माध्यम से शिक्षण शुल्क और अन्य आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने का प्रावधान है।

गंभीर बीमारी से पीड़ित विद्यार्थियों को मिलेगी मदद

कलेक्टर ने गंभीर बीमारियों से पीड़ित विद्यार्थियों को राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएस) के तहत उत्कृष्ट शिक्षण संस्थानों में निःशुल्क उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने की जानकारी दी। उन्होंने अधिकारियों, प्राचार्यों एवं शिक्षकों को ऐसे विद्यार्थियों को चिन्हित कर समय पर जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

विद्यार्थियों को नशे से दूर रखना सामूहिक जिम्मेदारी

कलेक्टर ने विद्यार्थियों को नशे से दूर रखने के लिए विद्यालय स्तर पर जागरूकता गतिविधियां संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों को नशे से दूर रखना केवल शिक्षा विभाग ही नहीं, बल्कि पूरे समाज का सामाजिक उत्तरदायित्व है।

इसके साथ ही उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों को 30 जुलाई को जिला प्रशासन द्वारा आयोजित वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता के लिए धन्यवाद देते हुए पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन के कार्यों में निरंतर भागीदारी की अपील की।

बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी श्री दीपक दुबे, दोनों विकासखण्डों के शिक्षा अधिकारी, हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों के प्राचार्य, शिक्षक एवं शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

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