सड़क किनारे मिले व्यक्ति को टीम ने दी मदद, बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा को लेकर लोगों को किया जागरूक
बालोद, 07 अगस्त 2026। महिला एवं बाल विकास विभाग तथा जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में जिला बाल संरक्षण इकाई और चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम ने गुरूर विकासखंड के ग्राम पुरूर में विशेष जागरूकता एवं बाल संरक्षण अभियान चलाया। अभियान के दौरान बाल अपराध, बाल श्रम एवं भिक्षावृत्ति की रोकथाम के साथ बच्चों के अधिकारों, सुरक्षा और शिक्षा को लेकर लोगों को जागरूक किया गया।
कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार संचालित अभियान में बाल सक्षम नीति 2022 के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया गया। टीम ने झुग्गी-झोपड़ी, बाजार चौक, बस स्टैंड एवं विभिन्न वार्डों में पहुंचकर सड़क जैसी परिस्थितियों में रहने वाले बच्चों की स्थिति की जानकारी ली तथा उनके संरक्षण एवं पुनर्वास के संबंध में आवश्यक समझाइश दी।
भटके हुए व्यक्ति को सुरक्षित घर पहुंचाने में टीम ने की मदद

अभियान के दौरान टीम को एक भटका हुआ व्यक्ति मिला, जो अपने घर से दूर था। टीम ने संवेदनशीलता दिखाते हुए उसकी स्थिति की जानकारी जुटाई और आवश्यक सहयोग प्रदान करते हुए उसे सुरक्षित रूप से उसके घर तक पहुंचाने की पहल की। इस मानवीय पहल से यह संदेश भी दिया गया कि जिला प्रशासन एवं संबंधित विभाग बच्चों के साथ-साथ संकट में मिले जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए भी तत्पर हैं।
अभियान के दौरान एक घुमंतू परिवार भी मिला, जो मूल रूप से गोंदिया, महाराष्ट्र का निवासी बताया गया और पिछले पांच दिनों से पुरूर में रह रहा था। टीम ने परिवार को अपने गृह ग्राम लौटने तथा वहीं रहकर बच्चों की बेहतर देखरेख और उनकी शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रेरित किया।
बाल श्रम और भिक्षावृत्ति के खिलाफ जागरूकता

टीम द्वारा लोगों को बाल श्रम प्रतिषेध अधिनियम 1986 सहित बच्चों की सुरक्षा से जुड़े प्रावधानों की जानकारी दी गई। 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को बाल मजदूरी या भिक्षावृत्ति में लगाने से होने वाले दुष्परिणामों के बारे में समझाया गया तथा जरूरतमंद बच्चों को चिन्हित कर उनके संरक्षण, रेस्क्यू एवं पुनर्वास की प्रक्रिया के संबंध में जानकारी दी गई।
जिला प्रशासन एवं महिला एवं बाल विकास विभाग का यह अभियान बच्चों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने, उन्हें शिक्षा से जोड़ने और उनके समग्र विकास को सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। विभाग ने आम नागरिकों से अपील की कि कहीं भी बाल श्रम, बाल भिक्षावृत्ति, बाल अपराध या किसी बच्चे के शोषण की जानकारी मिलने पर तत्काल संबंधित विभाग को सूचना दें, ताकि जरूरतमंद बच्चों को समय पर संरक्षण और सहायता उपलब्ध कराई जा सके।










